बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

BiG News-बिहार के मोस्ट वांटेड बंटी बबली बिल्डर पति पत्नी को एसटीएफ ने दबोचा, करोड़ों का फर्जीवाड़ा कर चल रहे थे फरार

करोड़ो करोड़ रुपए गबन के आरोपी और लंबे समय से फरार पाटलिग्राम बिल्डर के मालिकान पति पत्नी को आखिरकार स्पेशल टास्क फोर्स ने हाईकोर्ट से मिली जिम्मेदारी के बाद कोलकाता से घर दबोचा और अब ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाया जा रहा है। रंगीन मिज़ाज़ और सियासी कनेक्शन वाले प्रभात 2 कंपनियों में निदेशक हैं तो वही पत्नी की भी 2 कंपनियों में डायरेक्टरशिप है

165

पटना Live डेस्क। आमआदमी के सपने यानी परिवार के सिर पर एक अपनी छत के लुटेरे ठग दंपति प्रभात कुमार रंजन उर्फ उदय सम्राट और प्रिया कुमारी उर्फ प्रिया मिश्रा को आखिरकार काफ़ी लंबी आंख मिचौली के बाद बिहार एसटीएफ ने कोलकाता से धर दबोचा है।गिरफ्तार बंटी बबली (पति पत्नी) पर फ्लैट और जमीन के नाम पर आम आदमी समेत इंवेस्टर्स के करोड़ों रुपया गबन करने का आरोप है। दोनों के ही उपर राजधानी पटना के कोतवाली,दानापुर,शाहपुर थाना समेत सूबे के अन्य जिलों शिवहर,मुज़फ्फरपुर,गया व अन्य दूसरे जिलों में भी काफी सारे FIR दर्ज हैं। मिली जानकारी के अनुसार लगभग डेढ़ दर्ज़न से ज्यादा मामले इस शातिर ठग दंपति पर दर्ज है।

प्रभात कुमार रंजन और उसकी पत्नी मूल रूप से जहानाबाद जिले के घोषी थाना के तहत बड़की बभनपुरा के रहने वाले हैं। पटना में दानापुर थाना के तहत शाहपुर इलाके में रह रहे थे। एक के बाद एक कई फर्जीवाड़े केस इनके उपर दर्ज होते चले गए। पटना के ही शाहपुर थाना में दर्ज केस में ये दोनों पति-पत्नी फरार चल रहे थे। पहले इधर उधर और कुछ दिन रांची में रहने के बाद इन्होंने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में अपना ठिकाना बना लिया था।

प्रभात कुमार रंजन से उदय सम्राट तक

करोड़ो की ठगी में गिरफ्तार प्रभात कुमार रंजन और उसकी पत्नी मूल रूप से जहानाबाद जिले के घोषी थाना के तहत बड़की बभनपुरा के रहने वाले हैं। प्रभात रंजन ने पटना में वर्ष 2014 में 2 लोगो के साथ मिलकर AVN Samrat Construction & Developers pvt ltd के नाम एक कंपनी शुरू की। कंपनी में अन्य 2 लोगो जितेंद्र कुमार और नादिर कैसर बतौर निदेशक शामिल हुए। इस कंपनी का रजिस्टर्ड दफ़्तर लोवर दरगाह रॉड, नियर अर्ज़न एस्टेट मेहराब,महेंद्रू है। लेकिन महज 2 साल के बाद प्रभात ने Patligram Builders Private Ltd. के नाम से एक नई कंपनी बनाई। इसने प्रभात और प्रिया कुमारी बराबर के साझीदार बने और इसका दफ़्तर 1st फ्लोर बी.एम कॉप्लेक्स, खगौल रोड, सगुना मोड़ पटना में खोला। फिर क्या था आम आदमी के सपनो को साकार यानी सिर पर एक छत उसके बजट में दिलाने के नाम पर बेहद शातिराना खेल शुरू कर दिया। तमाम बड़े होर्डिग्स और जमकर प्रचार प्रसार हुआ तो पैसे की आवक बढ़ गई। तो जिंदगी के हाव भाव बदले पैसा आया तो बुराइयों ने भी दस्तक दी ऐय्याशी चरम पर पहुच गई।चुकी सियासी सरपरस्ती भी हासिल थी तो यह और निर्भीक हो गया और देखते ही देखते बिल्डर से फर्जीवाड़े का मास्टर बन गया।

लेकिन कहते है न आखिर झूठ और फ़रेब कब तक चलता आखिरकार बुलबुला फूटने लगा और इनके फर्जीवाड़े खुलने लगे। अबतक ये शातिर जोड़ी 90-100 करोड़ का खेल कर चुके थे। जब दबाव बढ़ने लगा तो उन्होंने चेक देने शुरू किए और फिर वो लगातार बाउंस होने लगे। नतीजतन मामले दर्ज़ होने लगे। उस दौरान ये पटना में दानापुर थाना के तहत शाहपुर इलाके में रह रहे थे। एक के बाद एक कई केस इनके उपर दर्ज होते चले गए। फिर ये पटना से फरार हो गए। पहले इधर उधर और कुछ दिन रांची में रहने के बाद इन्होंने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बस गए।

STF ने कोलकाता से किया गिरफ्तार

 

 

बिहार के कई जिलो के थानों में इस बंटी बबली की जोड़ी के ख़िलाफ़ मामले दर्ज होने के बाद भी जब बिहार पुलिस इनको दबोच न पाई तो आखिरकार पटना हाइकोर्ट ने दर्ज़ मामले 10850 / 2021 की सुनवाई के दौरान 25 मई को एक आदेश दिया और सीधे बिहार STF को फरार चल रहे उदय सम्राट और पत्नी को हर हाल में गिरफ्तार करने को कहा।

STF के अधिकारी बताते हैं कि इन दोनों को पकड़ने के लिए उनकी तरफ से एक-दो नहीं, बल्कि कई टीम बनाई गई थी। सबसे पहले बिहार के कई जिलों में इन्हें खंगाला गया। फिर इनपुट मिलने पर झारखंड की राजधानी रांची के लाल बजार व अशोक नगर फिर धुर्वा में टोह लगाई गई। लेकिन नतीजे सिफर रहे। लेकिन मामला गम्भीर था हाईकोर्ट का आदेश था। तलाश व सुरागकशी लगातार जारी रही। इसी बीच एक बेहद खास जानकारी एसटीएफ को मिली। इनपुट मिला कि फरार सम्राट अपने बीवी संग कोलकाता में रह रहा है।

                      एसटीएफ ने कोलकाता का रुख किया। लेकिन इनके सही व सटीक एड्रेस से टीम वाकिफ नहीं थी। लेकिन बगुइयाती थाना क्षेत्र में इनके किसी अपार्टमेन्ट में रहने की पक्की सूचना थी। काफी मशक्कत के बाद उक्त अपार्टमेंट को चिन्हित किया गया।शुक्रवार की सुबह सबेरे उक्त फ्लैट का दरवाजे पर एसटीएफ दस्ते ने दस्तक दी दरवाज़ा खोलते ही सामने बिहार पुलिस के स्पेशल दस्ते को देख बंटी बबली समझ गए कि उनका खेल खत्म हो गया और फिर दोनों को अब ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाया जा रहा है। इसके बाद इन दोनों से पूछताछ भी होगी ताकि इनके शिकार बने लोगो को उनकी खून पसीने की कमाई का हिसाब किताब किया जा सकें।

Comments are closed.