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Positive News : किसानों का दर्द समझकर बिहार के इस मुखिया ने तत्काल अपने फण्ड से करवा दिया चेक डैम का निर्माण

बभंनगामा पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी गांव को आपस में आर्थिक, सामाजिक, व्यवसायिक व पारिवारिक सामंजस्य में जोड़ने हेतु हर सफल प्रयास करने वाले मुखिया दिगंबर मंडल ने सरकारी महकमे की घोर अनदेखी के बावजूद भी किसानों को 3 चेक डैम का उपहार सौंपा है।

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पटना Live डेस्क। जनता की हर मांग व समस्याओं का प्रतिनिधित्व करने वाला ही असल में जनप्रतिनिधि कहलाने का अधिकारी है। यह बात अक्षरशः बरहट प्रखंड (बांका) के बभनगामा पंचायत के मुखिया दिगंबर मंडल (Digambar Mandal) पर फिट बैठता है। अपने क्षेत्र की तमाम मूलभूत समस्याओं पर सरकार की अनदेखी के बावजूद भी लगातार जूझते हुए कोशिश करते रहे हैं कि किसी भी तरह क्षेत्र के हर वर्ग तक सर्वांगीण विकास का कुछ अंश पहुंचाया जा सके।

बभंनगामा पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी गांव को आपस में आर्थिक, सामाजिक, व्यवसायिक व पारिवारिक सामंजस्य में जोड़ने हेतु हर सफल प्रयास करने वाले मुखिया दिगंबर मंडल ने सरकारी महकमे की घोर अनदेखी के बावजूद भी किसानों को 3 चेक डैम का उपहार सौंपा है। हालांकि व्यक्तिगत रूप से उनके लिए यह कार्य असंभव था लेकिन कहते हैं कि ना करने के हजार बहाने हो सकते हैं और करने के सिर्फ एक बहाने वह है “समाज सेवा”।

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दरअसल, मामला बांका जिले के बरहट प्रखंड अंतर्गत बभनगामा ग्राम पंचायत का है। जहां पथरा बजार जाने वाली सड़क के निर्माण के दौरान रास्ते के दोनों ओर से मिट्टी उठाकर भराई का कार्य किया गया था, जिसके कारण रास्ते के दोनों तरफ गड्ढा बन गया। गड्ढे की वजह से किसानों को अपने खेत तक जाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। असीम कठिनाइयों का सामना करने वाले सभी किसानों ने इस पुल के निर्माण के बाद राहत की सांस ली है। 3 में से 2 पुल निर्माणाधीन है और एक बनकर तैयार हो चुका है जिसका सीधा लाभ खेतिहर मजदूर और किसानों को मिल रहा है।

इस पुल के बन जाने से दूर-दराज के गांव से आकर काम करने वाले खेतिहर मजदूरों को भी बहुत सुविधा मिली है जिससे वह सड़क के इस पार से खेत तक आसानी से पार कर पाएंगे साथ ही सिंचाई व्यवस्था को खुद कंट्रोल कर सकेंगे। यह कार्य जितना उपयोगी किसानों के लिए था उतनी ही प्राथमिक कार्य मुखिया दिगंबर मंडल के लिए था। लेकिन तंत्र की कारगुजारी के कारण इस पर संज्ञान नहीं लिया गया। किसानों की अरदास पर प्राथमिकी से संज्ञान लेते हुए मुखिया दिगंबर मंडल ने युद्ध स्तर पर इस परियोजना को महज हफ्ते भर के अंदर पूरा करके एक साहसिक और सामाजिक कार्य का माइलस्टोन सेट किया।

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