बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

BiG News – आखिर क्यों ? 14 साल के लड़के की गोली मारकर हत्या से सदमे में पटना का खुसरुपुर,बेटे का शव गोद मे लेकर बैठी माँ को देख हर आंख हुई नम

18

- Advertisement -

#मानसिक रूप से बीमार माँ बेटे के शव को गोद मे लेकर सहलाती रही सिर
# मामूली विवाद में दोस्त ने दोस्त की कर दी गोली मारकर हत्या
#फरार कातिल लड़का 9वीं क्लास का छात्र मृतक भी था नौंवी का छात्र

पटना Live डेस्क। वक्त के बदलते कारवा ने मासूमो को भी हिंसक और खूनी बना डाला है। जिस उम्र में अमूमन बच्चे खेल कूद और पढ़ाई लिखाई में मुतमइन होते है अब उस उम्र में मोबाइल और टीवी ने उन्हें वक्त से पहले ही हिंसक और नशे के अंधे कुएं में धकेल दिया है। हालात का अंदाज़ा आप इस बात लगा सकते है कि 8-9 की उम्र के बच्चे जरायम की दुनिया मे सक्रीय होकर परिजनों, समाज और पुलिस के लिए आफ़त की पुड़िया बन रहे है। ठीक ऐसा ही एक वाकया पटना जिले के खुसरूपुर थाना क्षेत्र के जगमालबीघा में शनिवार को दिनदहाड़े घटित हुया जिसने पूरे इलाके और समाज को बचपन के शातिराना विद्रूप चेहरे तब्दील होने से फिर मुखातिब कर दिया है।

- Advertisement -

बालीउमर में खूंरेजी

पटना जिले के खुसरूपुर थाना क्षेत्र के जगमालबीघा में शनिवार को अपने घर के छत पर बैठे 14वर्षीय छात्र कन्हैया कुमार को उसके दोस्त ने ही गोली मारकर मौत की नींद सुलाया दिया और फिर छत से कूदकर फरार हो गया। बताया जाता है कि मक़तूल कन्हैया की दोस्ती अपने ही गाँव मे पड़ोस के संजीत कुमार के 9वीं क्लास में पढ़ने वाले बेटे शिवम कुमार से थी। दोनो अक्सर साथ खेलते कूदते और घूमते थे। लेकिन शनिवार की सुबह किसी बात को लेकर दोनों में बाताबाती हुई फिर धक्कामुक्की भी हुई। परिजनो ने जब दोनो को झगड़ते देखा तो दोनो को समझा बुझाकर अलग कर दिया। बात आई गई हो गई। बच्चों की नोकझोक को परिजनों ने गम्भीरता से नही लिया।

लेकिन महज छोटीसी नोकझोंक का परिणाम ये होगा किसी ने सपने में भी नही सोचा था, लेकिन शायद नियति को कुछ और ही मंजूर था। बकौल परिजनों के कन्हैया तकरीबन साढ़े बारह बजे अपनी छोटी बहन के साथ छत पर धूप में बैठा था। इसी बीच शिवम भी छत पर आया और कन्हैया से बतियाने लगा।

शिवम ने कन्हैय्या की छोट बहन को पानी लाने के बहाने से नीचे भेज दिया। बच्ची के नीचे जाने के बाद शिवम कन्हैया को गोली मार दिया। गोली कन्हैया के बाएं तरफ सिर में लगी थी। गोली की आवाज सुनकर घर के लोग छत पर पहुंचे। कन्हैया खून से लथपथ गिरा परा था और उसकी मौत हो चुकी थी। वही, दोस्त को गोली मारकर शातिर शिवम बगल के छत पर कूदकर फरार हो गया।

घटना की खबर फैलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया।लोग समझ नही पा रहे थे,आखिर घटना क्यों हुई। मृतक और आरोपित नवम वर्ग के छात्र थे तथा स्थानीय निजी स्कूल में पढ़ते थे।

ग्रामीणों के अनुसार आरोपित शिवम पहले रांची में अपने रिश्तेदार के यहां रहकर पढ़ाई करता था। रांची में उसके हड़कतो को देखते हुए पिता ने उसे घर बुला लिया था।बताया जाता है कि कम उम्र के होने के बावजूद भी उसका हड़कत ठीक नही थी।घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।घटनास्थल से पुलिस ने एक खोखा बरामद की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पटना भेज दिया।घटना के बाद से आरोपित शिवम और उसके परिजन गांव से फरार हो गए हैं।

- Advertisement -

Comments are closed.