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BiG News – बिहार के थोक और खुदरा दवा व्यापारियों की हड़ताल खत्म, आम लोगो ने ली राहत की सांस

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पटना Live डेस्क। सूबे के 52 हजार थोक और खुदरा मेडिसिन विक्रेताओं ने बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (Bihar Chemist And Druggist Association) के आह्वान पर तीन दिनों तक चलने वाली हड़ताल पहले दिन ही समाप्त हो गई। बुधवार की देर शाम बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (बीसीडीए) ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की। दवा विक्रेताओं के राज्यव्यापी हड़ताल के व्यापक प्रभाव को देखते हुए बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार की पहल पर बुधवार शाम बीसीडीए के 30 से ज्यादा पदाधिकारी और सदस्यों ने प्रधान सचिव के बुलावे पर उनसे मिलने गए। देर शाम तक चली इस बैठक में प्रधान सचिव ने संघ की सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और पूरा करने का आश्वासन दिया। सरकार के प्रतिनिधियों और संघ के बीच वार्ता के बाद यह फैसला लिया गया है।

दरअसल, यह राज्यव्यापी हड़ताल बिहार सरकार द्वारा दवा दुकानों में फार्मासिस्ट के माध्यम से दवा बेचने के आदेश के विरोध में आयोजित किया गया था। सूबे के दवा दुकानदारों के संगठन बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन का दावा है कि बिहार में महज साढ़े सात हजार ही फार्मासिस्ट हैं। ऐसे में यह कतई संभव नही की सभी 52 हजार दुकानों के लिए उनकी नियुक्ति की जा सके। वही, संघ की अन्य प्रमुख मांगों में दवा दुकानदारों का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई पर रोक, दवा दुकानों के निरीक्षण में एकरूपता और पारदर्शिता रहने, विभागीय निरीक्षण के दौरान उत्पीड़न पर रोक आदि शामिल हैं।

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के साथ हुई बैठक के बाद देर शाम को बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की कोर कमिटी की बैठक हुई। तमाम विषयों पर चर्चा और मिले आश्वासन के पाहलुओ पर विचार विमर्श के बाद हड़ताल खत्म होने की जानकारी दी गई। हालांकि एसोसिएशन के अध्यक्ष ने चेताया कि अभी तो स्वास्थ विभाग के प्रधानसचिव के लिखित आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म कर दी गई है।लेकिन अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो फिर से हड़ताल करेंगे एसोसिएशन के महासचिव ने दावा किया कि आज से शुरू हुई हड़ताल का पूरे राज्य में व्यापक असर हुआ है। हालांकि इस हड़ताल में सरकारी अस्पतालों और अस्पतालों को शामिल नहीं किया गया था।

175 करोड़ का दवा कारोबार रहा प्रभावित

बीसीडीए के अनुसार एक दिन के राज्यव्यापी बंद के कारण लगभग 175 करोड़ रुपये से अधिक का मेडिसिन कारोबार प्रभावित रहा। राज्य में दवा कारोबार एक वर्ष में लगभग 7हजार करोड़ रुपये का होता है। इसको आधार माना जाए तो एक दिन के हड़ताल से सूबे में 175-200 करोड़ का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

नही तो मार्च में अनिश्चितकालीन हड़ताल

बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार उनकी बात नहीं मानती है तो मार्च में बिहार की सभी दवा दुकानों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा। एसोसिएशन ने कहा है कि अनिश्चितकाल हड़ताल के 15 दिन पहले से ही दवा की खरीद बंद कर दी जाएगी।

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