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BiG News – प्रतिष्ठित एसकेडी मेमोरियल अवार्ड लगातार दूसरी बार बिहार के नाम, वर्ष 2020 ख़ातिर पटना DM कुमार रवि चयनित

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पटना Live डेस्क।बिहार कैडर के 2005 बैच के आईएएस अधिकारी व पटना के वर्त्तमान DM कुमार रवि को आईआईटी कानपुर द्वारा प्रतिष्ठित सत्येंद्र कुमार दुबे मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया जायेगा। इस संबंध में जिलाधिकारी कुमार रवि को आईआईटी कानपुर से सूचित किया गया है।

आईआईटी कानपुर के 61वें स्थापना दिवस के मौके पर 2 नवंबर को उन्हें सम्मानित किया जायेगा। चुकी कोरोन संक्रमण का दौर है कार्यक्रम वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए कुमार रवि को इस विशिष्ट सम्मान से नवाजा जाएगा। इस अवार्ड के लिए कुमार रवि का चयन उनकी उपलब्धियों-सफलता, कार्य में पारदर्शिता, ईमानदारी और अपने दायित्वों को निभाते हुए मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देने के लिए किया गया है।

पटना के 85वें डीएम है कुमार रवि

एक जनवरी 2018 को पटना के जिलाधिकारी के तौर पर कमान संभालने वाले बिहार कैडर के  2005 बैच के आईएएस अधिकारी है। उल्लेखनीय है कि बहुमुखीं प्रतिभा के धनी कुमार रवि ने देश की सर्वाधिक प्रतिष्ठित यूपीएससी की परीक्षा में कुमार रवि ने 10वां स्थान प्राप्त किया था।

कर्मठता की कहानियां-जनसुलभता की चर्चा

बतौर डीएम गया, दरभंगा और सुपौल आदि जिलों में जनमानस के लिए उपलब्धता,जनसंवाद, सहकर्मियों के साथ सहयोगपूर्ण रवैया और जनप्रतिनिधियों से बेहतर तालमेल के साथ जिला के विकास के लिए इनकी चर्चा आज भी की जाती है।

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 लगातार दूसरे साल बिहार के नाम

आईआईटी कानपुर द्वारा 2005 में सत्येंद्र कुमार दुबे की याद में यह अवार्ड शुरू किया गया। गया जिले में वर्ष 2003 को बहुचर्चित इंजीनियर सत्येंद्र दुबे की हत्या हो गई थी।

उस समय यह मामला काफी चर्चित हुआ था, क्योंकि सत्येंद्र दुबे ने अपनी हत्या से पहले नेशनल हाईवे अथॉरिटी में हो रहे भ्रष्टाचार के बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय तक को चिठ्ठी लिखी थी, उसके बाद गया रेलवे स्टेशन के पास उनकी हत्या कर दी गयी थी। यह पहला अवार्ड वर्तमान में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मिला था।

वर्ष 2019 DiG विकास वैभव,अब DM पटना

2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री आवास के सामने से अवैध गाड़ी को उठवा लेने का साहस दिखाने वाले IPS अधिकारी विकास वैभव को 2 नवम्बरवर्ष 2019 में IIT कानपुर सत्येंद्र कुमार दुबे मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया।

विकास पटना, बगहा, रोहतास और दरभंगा जिले में एसपी से लेकर एसएसपी तक की पोस्ट पर जनता की सेवा कर चुके हैं। विकास ने बिहार के चर्चित क्रिमिनल और माफियाओं पर बगैर किसी दबाव के नकेल कसने में संकोच नहीं किया। विकास अपने क्षेत्र के जिले में जनसंवाद कार्यक्रम शुरू करके जनता के दिलों में अपनी जगह भी बना चुके हैं। इस जनसंवाद कार्यक्रम में वे जनता से खुले मंच पर उनकी हर शिकायत को सुनते और उसका समाधान करवाते।

ट्रांसफर पर जनता सड़कों पर उतरी

                 उल्लेखनीय है बगहा पुलिस जिले में 2009 में उनकी ऐसी लोकप्रियता जनता के बीच हो गई थी कि किसी भी राजनेता को उनकी लोकप्रियता खल जाए। जब यहां से उनका ट्रांसफर हुआ तो जिले की जनता सरकार के विरोध में सड़कों पर उतर आई थी।

विकास वैभव को कानपुर आईआईटी के जरिए एसकेडी मेमोरियल अवॉर्ड से वर्ष नवंबर, 2019 में सम्मानित करना उनके कर्तव्यपरायणता, कर्मठता ईमानदारी और मानवीय जज्बातों को दर्शाता है, जिसके बल पर उन्होंने बिहार पुलिस को यह एहसास करवाया कि बिहार में सिर्फ अपहरण, हत्याओं को न रोक पाने वाले अधिकारी ही नहीं बल्कि विकास जैसे ऐसे अधिकारी भी मौजूद हैं जिनके सिर्फ ट्रांसफर पर ही जनता सड़कों पर उतर कर विद्रोह जैसे कदम उठा लेती है।

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