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Patna News-इंटेलिजेंस ब्यूरो के इनपुट पर पटना में ATS ने फर्जी एक्सचेंज का किया पर्दाफाश, 2 गिरफ्तार

बिहार एटीएस ने मंगलवार को पटना से फर्जी एक्सचेंजके जरिए हो रहे देश की सुरक्षा के साथ जारी खिलवाड़ का हुआ पर्दाफाश ,सरकार की जानकारी के बिना विदेशों से आती-जाती थी ताबड़तोड़ कॉल्स

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पटना Live डेस्क।।राजधानी में गर्दनीबाग थाना अंतगर्त अनीसाबाद इलाके में फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश किया है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आइबी) के इनपुट एटीएस ने यह कार्रवाई की है। यहां सरकार और पुलिस की नजर में आए बिना फर्जी तरीके से विदेशों में काल की जाती थी। बताया जा रहा है बीएसएनएल के फर्जी एक्सचेंज चलाया जा रहा था। जिसका आतंकवाद निरोधक दस्ते ने पर्दाफाश किया है। इसके जरिए न केवल सरकारी राजस्व को चुना लगाया जा रहा था बल्कि देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। इस फर्जी एक्सेंज के जरिए सरकार की जानकारी के बिना विदेशों से लगातार कॉल्स आती-जाती थी।

मिली जानकारी के मुताबिक पटना के गर्दनीबाग स्थित अनीसाबाद मोहल्ले के एक निजी मकान से इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने मंगलवार को राजधानी के अनीसाबाद इलाके में फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश किया है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आइबी) के इनपुट पर एटीएस ने यह कार्रवाई की है। यहां सरकार और पुलिस की नजर में आए बिना फर्जी तरीके से विदेशों में काल की जाती थी। एटीएस ने मौके से फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज चलाने वाले अनिल चौरसिया और सुशील चौरसिया को गिरफ्तार किया है।पकड़े गए आरोपियों में अनिल चौरसिया पहले भी गांधी मैदान थाना क्षेत्र से फर्जी एक्सचेंज चलाने मामले में जेल जा चुका है।साथ ही अनिल फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज मामले में पहले भी आरोपित रहा है और लंबे समय से फरार था। इसके साथ एक्सचेंज में काम करने वाली चार महिलाओं को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। इस मामले में गर्दनीबाग थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। दोनों आरोपितों से थाने में ही पुलिस पूछताछ कर रही है।

 

तेल एजेंसी के नाम पर गोरखधंधा

अनीसाबाद गोलंबर स्थित सूर्य मंदिर के पास पतली गली में फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का कार्यालय चल रहा था। बाहर में एडिन ऑयल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का बोर्ड लगा था। दोपहर एक बजे अचानक तीन-चार गाडिय़ों से एटीएस और पुलिस की टीम ने निजी कंपनी के कार्यालय में छापेमारी की जहां फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा हुआ।इस दौरान गिरफ्तार अनिल और सुशील चौरसिया के साथ 4 महिलाएं भी एक्सचेंज में थीं। इनका काम विदेशों से आने वाले कॉल कनेक्ट करना और रिसीव करना था। छापेमारी में कई इलेक्ट्रानिक उपकरण भी बरामद किए गए हैं। मौके से एक कार एवं एक मोटरसाइकिल को भी जब्त किया गया है। छापेमारी से पहले स्थानीय थाना को भी कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उन्हें बस विधि-व्यवस्था संभालने के नाम पर एटीएस साथ लाई थी।

देश की सुरक्षा से हो रहा था खिलवाड़

फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है कि विदेशों में काल करने का ऐसा माध्यम हो जो सरकार की नजर में हो। ऐसे में सरकार ने कुछ खास कंपनियों को ही इसकी अनुमति दी है। मगर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोग इसका पालन नहीं करते। विदेशों में बैठे आतंकवादियों से बातचीत में ऐसे ही फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज की मदद ली जाती है। इसमें इंटरनेट काल के माध्यम से भी विदेशों में बैठे लोगों से बातचीत की जाती है। इसमें इंटरनेशनल काल के तय मानक से पैसे भी कम लगते हैं और बातचीत भी सरकारी एजेंसियों की नजर में नहीं आती है।

        इनके पास से राउटर समेत भारी मात्रा में बीएसएनएल का सिम कार्ड और कई डिवाइस बरामद किया गया है। पुलिस ने बीएसएनएल के वरीय पदाधिकारियों को इस मामले की सूचना दे दी है। फिलहाल पकड़े गए इन आरोपियों से गर्दबीबाग थाना द्वारा पूछताछ में जुटी है। साथ आईबी और एटीएस के नुमाइंदे भी इस प्रक्रिया में शामिल है।

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