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Bihar Health Dept. EXPOSED (वीडियो) Corona पॉजिटिव की मॉ 7 घंटे तड़पती रही फिर मर गई,लेकिन डॉक्टरों नही किया अटेंड,क्या यह हत्या नही ?

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  • लखीसराय सदर अस्पताल में लापरवाही का चरम,7 घंटे के त्रासद संघर्ष के बाद महिला ने तोड़ा दम
  • कोरोना पॉजिटिव की माँ को लखीसराय सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने 7 घंटे तक नही किया अटेंड
  • मरने के बाद अब शव का ‘स्वाब’ लेकर भेजा गया कोरोना टेस्ट ख़ातिर
  • CS लखीसराय को फ़ोन पर सम्पर्क करने पर भी कोरोना पॉजिटिव को 24 घण्टे बाद लेने पहुची एम्बुलेन्स
  • सिविल सर्जन लखीसराय आखिर क्यों नही उठाते फ़ोन?

पटना Live डेस्क।भारत की तीसरी सबसे बड़ी आबादी वाले सूबे बिहार में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत ” उपर से फीटफाट नीचे से मोकामा घाट” वाली है। वर्त्तमान समय मे पूरी दुनिया की तरह Corona Virus के प्रकोप से भारत भी कराह रहा है। बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं हर मोर्चे पर लगातार विफल साबित हो रही है।कुव्यवस्थाओं का आलम ये है कि जहानाबाद में एक माँ Lockdown में अपने दुधमुँहे कलेजे के टुकड़े को लेकर सडको पर दौड़ती रह गई और मासूम की मौत हो गई पर एम्बुलेन्स नही मिली। सिर्फ दावे और बयानबाजियों में सूबे की हेल्थ सुविधाएं दिखती पर हक़ीक़त में सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था भगवान भरोसे है। आधी अधूरी तैयारियों के बीच कोरोना से जंग जारी है इसी बीच सूबे के हेल्थ डिपार्टमेण्ट अब एक और संकट में फंसता दिख रहा है। चमकी बुखार ने भी पाँव पसारना शुरू कर दिया हैं।इधर,कोरोना का कहर भी लगातार बढ़ रहा है।

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हेल्थ मिनिस्टर मंगल पांडेय लागतार दावे कर रहे है पर सरकारी इन्तज़ामिया की लगातार हर मोर्चे पर पोल खुल रही है। दावे और सिर्फ दावे हक़ीक़त बिलकुल स्याह है। इसी क्रम में लखीसराय सदर अस्पताल से एक बेहद दिल दहलाने वाली खबर आ रही है।सदर अस्पताल में एक बुजुर्ग महिला 7 घंटे तक तड़पती रही पर किसी भी डॉक्टर उसको अटेंड नही किया और फिर उस माँ ने दम तोड़ दिया। क्या यह कत्ल नही? क्या यह सरकार की कामयाबी नही?क्या इस गुनाह की जिम्मेदारी मंगल पांडेय साफ सफ्फाक कुर्ते पर नही होनी चाहिए? सवाल तो बहुत है पर जवाब के तौर पर है बिहार सरकार की इंतजामिया का मौन।

कंपाउंडर बेटा पाया गया कोरोना पॉजिटिव

दरअसल, यह महज एक महिला की मौत नही बल्कि लखीसराय स्वास्थ्य विभाग की घातक लापरवाही का सुबूत है। मृतक महिला घानो देवी पति वासुदेव यादव मूल रूप से जिले के लखिसराय जिले के चानन थाना क्षेत्र के कुटुकपर (khutuk par) की निवासी थी। इनका बेटा 38 वर्षीय बेटा लखीसराय में Dr. (Major) Chandramohan Prasad के Naya bazar, Lakhisarai स्थित क्लिनिक में कंपाउंडर के तौर पर काम करता है। विगत दिनों उसकी तबियत नासाज होने पर डॉक्टर ने 26 अप्रैल को अपना और कंपाउंड का स्वाब (Swab) लेकर जांच कराया। जिसका रिजल्ट 27 अप्रैल को आया। Dr चंद्रमोहन तो नेगेटिव पाए गए पर कारू टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया यानी वो कारोना संक्रमित है।

