राज्यपाल कोटे से पशुपति पारस के मनोनयन के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका,कोर्ट से मनोनयन रद्द करने की मांग

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पटना Live डेस्क. राज्यपाल कोटे से विधानपरिषद के लिए नवनिर्वाचित विधानपार्षद पशुपति कुमार पारस अपने मनोनयन के बाद मुश्किलों में दिखाई दे रहे हैं…राज्यपाल कोटे से उनके मनोनयन के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है..दायर याचिका में कहा  गया है कि पशुपति पारस का राज्यपाल कोटे से मनोनयन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 171 एवं अन्य प्रावधानों का खुला उल्लंघन है… प्रावधानों के अनुसार महामहिम राज्यपाल द्वारा विधान परिषद में समाज के ऐसे लोगों का मनोनयन किया जायेगा जिनका किसी खास विषय/क्षेत्र में विशेष योगदान हो… याचिका में कहा गया है कि मनोनयन सिर्फ वैसे लोगों का किया जायेगा जिनका साहित्य,कला, विज्ञान, सहकारी आंदोलन तथा समाज सेवा में विशेष योगदान हो, लेकिन पशुपति कुमार पारस का समाज के उक्त वर्ग या क्षेत्र में ऐसा कोई उल्लेखनीय योगदान नहीं है, जिसके तहत उनका मनोनयन राज्यपाल कोटे से किया जा सके…याचिका में यह भी बताया गया है कि पशुपति कुमार पारस भारतीय संविधान की धारा 171 के खंड 3 के उपखंड (ई)  और खंड (5) के प्रावधानों का अनुपालन नहीं करते हैं.. साथ ही साथ इनका मनोनयन भारतीय संविधान से प्रदत्त शक्तियों का दुरुपयोग है..

 

 

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