बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

अभी हम जिंदा हैं, आप सब दुआ करें अल्लाह जल्द शिफा दे – बोले शहाबुद्दीन

मौत की खबरों को कोरा अफवाह बताया डीजी तिहाड़ संदीप गोयल ने, वही सूत्रों का दावा कोमा में है पूर्व सांसद

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पटना Live डेस्क। अभी हम जिंदा है। आप सब दुवा करें अल्लाह जल्द शिफा दे … अपनी मौत के अफ़वाह के बीच सिवान के पूर्व सांसद के ऑफिसियल सोशल मीडिया हैंडलर के ज़रिए ये पैगाम अपने चाहने वालो को दिया है।

कोरोना वायरस से संक्रमित राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन (Mohammad Shahabuddin) की मौत की खबर को तिहाड़ जेल प्रशासन ने अफवाह बताया है  उम्रकैद की सजा काट रहे बाहुबली शहाबुद्दीन का दिल्ली के पंडित दीन दयाल उपाध्‍याय अस्‍पताल (Pandit Deen Dayal Upadhyay Hospital) में इलाज चल रहा है जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

आईसीयू में है शहाबुद्दीन

20 अप्रैल को शहाबुद्दीन की हालत अचानक बिगड़ने के बाद कोरोना वायरस से संक्रमित होने का पता चला था। लक्षण नजर आने पर कोरोना संक्रमण की जांच कराई गई और रिपोर्ट पॉजिटिव आई।इसके बाद शहाबुद्दीन को तुरंत तिहाड़ जेल के डॉक्टरों की निगरानी में दे दिया गया। हालांकि जब शहाबुद्दीन की हालत नहीं सुधरी तब उसे पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया। तबियत ज्यादा बिगड़ने के बाद शहाबुद्दीन को आईसीयू में रखा गया है।

डीजी तिहाड़ – जिंदा हैं इलाजरत है 

डीजी तिहाड़ संदीप गोयल

वही, दूसरी तरफ पूर्व सांसद के फ़ौत होने की खबर को गलत बताते हुए तिहाड़ जेल के डीजी बोले ने स्पष्ट कहा हैं कि अभी उनका इलाज़ चल रहा है। कोरोना संक्रमण के चलते उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।बीते एक सप्ताह से दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में शहाबुद्दीन इलाजरत है।

कोमा में पूर्व सांसद 

वही,पूर्व सांसद के बाबत परिवार के बेहद नज़दीकी मो. रिजवान के अनुसार कोरोना संक्रमित होने के बाद इलाज के दौरान शुक्रवार की देर शाम शहाबुद्दीन कोमा में चले गए है।

बता दें की पटना Live पूरी मुस्तैदी से पूर्व सांसद की खबरों और हेल्थ अपडेट अपने पाठकों तक पहुचता आ रहा है। हमने पाठकों को बताया था कि बुधवार को ही दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को शहाबुद्दीन का ठीक से इलाज करवाने के निर्देश दिए थे। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा था कोविड-19 ड्यूटी में संबंधित कमरे के डॉक्टर को शहाबुद्दीन के स्वास्थ्य और इलाज पर नजर रखनी होगी, अगर जरूरत पड़े तो डीडीयू हॉस्पिटल के दूसरे वरिष्ठ डॉक्टरों से सलाह लेनी चाहिए।

 

 

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