Super Exclusive (Exclusive video) पटना में महिला सिपाही की गुंडागर्दी थाने में घुसकर बुजुर्ग को पीट पीट कर किया लहूलुहान, फिर हों गई फरार

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शशि यादव, ब्यूरो कॉर्डिनेटर, पटना 

#महिला सिपाही की गुण्डई का गवाह बना पत्रकार नगर थाना, पुलिस लाइन में पोस्टेड है आरोपी

#पारिवारिक विवाद में भाई के बुजुर्ग ससुर को पीट पीट कर किया लहूलुहान, नाक टूटी

#थाने में घुसकर पुलिस कर्मियों के सामने की पिटाई और फिर हो गई फरार

पटना Live डेस्क। बिहार पुलिस के जवानों और अधिकारियों की बदकारी,बदतमीजी और गुण्डई के किस्से तो आप ने बहुत सुने और देखे है। लेकीन गुरुवार को राजधानी पटना में एक महिला पुलिसकर्मी की दंबगई और गुण्डई ने पूरे पुलिस महकमे को सन्न कर दिया। महिला सिपाही ने जो गुण्डई का मुजाहिरा किया है वो शायद पटना पुलिस के इतिहास में अबतक का सबसे अद्वितीय कांड होगा। महिला सिपाही ने वर्दी की हनक में थाने में घुसकर एक बुजुर्ग शख्स को न केवल जमकर पीटा बल्कि मार मार कर नाक तोड़ दिया। खून से लथपथ बुजुर्ग शख्स थाने में ही ज़मीन पर ढेर हो गया। वही महिला सिपाही तांडव मचाकर थाने से फरार हो गई। महिला पुलिस की दबंगई और गुण्डई के बाबत जब सिटी एसपी राजेन्द्र कुमार भील से पूछा गया तो उनका कहना रहा कि कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया है। आरोपी की पहचान कर उसे सस्पेंड कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, गुण्डई का मुजाहिरा करने वाली महिला पुलिस सिपाही की पहचान पूजा उर्फ शिप्रा रानी के तौर पर पीड़ितों ने की है। यह महिला सिपाही पटना पुलिस लाइन में तैनात है। पत्रकार नगर थाने में घुसकर जिस बुजुर्ग शख्स की सिपाही पूजा ने अपने भाई के साथ मिलकर मारपीट कर नाक तोड़ दिया है, उस शख्स का नाम आनंद ठाकुर है। जो मूल रूप से शेखपुरा जिले के निवासी है। घायल शख्स पूजा के भाई विक्रम कुमार का रिश्ते में ससुर लगता है। यह मामला दहेज प्रताड़ना से जुड़ा है।


बकौल पीड़ित आनंद ठाकुर उन्होंने अपनी ने अपनी बेटी कविता कुमारी की शादी पूजा के भाई विक्रम कुमार से इसी साल फरवरी महिने में बड़े धूमधाम से किया साथ ही यथासंभव जो भी दान दहेज की मांग हुई उसको पूरा भी किया था। शादी की तस्वीर में उक्त महिला सिपाही भी शामिल हुई थी। हँसी खुशी बेटी को पति के साथ पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के कंकड़बगीचा स्थित ससुराल विदा किया।

लेकिन, बीतते समय के साथ दामाद और बेटी के ससुराल पक्ष द्वारा कई मांगे की जाने लगी। जो पूरा न करने पर उनकी बेटी को प्रताड़ित किया जाने लगा। वही बकौल कविता के पति विक्रम, देवर जस कुमार और बिहार पुलिस की महिला सिपाही के तौर पर तैनात उसकी ननद पूजा कुमारी पिता से नई बाइक समेत अन्य सामान खरीदवाने ख़ातिर लगातार मारपीट करते थे। बेटी द्वारा ससुराल में खुद पर किये जा रहे जुल्म की बात पता चलने पर पिता काफ़ी दुखी हुए और गुरुवार को पटना पहुचे ताकि मामले को सुलझाया जा सके और बेटी को कुछ दिनों ख़ातिर अपने साथ शेखपुरा विदाई कराकर ले जा सके।

लेकिन आंनद ठाकुर जब पटना के कंकड़बग़ीचा स्थित अपनी बेटी के ससुराल पहुचे तो न केवल दामाद विक्रम और उनके घर वालो ने उनके साथ भी बदसलुकी कर दी बल्कि बेटी को विदा करने से मना करते हुए स्पष्ट कर दिया कि जबतक डिमांड नही पूरी होगी आपकी बेटी की विदाई नही होगी चाहे 5 साल भी हो जाये।

खुद के साथ हुई बदसलुकी के बावजूद आंनद ठाकुर मामले को संभालने की कोशिश करते रहे लेकिन जब उनके साथ धक्कामुक्की और घर से बाहर निकलने की कोशिश होने लगी तो उनका धैर्य जवाब दे गया तब उन्होंने स्थानीय थाना पुलिस से संपर्क किया। पुलिस बुलाने की बात पर तो बवाल ही हो गया। वही बकौल कविता के ननद सिपाही पूजा ने धमकी देते हुए कहा कि ज्यादा करोगी या कुछ बोलोगी तो जान मारकर गायब कर देंगे। वही, कविता ने बताया कि पूर्व में भी पूजा द्वारा उसके साथ कई बार मारपीट किया गया।

वही, इस लोमहर्षक कांड में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या थाने में घुसकर किसी फरियादी को पीटना जायजा है ? क्या यह थाने की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह नही लगाता है ? सबसे अहम सवाल आखिर इतना बड़ा कांड करने के बाद आरोपी सिपाही थाने से कैसे फरार हो गई ? क्या थाना पुलिस ने सहयोग किया ? यह तमाम सवाल पटना पुलिस की छवि पर सवाल की तरह है जो पहले से दागदार खाकी पर और कालिख पोतते प्रतीत हो रहे है।

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