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Super Exclusive -“जनता कर्फ्यू” के समर्थन ख़ातिर PM ने बिहार की जनता को किया नमन,पर परिवहन विभाग का आदेश लगा रहा “ग्रहण”

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पटना Live डेस्क। पूरी दुनिया ख़ातिर खौफ़ का दूसरा नाम बन चुके Corona Virus और इसके बढ़ते प्रभाव को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी लेकर काफी चिंतित हैं। गुरुवार को अपने संबोधन में देशवासियों समेत राज्य सरकारों से मार्मिक अपील करते हुए उन्‍होंने जनता कर्फ्यू पर जोर दिया। अपने संबोधन में पीएम ने रविवार 22 मार्च को सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक जनता कर्फ्यू लगाए का आह्वाहन किया।

अपने संबोधन में उन्‍होंने इस संकट की घड़ी में डाॅक्टरों, मीडिया,होम डिलीवरी करने वाले कर्मियों आदि के कार्यों की प्रशंसा की थी। लेकिन इसी बीच बिहार सरकार के परिवहन विभाग द्वारा जारी एक आदेश चर्चा का विषय बना गया है। यह आदेश पीएम मोदी के “जनता कर्फ्यू” के अपील पर न केवल प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है। बल्कि जनता कर्फ्यू की सफलता पर “ग्रहण” लगाता प्रतीत हो रहा है।

दरअसल, बिहार परिवहन विभाग के उप सचिव द्वारा एक आदेश 13 मार्च को जारी किया गया है। जारी आदेश के अनुसार बिहार के तमाम क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के कार्यालयो और जिला परिवहन कार्यालयो को सातों दिन यानी रविवार को भी आवश्यक रूप से 31 मार्च तक खुले रखने का आदेश दिया गया है।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस को लेकर बिहार की जनता और राज्य सरकार भी काफी सतर्क और अलर्ट है। आवाम को संक्रमण से बचाने और आपात स्थिति से बचाने के तमाम अभियानो को सीएम नीतीश कुमार खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। एहतियातन सूबे में आदेश जारी कर स्‍कूल-कॉलेज से लेकर कोचिंग संस्‍थान, लॉज,पार्क व मॉल को 31 मार्च तक बंद कर दिया गया है। बिहार सरकार की ओर से जहां तमाम एडवाइजरी जारी कर दी गई है।वही सरकारी कार्यालयों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

आवाम को कोरोना (Corona) संक्रमण से बचने/ बचाने के एहतियाती उपायों के बीच बिहार सरकार ने बीते रविवार को बड़ा आदेश जारी किया था। साथ ही स्‍वास्‍थ्‍य विभाग (Department of Health) को छोड़कर बिहार सरकार ने सभी सरकारी विभागों के तृतीय व चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों (3rd. & 4th. Grade Government Employees) को रोटेशन (Rotation) में एक दिन छोड़कर काम पर बुलाने का आदेश दिया।

लेकिन परिवहन विभाव के उप सचिव का आदेश कोरोना वायरस से परिवहन विभाग के कर्मचारियों को संक्रमण से बचने के सरकार के एहतियाती उपायों पर भारी पड़ा है। राज्य में परिवहन विभाग के कर्मचारी जान जोखिम में डालकर दफ्तर आ रहे है। वही दूसरी तरफ उपसचिव के आदेश के तहत परिवहन विभाग के कर्मियों को PM के जनता कर्फ्यू ख़ातिर निर्धारित 22 मार्च को भी दफ्तर आना होगा क्योंकि उपसचिव का आदेश है।

दरअसल, बिहारवासियों ने पीएम नरेंद्र मोदी के जनता कर्फ्यू के आह्वान का जोरदार स्‍वागत किया है। बिहारवासियों ने खुलकर घोषणा की है कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हूँ। इसे लेकर सोशल मीडिया पर तमाम यूजर्स द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। कोरोना वायरस के खिलाफ बिहार की तैयारी को लेकर पीएम मोदी काफी उत्‍साहित हैं।

इसके बाद शुक्रवार को उन्‍होंने बिहार की जनता को प्रोत्‍साहित करते हुए उन्‍हें नमन किया है। जनता को बधाई दी है। उन्‍होंने लोगों से अपील भी की है कि जनता कर्फ्यू के दौरान शाम पांच बजे पांच मिनट के लिए ताली या थाली बजाकर इस संकट के समय काम करने वाले लोगों को प्रोत्‍साहित करें।

लेकिन, उप सचिव का आदेश ‘जनता कर्फ्यू’ की अपील और कोरोना साइकल को तोड़ने के तर्कसंगत फैसले पर न केवल प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है बल्कि Corona बिहार के मुख्यमंत्री के आदेश पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

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