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Shahabuddin Death-ट्वीट पर लालू की बेटी रोहिणी आचार्य और पुष्पम प्रिया में छिड़ी जंग, जानिए क्या है पूरा मामला

पुष्पम प्रिया चौधरी ने शहाबुद्दीन के निधन पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट कर कहा कि हमारी संपूर्ण पीढ़ी ने बाहर बिहारियों के “गुंडा और क्रिमिनल” होने का आक्षेप झेला  उस ट्वीट से नाराज रोहिणी आचार्य ने लिखा, " मानसिकता तेरी कैसी है..? मानवता के नाम पर तू कलंकिनी है !!" हालांकि, बाद में रोहिणी ने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया.

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पटना Live डेस्क।राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व सासंद मोहम्मद शहाबुद्दीन की शनिवार को दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। 2 बार विधायक और 4 बार सांसद व राजद के बेहद कद्दावर नेताओं में शुमार नेता के निधन पर सभी नेताओं ने प्रतिक्रिया दी। इसी क्रम में पलुरल्स पार्टी अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी ने पूर्व सांसद के निधन पर ट्वीटर पर एक ऐसी टिप्पणी कर दी जिससे राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य भड़क गईं और उन्होंने ट्विटर पर ही पुष्पम प्रिया चौधरी को जमकर खरी खोटी कहते हुए यहाँ लिख डाला कि मानवता के नाम पर तू कलंकिनी है। हालांकि, बाद में रोहिणी ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। लेकिन दोनों के बीच ट्विटर पर छिड़ी जंग ने सुर्खिया बटोर ली।

पुष्पम प्रिया चौधरी ने ट्वीट कर कही ये बात

           दरसअल, पुष्पम प्रिया चौधरी ने शहाबुद्दीन के निधन पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट कर कहा कि हमारी संपूर्ण पीढ़ी ने बाहर बिहारियों के गुंडा और क्रिमिनल होने का आक्षेप झेला है।आज अगर मैं इसके एक प्रतीक के जेल में मौत पर अफसोस जाहिर करूंगी तो यह करोड़ों बिहारियों का अपमान होगा. मुझे कोई अफसोस नहीं है. फुल स्टॉप.

पुष्पम के उस ट्वीट से नाराज रोहिणी आचार्य ने लिखा, ” मानसिकता तेरी कैसी है..? मानवता के नाम पर तू कलंकिनी है !!” हालांकि, बाद में रोहिणी ने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया।

शहाबू से शहाबुद्दीन और साहब का सफर 

10 मई, 1967 को बिहार के सिवान जिले के प्रतापपुर गाँव मे जन्मे सैय्यद मोहम्मद शहाबुद्दीन को बाहुबली नेता के रूप में जाना जाता है। अपराध से उनका गहरा नाता रहा है  समय-समय पर उनपर कई तरह के आरोप लगते रहे हैं। इसके बावजूद वे आरजेडी के दिग्गज नेताओं में से एक रहे थे और वे आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के भी करीबी माने जाते थे। मालूम हो कि 30 अगस्त, 2017 को पटना हाई कोर्ट ने सिवान हत्या के मामले में शहाबुद्दीन की मौत की सजा को बरकरार रखा था। इसके बाद वह लगातार जेल में सजा काट रहे थे। जेल में कैद के दौरान ही राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन का 1 मई की सुबह निधन हो गया। शहाबुद्दीन कोरोना वायरस से संक्रमित थे।शहाबुद्दीन का निधन दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में हुआ। हालांकि, इससे पहले वो तिहाड़ जेल के हाई-रिस्क वॉर्ड में भर्ती थे। उनके वकीलों ने कोर्ट को बताया था कि शहाबुद्दीन के साथ सेल में बंद एक शख्स को कोरोना संक्रमण हुआ था।

28 अप्रैल को शहाबुद्दीन के वकीलों ने दिल्ली हाई कोर्ट में रिट पेटिशन दायर कर उनकी जिंदगी बचाने, उनके स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग और उन्हें एक मोबाइल फोन दिए जाने के निर्देश के लिए अपील की थी।

पूर्व सांसद के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि साथी कैदी के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद भी शहाबुद्दीन को उसके साथ रखा गया। वकीलों ने कहा, “इस बीमारी की मृत्यु दर जानते हुए भी जेल प्रशासन ने याचिकाकर्ता के लिए कोई अलग इंतजाम नहीं किया और बार-बार निवेदन के बाद भी उन्हें कोविड मरीज के साथ सेल शेयर करना पड़ा।इस तरह जेल प्रशासन ने उनकी जिंदगी खतरे में डाली।

शहाबुद्दीन 19 अप्रैल को संक्रामित पाए गए थे और 20 अप्रैल को इलाज के लिए उन्हें DDU अस्पताल शिफ्ट किया गया था।दिल्ली हाई कोर्ट ने 28 अप्रैल के अपने आदेश में कहा था कि शहाबुद्दीन को ‘लगातार डॉक्टर की निगरानी में रखा जाए ताकि उनकी जिंदगी खतरे में न हो।

53 साल के शहाबुद्दीन तिहाड़ जेल में 2004 के एक डबल मर्डर केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे।

 शहाबुद्दीन का 1 मई की सुबह निधन हो गया।

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