BiG News – कमलेश तिवारी हत्याकांड- यूपी ATS ने गुजरात एटीएस के साथ ज्वाइंट ऑपरेशन में हत्यारों को पिस्टल मुहैया करने के आरोपी को कानपुर से किया गिरफ्तार

185
  • यूपी एटीएस ने हत्यारों को पिस्टल देने वाले एक आरोपी को कानपुर से गिरफ्तार किया
  • गिरफ्तार यूसुफ खान मूल रूप से यूपी के फतेहपुर का रहने वाला बताया जा रहा है
  • लखनऊ के खुर्शीदबाग इलाके में कमलेश तिवारी की 18 अक्टूबर की दोपहर भगवा कुर्ता पहने युवकों ने की थी हत्या
  • कमलेश तिवारी हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, यूपी के लखनऊ के रहने वाले थे

पटना Live डेस्क। हिंदू समाज पार्टी के प्रमुख रहे कमलेश तिवारी हत्याकांड में यूपी एटीएस और गुजरात एटीएस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। दोनों जांच एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई के तहत कानपुर से यूसुफ खान को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी मूलरूप से यूपी के फतेहपुर का रहने वाला है। मिली जानकारी के मुताबिक, गुजरात के सूरत में हत्यारों को युसूफ ने ही पिस्टल उपलब्ध कराई थी। वह पिछले कुछ समय से गुजरात में ही रह रहा था।

उत्तर प्रदेश एटीएस ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि 18 अक्टूबर को कमलेश तिवारी की दो लोगों ने हत्या कर दी थी। इस कांड के मुख्य आरोपी अशफ़ाक उर्फ मोइनुद्दीन और फरीद पठान जेल में हैं।

एटीएस ने बताया कि तिवारी की हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल मुहैया कराने के संबंध में युसुफ खान को उत्तर प्रदेश एटीएस और गुजरात एटीएस ने संयुक्त कार्रवाई में शुक्रवार को कानपुर से गिरफ्तार किया। एटीएस ने बताया कि आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि लखनऊ के खुर्शीदबाग इलाके में हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की 18 अक्टूबर की दोपहर भगवा कुर्ता पहने युवकों ने हत्या कर दी थी। दोनों ने चाकुओं से उनके ऊपर करीब 15 से वार किए थे। कमलेश ने बचने का प्रयास किया था। हमलावरों ने इसके बाद उन्हें गोली मार दी थी।

इस मामले में गुजरात एटीएस ने तीन लोगों मौलाना मोहसिन शेख सलीम, रशीद अहमद पठान और फैजान को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में हत्या करने वालों के नाम सूरत के ही रहने वाले अशफाक और मोइनुद्दीन के नाम सामने आए थे। गुजरात एटीएस ने 22 अक्टूबर को दोनों को गुजरात और राजस्थान बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया था।

तदुपरान्त, अहमदाबाद की एक कोर्ट ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों की ट्रांजिट रिमांड को मंजूरी दी थी। तब यूपी पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लेकर आई थी। लखनऊ में तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है।

हाई सिक्यॉरिटी बैरक में रखे गए दसों आरोपी

सूरत के मौलाना मोहसिन शेख सलीम, रशीद अहमद पठान, फैजान, अशफाक, मोइनुद्दीन, नागपुर के आसिम, बरेली के मौलाना कैफी, नावेद, खीरी के रईस और आसिफ सामान्य बंदियों से अलग हाई सिक्यॉरिटी बैरक में रखा गया है। इन बैरकों में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। कैमरों के अलावा जेल से जुड़े अधिकारी भी हत्यारोपियों समेत अन्य आरोपियों की हर एक गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। फिलहाल अभी इन लोगों से जेल में मिलने कोई नहीं पहुंचा है। जेल प्रशासन का कहना है कि आरोपियों से मिलने के लिए पहुंचने वाले लोगों पर सख्त नजर रखी जाएगी। उनसे संबंधित सभी रेकॉर्ड रखे जाएंगे।

मददगारों से पूछताछ जारी

एसआईटी की टीम आरोपियों के तीन अन्य मददगारों से अभी भी पूछताछ कर रही है। उनसे जुड़े लोगों के बारे में भी पता किया जा रहा है। तीनों ने हत्यारोपियों की किस तरह मदद की है, इस बारे में साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि तीनों की जल्द ही गिरफ्तारी दिखाई जा सकती है। एसआईटी ने हत्यारोपियों के बैंक खाते खंगाले हैं। फिलहाल खातों से कुछ खास नहीं मिला है।

Loading...