SUPER EXCLUSIVE- (वीडियो और बयान)16 नवम्बर 1991 नीतीश कुमार ने गोली चला कर मेरे भाई सीताराम सिंह की हत्या की, ढिबर का सच – एक पड़ताल

95

पटना Live डेस्क। महज कुछ घंटे पहले 6ठी बार नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर बिहार की सत्ता संभाल चुके है। लेकिन उनपर एक बेहद संगीन आरोप चस्पा किया जा रहा है। सियासत में आरोप लगते लेकिन पटना Live ने जब इस सच की पड़ताल की तो जो सच निकाला वो कुछ यूं है ….

नीतीश कुमार के मुख्य मंत्री पद ग्रहण करने पर पटना के बाढ़ के ढिवर गांव के लोगो ने कड़ा एतराज जताया है । बाढ़ के ढिवर गांव के लोगो ने नितीश कुमार को ढ़िवर निवासी सीता राम सिंह का हत्यारा बता रहे है। स्व० सीता राम सिंह के दो पीड़ित भाई राधे श्याम सिंह और राधा कृष्ण सिंह का कहना था की गठवन्धन के नये सी एम नितीश कुमार है। जो उनके भाई सीता राम के हत्या के दोषी है और अपने भाई के हत्यारो की सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे है। असल पूरा मामला है 16 नवम्बर 1991 का बाढ़ संसदीय क्षेत्र में लोक सभा के मध्यावती चुनाव का , जिसमे नितीश कुमार उमीदवार के रूप में खड़े थे और ढिवर गांव के संकुल संशाधन केन्द्र मध्य विधालय ढ़िवर पंडारक में वोटिंग हो रही थी।

बूथ पर कांग्रेस के कार्यकर्ता के रूप में सीताराम सिंह थे। जो नितीश कुमार के पक्ष में वोट नहीं देना चाहते थे जिसको लेकर बोटिंग के दौरान झड़प हुई और इसी दौरान नितीश कुमार की ओर से गोली चली। जिसमे सीताराम की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। जिसके बाद उनके परिजनों ने पंडारक थाना में नितीश कुमार पर हत्या का मामला दर्ज कराया। जिसमे नितीश कुमार ,दिलीप सिंह ,दुलार चन्द यादव,योगेंद्र यादव और बैधु यादव को आरोपी बनाया गया था।

हत्या का केस अभी भी न्यायालय में चल रहा है। पीड़ित परिवार की माने तो न्यायालय की ओर से हत्या मामले में सभी गवाह की सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्ड तैनात की गई थी पर उसे हटा लिया गया। नितीश कुमार पर हत्या का मुकदमा चल रहा है पर सत्ता में रहने के कारण उनपर प्रशासन की ओर से करवाई ढीली पड़ी थी और इस बार भी राजद और कांग्रेस के साथ गठवन्धन में दरार आने पर अपनी सत्ता को हासिल करने के लिए,गठबन्धन से हाथ मिला लिया है और मुख्य मंत्री का पद ग्रहण किये है।ताकि अपने ऊपर चल रहे हत्या के मुकदमे से बच सके ! पीडित परिबार को आज भी इंसाफ का इन्तजार है और नितीश कुमार को सजा दिलाने के लिए क़ानूनी लड़ाई लड़ रहे है।

1. राधे श्याम सिंह
2. राधा कृष्ण सिंह (पीड़ित भाई )​

 

Loading...