अपने स्टाफ को सेल्फ कॉरेन्टीन करते हुए डॉक्टर चंद्र मोहन ने लखीसराय सीएस को फौरन इसकी जानकारी फ़ोन पर दी और एम्बुलेन्स भेजने की रिक्वेस्ट की। लेकिन कई बार फ़ोन करने के बाद भी सीएस द्वारा न तो एम्बुलेन्स भेजा गया और तो और 4-5 बार फ़ोन उठाने के बाद सीएस ने फोन भी उठाना बंद कर दिया। ख़ैर, 27 अप्रैल को कोई नही आया फिर 28 अप्रैल को दोपहर में एक एम्बुलेंस आयी और उसे नया बाजार से लेकर तेतरहाट(Tetarhatt PS) थाना क्षेत्र में ANM कॉलेज में जिला प्रशासन द्वारा बनाये गए आइसोलेशन वार्ड में पहुचा दिया गया। उक्त कोरेन्टीन कैम्प में कारू और एक स्थानिए युवक भी मौजूद है। अपनी माँ की मौत की खबर के बाद रोते हुए कारू यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री को वीडियो के माध्यम से अपनी माँ की मौत का सच बताया है वो आपके होश उड़ा देगा साथ ही स्वास्थ्य विभाग बिहार की क्रूरता का सच भी सामने ला देगा …

7 घंटे तड़प तड़प कर माँ ने दमतोड़ दिया सरकार

अब आपको बताते है कंपाउंडर की माँ घानो देवी की मौत का वह सच जो आपके बिहार की सुशासन सरकार के स्वास्थ्य विभाग और मंत्री महोदय  मंगल पांडेय के Corona के इलाज के इंतजाम बड़े बड़े दावे की धज़्ज़िया उड़ा कर रख देगा। दरअसल,कारोना पॉजिटिव होने के बाद ड्राक्टर चंद्रमोहन की सूचना देने के बाद 24 घंटे बाद पहुची एंबुलेस और डॉक्टर टीम ने शख़्स को तेतरहाट(Tetarhatt PS) थाना क्षेत्र में ANM कॉलेज कोरेन्टीन सेंटर पहुचा कर फिर  संक्रमण ट्रेस शुरू किया।

इधर, बेटे के कोरोना संक्रमित होने की खबर के बाद जिले के गाँव कुटुकपर (khutuk par) थाना चानन पहुची तो माँ घानो देवी घर के आंगन में ही बेसुध होकर गिर पड़ी और उसकी तबियत खराब हो गई। घानो देवी की तबियत खराब होने पर ग्रमीण उन्हें लेकर लखीसराय सदर हॉस्पिटल तकरीबन 4 बजे के आसपास पहुचे। लेकिन सदर अस्पताल में पुर्जा कटवाने के दौरान जैसे ही इस बात की जानकारी हुई कि बीमार महिला कोरोना संक्रमित की माँ है, उसे एक कमरे में भेज दिया गया और फिर लापरवाही का चरम पार करते हुए कोरोना पॉजिटिव की माँ घानो देवी अस्पताल की बेड पर लगभग 7 घंटे तक तड़पती रही पर डॉक्टरों अटेंड तक नही किया। आखिरकार तरीबन 12 बजे के आसपास तड़पते हुए घानो देवी की मौत हो गई।उल्लेखनीय है कि सदर अस्पताल ने घानो देवी के भर्ती वगैरह के कागज साथ आये लोगो को नही दिया था। लेकिन

पटना Live की इस खोजपरक और सच तलाशती खबर के बाद अब अस्पताल प्रबंधन ताबड़तोड तमाम कागजी तैयारी कर अपनी पूछ बचाने की कवायद में जुट गया है। लेकिन कहते है न खून खून है टपका है तो कैसे छुपेगी सच्चाई ? समय आने पर पटना Live वो वीडियो भी सामने लाएगा की कैसे  .. अस्पताल में लिखी गई धड़ाधड़ सच छुपाने ख़ातिर मेडिसिन के नाम, घानो देवी की भर्ती टिकट इत्यादि बड़का साहेब की मौजुदगी में …

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