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Rupesh Murder Case-सियासी चोला,सेक्स और धोखा,कुछ वीडियो क्लिप्स,एक टैब और वो 6 बजे का वक्त

बहुत गड़बड़ था रूपेश सिंह का किरदार अब खुलने लगा है राज़,दिखने में बेहद सौम्य पर हक़ीक़त में बेहद ज़िद्दी और शातिर थे बोला एक साथ करने वाला शख्स,सियासी पकड़ और सुंदरता के थे रसिया,खुद को एक सेलीब्रेटी मानते थे।

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पटना Live डेस्क।राजधानी पटना में मंगलवार की शाम तकरीबन 7 बजकर 15 मिनट पर ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर कत्ल कर दिए गए इंडिगो एयरलाइन्स के मैनेजर रूपेश कुमार सिंह को लेकर सियासी गलियारों से लेकर पुलिस महकमे तक मे हड़कंप मच गया था। सियासी जगत से लेकर सूबे ब्यूरोक्रेसी में गहरे ताल्लुकात वाले रूपेश क हत्या से कोहराम मच गया, विपक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष की ओर से भी नीतीश कुमार के सुशासन पर सवाल खड़े किए जाने लगे।इस हत्याकांड से नाराज सीएम नीतीश ने बुधवार को डीजीपी से स्पष्ट कह दिया कि कुछ भी हो हल हाल में अपराध रूकना चाहिए।

रूपेश सिंह-एक शख्स कई चेहरे

लेकिन बीतते समय के साथ मक़तूल के व्यक्तित्व का सच भी तमाम आवरणों के बावजूद खुलने लगा है।दरअसल रूपेश उर्फ मंटु के कई चेहरे थे।एयरपोर्ट पर तैनाती का उन्होंने खुद खातिर भरपूर फायदा उठाया था। पटना का एलीट सर्किल हो या सियासी सर्कल खुद को बेहद प्रभावी ढंग से इस सर्कल का हिस्सा बना लिया था। खुद को बेहद प्रेजेंटेबल रखने वाले रूपेश ने सियासी अन्तः पुरो तक अपनी पैठ कायम कर ली थी। फला फल ये की बिहार के कई सियासी हैविवेट्स का दुलरुआ बन बैठा था।

          दरअसल, सोशल मीडिया का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए रूपेश ने एयरपोर्ट पर अपनी तैनाती का जमकर प्रचार प्रसार किया था। अमिताभ बच्चन से लेकर बेनीपट्टी वाले सौरभवा तक के साथ उनकी तस्वीरें थी।बिहार के हैवीवेट सियासतदानों से लेकर ब्यूरोक्रेसी के नामवर धुरंधरों से उनके नज़दीकी रिश्ते थे।उनका मोबाइल के नंबरों और तस्वीरों से भरे पड़े थे। खैर, वक्त अपनी रवानीपे था रिश्ते प्रोफेशनल पर्सनल में बदले और फिर शुरू हुआ मौज मस्ती और साथ घूमना फिरना। फिर इंट्री हुई ट्रिपल डब्लू की (वेल्थ वूमेन और वाइन)मस्ती सब को चाहिए कि साइकोलोजी को समझते हुए रुपेश ने खेल आरम्भ कर दीया।मौज मस्ती पार्टी और सबसे अच्छी बात सेक्रेसी क्योकि पब्लिक डोमेन में नही आना चाहिए न कि साहब भी…खैर

क्या सच मे ब्लाइंड मर्डर है या फिर….

मंगलवार की रात रूपेश सिंह के कत्ल से कोहराम मच गया सियासी गलियारों से लेकर कारपोरेट जगत और मीडिया जगत में क्योकि मक़तूल सबो का दुलारा था।हसमुख जिंदादिल और व्यवहार कुशल था। पुलिस बैकफुट आ गई चहु ओर से पटना पुलिस के लालत मलानत की बौछार हो गई।हाईप्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री का नाम दिया गया रूपेश के कत्ल को लेकिन इधर पटना पुलिस ने भी कमर कसते हुए सबसे पहले रूपेश को ही स्कैन करने की क़वायद शुरू दी।

रूपेश की कार,कार से मिला मोबाइल और उसकी कॉल डिटेल्स इत्यादि पर इसी बीच पुलिस को पता चला कि वो कुछ अन्य गैजेट भी इस्तेमाल करता था। वो था एक एप्पल का आईपैड एसआईटी ने उस डिवाइस को जब अपने कब्जे मे लिया और बारीकी से जांच की तो रूपेश के व्यक्तित्व का एक और पर स्याह पहलू उजागर होने लगा यानी कांड का रुख ही बदल गया और मामला लगभग साफ होने लगा।

दरअसल पुलिस किसी भी कांड में फाइव डब्लू (व्हेन,व्हेयर,व्हाई,हू,व्हाट) एच(हाऊ) के सिद्धांत पर वारदात की कड़िया आपस मे जोड़ती है।आईपैड और मोबाइल के बाद घटना स्थल के टावर डंप भी पुलिस ने रिकवर कर लिया। तकनीकि तरीके से मामले में अपराधियों को पकड़ने की कवायद में शुरुआती सफलताए मिली भी। 

