बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

बिहार के मधेपुरा में हो रही थी बच्चों की खरीद-फरोख्त, SDM ने किया भांडा फोड़

421

पटना Live डेस्क। बिहार के मधेपुरा में बच्चे की खरीद-फरोख्त का बड़ा खुलासा हुआ है। जिला प्रशासन की टीम ने स्टिंग कर पूरे मामले पर से पर्दा हटाया। हकीकत जानकर जिल के वरीय अधिकारी ही नहीं, आम पब्लिक भी सन्न रह गई। स्टिंग आपरेशन में डॉक्टर ने बच्चे का रेट तय कर 80 हजार रुपये में डील भी कर लिया। खरीदार को जब बच्चा सौंपा जा रहा था, तभी डॉक्टर सह संचालक डॉ रिंकेश कुमार रवि को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथ दो अन्य को भी पुलिस ने दबोचा है। नर्सिंग होम को भी सील कर दिया गया है।


दरअसल, मधेपुरा के चौसा थाना के ठीक सामने ही बाबा विशु राउत हॉस्पिटल है। उसके खिलाफ नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त की शिकायत मिल रही थी। गुप्त शिकायत मिलने के बाद डीएम ने इसे गंभीरता से लिया और प्रशासनिक जाल बिछाया।
जानकारी के अनुसार, डीएम के निर्देश पर जिला प्रशासन के एक अफसर को सादे लिवास में बच्चे की खरीदारी के लिए भेजा गया। उक्त अफसर ने संचालक और चिकित्सक डॉ रिंकेश कुमार रवि से नवजात के सौदे को लेकर बात की। 80 हजार रुपये की मांग की गई। 65 हजार रुपये नवजात की कीमत आंकी गई।

डील होने के बाद उक्त अफसर ने डॉक्टर को रुपये देकर बच्चा लेने लगा। तभी जिला टीम के साथ सादे लिवास में पहुंची पुलिस ने डॉक्टर को दबोच लिया। नवजात के साथ 65 हजार रुपये भी डॉक्टर से बरामद कर लिया गया है। दो सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है। एसडीपीओ सतीश कुमार के अनुसार, बाबा विशु राउत हॉस्पिटल में पिछले कई महीनों से बच्चों की खरीद-फरोख्त की जा रही थी। खरीद-फरोख्त में अधिकतर वैसे नवजातों को शामिल किया जाता था, जो अविवाहित महिला के होते थे। रैकेट में कई और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस नर्सिंग होम में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाल रही है।

 

 

Comments are closed.