बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

और रोयन….सब को रोता हुआ छोड़ कर बहुत दूर चला गया कुछ खूबसूरत यादें छोड़ गया, डॉ शांति राय परिजनों पर टूट दुःखो का पहाड़

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पटना Live डेस्क। रोयन यही वो नाम है जिससे उसके जानने वाले और चाहने उसके दोस्त उसके सहपाठी उसको बुलाया करते थे। वो एक बेहद संवेदनशील लड़का था। 22 साल की छोटी सी उम्र में कैमरे से दुनिया के सच को तलाशता रहता था। पर अब उसके माता पिता और सगे संबंधियों की नज़रे उसे तलाश रही है। जयंत को ट्रेवलिंग का बहुत शौक था। वो अक्सर नई नई जगहों पर जाता और वहां फ़ोटो खींचता था।
डॉ शांति राय के पोते जयंत की डेड बॉडी को अंतिम संस्कार के लिए गंगा घाट ले जाया रहा है। हर आँखें रो रही हैं जयंत को तलाश रही है। पर अब अनंत की यात्रा पर निकल चुके जयंत की सिर्फ यादें शेष है।
अपने फेसबुक पेज पर जयंत ने कुछ दिनों पहले ही एक पिक्चर अपलोड किया था। उस तस्वीर एक कैमरा है और लिखा है …

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