टेंडर दिलाने के नाम पर 13 करोड़ लेने की बातें

अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि बिजली से जुड़े काम के लिए टेंडर दिलाने के नाम पर रुपेश ने तीन-चार लोगों से करीब 13 करोड़ रुपए लिए थे। हालांकि रुपेश उन लोगों को टेंडर दिलवाने में असफल रहे और इस बीच छपरा के जलालपुर और उसके आसपास के इलाके में बाढ़  की विभीषिका और करोना महामारी के दौरान अपने सियासी महत्वाकांक्षा के तहत जमकर राहत सामग्री का वितरण किया।

बताया जाता है कि उस दौर में टेंडर के नाम पर मिले रुपयों से ही उन्होंने पीड़ितों की दिल खोलकर न केवल मदद की थी बल्कि लगातार उक्त मुहिम को जारी रखा था। दरअसल,रूपेश सिंह की इच्छा मढ़ौरा से विधानसभा चुनाव लड़ने की थी। इसी वजह से वो समाजसेवा को लेकर काफी एक्टिव थे।

3 बाइक पर 6 अपराधी थे सवार

हत्या के बाद खबर यह सामने आयी कि अपराधियों की संख्या दो थी, जो घटना को अंजाम देने के लिए पहले से घात लगाए थे। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी और बुधवार को एयरपोर्ट से लेकर पुनाईचक और उनके घर शंकर पथ तक में लगे सभी सीसीटीवी कैमरा को पुलिस की विशेष जांच टीम ने खंगालना शुरू किया तो यह बात सामने आई कि अपराधियों की कुल संख्या 6 थी। ये सभी तीन बाइक से आए थे। ये अपराधी एयरपोर्ट से ही रुपेश के निकलने के साथ थे। हर एक बाइक पर दो अपराधी सवार थे। इनमें से एक बाइक पर सवार दो अपराधी मेन गली के मोड़ पर ही रूक गया था। जबकि, दो अलग-अलग बाइक पर 4 अपराधी शंकर पथ के अंदर गए। इनमें से एक बाइक से दो अपराधी रुपेश के कार तक गए और बैक टू बैक गोली मारकर फरार हो गए।
टावर डम्प में मिला पुर्वांचल का एक्टिव सिम

इस हाईप्रोफाईल हत्याकांड की जांच के क्रम में पुलिस की विशेष टीम ने वारदात स्थल और उसके आसपास के टावर लोकशनों को खंगाला। टावर कनेक्ट हुए मोबाइल नंबरों की पहचान की गई। इसमें एक मोबाइल नंबर संदिग्ध पाया गया है, जो उत्तर प्रदेश का है। सिमकार्ड वोडाफोन कंपनी का और नंबर उत्तर प्रदेश ईस्ट का था। सिमकार्ड के जरिए कनेक्शन सीधे गाजीपुर से जुड़ रहा है। संदिग्ध मोबाइल नंबर किसका है? उसका इस्तेमाल कौन कर रहा था? इसकी पड़ताल जारी है। दूसरी तरफ एक टीम रुपेश के कॉल डिटेल्स की भी जांच कर रही है।

रडार पर पटना व बेगूसराय का शूटर

एक बात तो बिल्कुल स्पष्ट है। हत्या को सुपारी किलर ने अंजाम दिया है। गोली पुर्वांचल के शूटर ने ही मारी है। लेकिन उसको लोकल अपराधी का फूल सपोर्ट और हथियार मिला साथ ही बाइक वगैरह भी उसने ही प्रोवोइड कराया है। वाहनों को ढूढना भी टेढ़ी खीर है क्योंकि बाइक्स पक्का चोरी की होगी फर्जी नंबर वाली।

पुलिस के रडार पर बेगूसराय का एक शूटर भी आया है। जिसका कनेक्शन पटना के एक लड़की से होने की बात सामने आ रही है। दरअसल, बेली रोड के एक इलाके की रहने वाली लड़की को अक्सर रुपेश सिंह के साथ देखा जाता था। कई बार रुपेश उसे घर तक छोड़ने भी गए थे। हालांकि इन दोनों के बीच किस तरह का कनेक्शन है? यह बात स्पष्ट नहीं है। लड़की हाइप्रोफाइल है और कई बड़े लोगों तक उसकी भी पहचान है। पुलिस की टीम इस प्वाइंट पर भी जांच कर रही है।

अब तक 200 लोगों से पूछताछ

एयरपोर्ट से लेकर पुनाईचक स्थित घर, छपरा के जलालपुर स्थित पुश्तैनी घर से लेकर गोपालगंज तक पुलिस की अलग-अलग कई टीम जांच, पूछताछ और अपराधियों का सुराग लगाने में जुटी हुई है। इस हत्याकांड को लेकर अब तक करीब 200 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। पटना पुुुलिस को रूपेश के जेंटलमैन आवरण के पीछे केहर सच के बाबत अब कोई शकों शुबाह नही रह गया है।तभी तो बुधवार को होने वाली एक प्रेसवार्ता  को रोक दी गई। 

कम्प्रोमाइज़ … सेक्स …ब्लैकमेलिंग …और दगाबाजी ….. रिजल्ट धाय धाय  …..  कहानी अभी लंबी है और कई किरदार बाक़ी है। 

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