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Presidential Election 2022:18 जुलाई को होगा राष्ट्रपति का चुनाव सांसदों और विधायकों के लिए भी जारी कर दिए गए नियम

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। चुनाव में वोटिंग के लिए विशेष इंक वाला पेन मुहैया कराया जाएगा। वोट देने के लिए 1,2,3 लिखकर पसंद बतानी होगी। पहली पसंद ना बताने पर वोट रद्द हो जाएगा।

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पटना Live डेस्क। देश के 16वें राष्ट्रपति के चुनाव ख़ातिर गुरुवार को चुनाव आयोग (Election Commission) चुनाव कार्यक्रम (President Election in India) की घोषणा कर दी गई है। वर्त्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है। 15 जून को चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। मतदान 18 जुलाई को होगा। नतीजे 21 जुलाई को आएंगे। 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति शपथ ग्रहण करेंगे।

चुनाव आयोग ने नई दिल्ली में गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने साफ किया कि सभी मतदाताओं को इन नियमों का सख्ती से पालन करना होगा कोई भी दल अपने सदस्यों के व्हिप जारी नहीं करेगा।साथ ही चुनाव आयोग ने वोट डालने वाले सांसदों और विधायकों के लिए नियम भी जारी कर दिए।

सांसदों-विधायकों के लिए मतदान के नियम?

1. संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत राष्ट्रपति चुनाव कराने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है। अनुच्छेद 62 के तहत यह चुनाव मौजूदा राष्ट्रपति- रामनाथ कोविंद के कार्यकाल के खत्म होने से पहले कराना अनिवार्य है।

2 . चुनाव में वोटिंग सीक्रेट बैलट के जरिए होगी। मतदाता मतपत्र में अपने चुनावों को अंतरराष्ट्रीय अंकों, रोमन अंकों या किसी भी मान्यता प्राप्त भारतीय भाषा के अंक में कर सकते हैं।

3. यह वोटिंग सिर्फ अंकों में होनी चाहिए। मतदाताओं को यह नंबर शब्दों में नहीं लिखने हैं।

4. वोट देने वालों को उम्मीदवारों की संख्या के आधार पर वरीयता के आधार पर पसंद भरनी हैं। मतदाताओं ने अगर अपना प्रथम चुनाव चिह्नित नहीं किया और बाकी चुनावों पर चिह्न लगाए तो यह वोट कैंसल माना जाएगा। यानी पहली पसंद का भरना अनिवार्य है।

 

5. वोट देने वालों को चुनाव आयोग अपनी तरफ से एक पेन मुहैया कराएगा। यह पेन एआरओ के पास रहेंगे। मतदान केंद्र में यह पेन मतदाताओं को मतपत्र सौंपते समय दिए जाएंगे।

6. अगर मतदाताओं ने वोट चिह्नित करने के लिए किसी और पेन का इस्तेमाल किया तो मतगणना के समय उनका वोट अवैध करार दे दिया जाएगा।

7. चुनाव आयोग ने इस बार चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर्स के लिए राज्यसभा से नियुक्तियां की हैं।

8. इसके अलावा सभी राजधानियों में सहायक रिटर्निंगऑ फिसर्स की नियुक्ति का फैसला किया है, ताकि वहां चुनाव के सारे इंतजाम कराए जा सकें और बैलट बॉक्स को पहले वोटिंग के लिए ले जाया जा सके और बाद में वापस लाया जा सके।

9. राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान संसद भवन और राज्यों के विधानसभा भवन परिसर में होगा।

10. चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्लास्टिक के सामान का इस्तेमाल प्रतिबंधित होगा। इसके अलावा कोरोना प्रोटोकॉल के तहत मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा।

         चुनाव आयोग द्वारा Presidential Election ख़ातिर जारी उपरोक्त नियमो का सांसदों और विधायकों को सख्ती से पालन करना होगा। वर्ना एक भी गलती करने पर वोट रद्द हो सकता है।

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