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(AUDIO) कृष्णानंद राय हत्याकांड के बाद मुख्तार -मुन्ना बजरंगी के बीच फोन पर पहली बातचीत का सनसनीखेज ऑडियो

मुख्तार के साथ मुन्ना बजरंगी भी कृष्णानंद राय की हत्या में आरोपी था, ऑडियो में मुख्तार किसी की हत्या की साजिश रचता नजर आ रहा है।

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पटना Live डेस्क। 29 नवंबर 2005 को गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद से बीजेपी विधायक  कृष्णानंद राय सहित सात लोगों को गोलियों से भून दिया गया। कृष्णानंद राय पर 500 राउंड फायरिंग हुई थी। इस हमले में एके-47 का इस्तेमाल हुआ। इस बेहद नृशंस और चर्चित हत्याकांड की जांच पुलिस से लेकर सीबीआई को दी गई और सुनवाई गाजीपुर से दिल्ली स्थानांतरित किया गया पर किसी आरोपी पर अपराध साबित नहीं हुआ। क्योंकि मामले के सभी चश्मदीद व गवाह मुकर गए।बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए विशेष सीबीआई अदालत ने मुख्तार अंसारी समेत सात आरोपियों को बरी कर दिया।

पंजाब के रोपण जेल से यूपी लौटने में कांप रहा बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी एक वक्त में यूपी की जेलों से साम्राज्य चलाता था। वहीं से किसी की मौत का फरमान जारी करता था, वसूली और टेंडर का खेल भी जेल से चलाता था।बीतते वक्त के साथ मुख़्तार अंसारी को लेकर तमाम खुलासे होने लगे।

इसी बीच उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने 9 अगस्त 2020 दिन रविवार को एक लाख के इनामी बदमाश हनुमान पांडेय को मुठभेड़ में मार गिराया था। मुख्तार अंसारी का शूटर रहा हनुमान पांडेय 2005 में हुए भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड का आरोपी था। इस हत्याकांड से जुड़ा एक सनसनीखेज ऑडियो वायरल हुआ,जिसमें मुख्तार अंसारी और माफिया अभय सिंह की बातचीत रिकॉर्ड है। इसमें मुख्तार अंसारी अभय सिंह से कोड भाषा में कृष्णानंद राय की हत्या पर बात कर रहा है। वह कह रहा है कि…चुटिया काट लिहिन, जय श्रीराम..मुट्ठी में है। इस ऑडियो में क्या कहा गया है इस बारे में आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने खुलासा किया।

वही, रोपण जेल से यूपी लाने की क़वायद में जुटी यूपी पुलिस तो करीब 19 साल पुराना एक ऑडियो सामने आया है, जिसमें मुख्तार अंसारी, मुन्ना बजरंगी से बात कर रहा है।

मुख्तार के साथ मुन्ना बजरंगी भी कृष्णानंद राय की हत्या में आरोपी था, ऑडियो में मुख्तार किसी की हत्या की साजिश रचता नजर आ रहा है। इसके अलावा टेंडर और वसूली की बात कर रहा है, इस बातचीत के वक्त मुख्तार अंसारी जेल में बंद था। जबकि मुन्ना बजरंगी फरार था।

वायरल हुई ऑडियो में मुख्तार अंसारी जेल से ही जुर्म का साम्राज्य चलाता था इसकी बानगी…

मुन्ना बजरंगी- आप ठीक हैं भइया
मुख्तार- अप्रैल में छूट जाएंगे
मुन्ना-बहुत अच्छा है भइया, हमें यही इंतजार है भइया.
मुख्तार- एक-डेढ़ महीने में पटक दूंगा
मुन्ना- जीजा जी का हमें बहुत दुख है भइया
मुख्तार- उनको टाइम लगेगा साल भर
मुन्ना- उनके लिए कहीं से राजनीति हुई है भइया
मुख्तार- बहुत, बहुत
मुन्ना- उनके लिए राजनीति पक्का है भइया, पता करो कहां से
मुख्तार- मोटका की है मोटका की. साफ हो गया
मुन्ना- मोटका मतलब भइया
मुख्तार- वही तुम्हारा शिकार था

जेल से ही मुख्तार अंसारी टेंडर और लेन-देन का कारोबार चलाता था

मुन्ना- और टेंडर वगैरह सब देख लिया नामुख्तार – कहां का
मुन्ना- जिनता टेंडर हो सब ले लो,                  मुख्तार- कहां जौनपुुुर

मुन्ना- हर चीज आप समझते हो भइया,मुख्तार- टेंडर जो बचा है वही कर लेंगे अभी
मुन्ना- लेट हो रहा है, आने के पहले सब हो जाना चाहिए भइया, जो भी खर्चा है हम कर लेंगे भइया

यूपी जेल आने में डर रहा मुख्तार यूपी की जेलों से जुर्म का साम्राज्य बेरोक टोक चलाया करता थ।

मुन्ना- और हमारा 15 लाख रुपया कब देंगे, मुख्तार- काहे का
मुन्ना- अरे भइया भूल गए क्या मुख्तार- अच्छा ये, समझ गया
मुन्ना- हां भइया, मुख्तार- पंचायत कर रहे हैं
मुन्ना- हमारा 3 लाख, हमसे बोल दिया, 3 चाहिए अब, 6 महीना हो गया 1 महीने का 6 महीना हो गया
मुख्तार- ये कुछ कर नहीं पाया है, अभी इसकी पंचायत करा रहे हैं.
मुन्ना- ये बेईमान है, बोल चुका हूं भइया मैं. पैसा देखना कैसे-कैसे मिलता है.
मुख्तार- नहीं, तुम नाराज मत हो, हम कराएंगे

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