BiG News – जानिए किन के कंधों पर सौपी गई है राजधानी के सुरक्षा की महती जिम्मेदारी-मिलिए नवनियुक्त SSP उपेन्द्र शर्मा से

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पटना Live डेस्क। नववर्ष ट्वेंटी20 की बधाई के साथ ही बिहार सरकार ने सूबे की राजधानी पटना के लॉ एंड ऑर्डर को पुरसुकून बनाये रखने की जिम्मेदारी 2008 बैच के बिहार कैडर के IPS अधिकारी उपेन्द्र कुमार शर्मा को सौप दी है। जिन मजबूत कंधो पर शहर और शहरवासियों के सुरक्षा की महती जिम्मेदारी सौपी गई है, इसके बात आपके मन मे भी कई सवाल होंगे तो मिलिए नवनियुक्त SSP पटना IPS उपेन्द्र कुमार शर्मा से ….

राजधानी पटना के नवनियुक्त एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा बहुमुखी प्रतिभा के धनी है। मेहनती उपेंद्र एक विनम्र पृष्ठभूमि से हैं। एक बेहद संवेदनशील व्यक्तित्व के साथ एक प्रखर वक्ता और कलम के ज़रिए शैक्षणिक,सामाजिक और वर्त्तमान परिवेश के प्रति बेहद सजगता से शाब्दिक उल्लेख करने वाले इस शख्स का जन्म 4 सितंबर,1983 को हुआ। अपनी स्कूली शिक्षा की शुरुआत धनबाद के चर्चित स्कूल डे नोबेली स्कूल धनबाद, सिंदरी और फिर साबरी विद्यालय वडोदरा से पूरी की। अपनी एकेडमिक्स पूरी कर उपेंद्र नेवडोदरा के एमएस विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया।

बेहद विनम्र पृष्ठभूमि के इस प्रखर प्रणेता को संस्कार और सम्यक व्यवहारिक ज्ञान माता पिता और परिजनों के सानिध्य में मिला। अपने विचारों को ज्ञान के प्रकाश ने नित नए आयाम देते हुए उपेंद्र ने तकनीकी शिक्षा पूर्ण करने के बाद अगले 9 वर्षों में मैकेनिकल इंजीनियर बनने की तरह छोटी और बड़ी सफलताओं की एक सशक्त चारदीवारी अपने उन्नयन काल मे खड़ा किया। इस दौरान एक साल के लिए एलएंडटी के साथ काम करना, 3 वर्षों के लिए एनटीपीसी के साथ और फिर मध्यवर्गीय परिवार की सबसे बड़ी ख्वाब सरकारी नौकरी भी के तहत उन्हें अपना पहला पेशेवर ब्रेक 1999 में पूर्व मध्य रेलवे के तहत टीटीई के रूप में मिला।

                 लेकिन,नियति और समय ने इस तिमिर के पथिक लिए कुछ और ही लक्ष्य निर्धारित कर रखा था। चुकी लगन सच्ची थी तो समय के इस पथिक को सफलताओ के एहसास से उद्वलेति करने उत्प्रेरक की भूमिका का निर्वहन कर रहा था। मंज़िल करीब आ रही थी उत्साह और उम्मीदें इस कर्मठ व्यक्तित्व को नित नए बिहान रुपी सफलताएं दे रही थी। UPSC के साथ IES अर्हता प्राप्त किया तो सफ़लता ने जोरदार अंगड़ाई ली और फिर UPSC में वर्ष 2008 में 125वां रैंक हासिल कर बिहार कैडर में आईपीएस बने।

2 साल के प्रशिक्षण के बाद, बिहार कैडर आवंटन के तहत 2010 में बिहार में योगदान दिया। तकनीकी और शारीरिक प्रशिक्षण के बाद ज़मीनी हकीकतों से रूबरू होने ख़ातिर  रोहतास जिले में प्रशिक्षित किया गया था जो वास्तव में व्यावहारिक पुलिसिंग सीखने के लिए एक जगह थी।

खाकी में इंसान की यात्रा प्रारंभ

उपेंद्र ने वर्ष 2010 में बातौर एएसपी भभुआ के बेहद सघन  नक्सल पैठ वाले वारजोन और प्रभावित क्षेत्र में पुलिसिंग की बारीकियों को समझा और जाना। युवा जोश और उत्साह कुछ कर गुजरने की अदम्य लालसा में 10 महीने तक विश्वासघात- प्रतिघात और लाल आतंक के खात्मे की जंग में जोरदार भूमिका निभाई और फिर शुरू हुआ तैनाती और विरमित होने का सफर।

सिटी एसपी पटना उपेंद्र शर्मा

पटना में सिटी एसपी के रूप में तैनात किया गया। 5 महीने बाद, उन्हें राज्य के सबसे कठिन आरोपों में से एक दिया गया और उन्हें जनवरी 2012 में एसपी, जमुई के पद पर नियुक्त किया गया। उन्होंने जमुई के लोगों के लिए उल्लेखनीय सेवा की, जिसके लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है। जमुई को बिहार का दंतेवाड़ा माना जाता है, इसलिए जिले में पुलिसिंग के कठिनाई स्तर की डिग्री आसानी से समझ में आती है।

2 साल के सफल कार्यकाल के बाद, उन्हें एसएसपी, दरभंगा के रूप में तैनात किया गया था। उस जिले में सेवा के एक वर्ष के बाद ही अक्टूबर 2013 में एक जघन्य नक्सली घटना के मद्देनजर उनका तबादला कर दिया गया और उन्हें औरंगाबाद में औरंगाबाद भेज दिया गया। उन्होंने वहां 2 साल तक सेवा की और जिले में शांति वापस लाई जो अन्यथा उबलते थे। लाल आतंक का खतरा। फरवरी 2015 से, वह आज तक बक्सर समेत के विभिन्न संवेदनशील जिलों में सेवा करते हुए। मोतिहार में आम लोगों को सुरक्षित करने और शांति लाने के अपने प्रयास को जारी रख रहे।

पटना एसएसपी बनाये गए

बिहार कैडर के अमूमन हर आईपीएस अधिकारी की चाहत रहती है कि राजधानी पटना में जरूरी तैनाती मिले। दरअसल, यह सूबे का न केवल विशिष्ट जिला है बल्कि सूबे के कमांड सेंटर है। अतः यहां की तैनाती तलवार की धार के समान है जहाँ सजगता ही सफ़लता है वर्ना तो … । उपेंद्र  पटना के एसएसपी के तौर पर तैनात हो गए है उद्देश्य परिभाषित है लक्ष्य तय है यानी आम आदमी की सुरक्षा सर्वोपरी है। आम लोगों को सुरक्षित करने और शांति लाने के अपने प्रयास को नवनियुक्त एसएसपी जारी रख किन ने आयामों तक ले जाएंगे ये वक्त के गर्भ में है पर उम्मीदें सार्थक और सकारात्मक है।

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