Fact फाइंडिंग सीरीज़ – 36 साल बाद फिर हुआ बिहार में “बॉबी सेक्स स्कैंडल” लेकिन इसबार खादी नही खाकी रच रहा साज़िशें, सीवान,सवाल दर सवाल और स्नेहा कुमारी की लाश

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पटना Live डेस्क। एक शख्स की बातें मुझे आज भी बखूबी याद है। दरअसल,उसने जो शब्द कहे थे उनको तो मैं भूल गया हूँ पर उनके अर्थ अब भी याद है। दरअसल, यह दुनिया पुरुषों का आखेटस्थल और महिला हिरण के मानिंद और गर जो वो हिरण खूबसूरत और सलीकेदार हो तो…… खैर, वो खूबसूरत तो थी पर बेहद छोटे ओहदे पर होने के बावजूद बड़े सपने देख रही थी। दरअसल स्नेहा ने इतिहास से सबक नही लिया और वही गलतियां कर बैठी जो बॉबी ने 1983 में किया था। अंत दोनो का एक जैसा ही हुआ पर …. बस एक ही अंतर है उस वक्त खादी ने साज़िशें रची और खाकी ने उसने अंजाम तक पहुचाया और सीबीआई के तोतें ने मिट्ठू मिट्ठू बोला और इस बार खाकी के लिए खाकी द्वारा खाकी के लिए साज़िशें रची जा रही है, रचा गया है रच दिया गया है।

लेकिन, साज़िशें रचने वाले और जिस्म के गिद्धों से एक गलती हो गई है। दरअसल, वो दौर कुछ और था ये दौर कुछ और है। 36 साल में बदलाव आया है तो सिर्फ एक “सोशल मीडिया” बेहद प्रभावशाली भूमिका में है।

रहिये साथ हमारे…. सीवन से मुंगेर तक सड़क किनारे..

पटना Live ने इस बेहद कॉन्ट्रोवर्सी वाले “रहस्यमयी मौत” का सच ढूढने की कोशिश शुरू कर दी है। यानी हमने – Fact फाइंडिंग सीरीज़ के तहत 36 साल बाद फिर से हुये बिहार में “बॉबी सेक्स स्कैंडल” की तर्ज पर “एक खूबसूरत महिला सिपाही” कि संदिग्ध मौत का सच तलाशने की कवायद शुरू कर दी है। लेकिन इस बार खादी नही खाकी ने मकड़जाल बिछाकर साज़िश रची है बेहद घुमावदार और घालमेल से ठंडे दिमाग से शातिराना खेल हुआ है। लेकिन हमारी टीम ने सच को तलाशना शुरू  कर दिया है …

कई सवाल है … पर जवाब नदारद है। 

#सवाल दर सवाल -आखिर किसे बचा रही है सीवान पुलिस

#घुप्प अंधेरे और रात सन्नाटे में अक्सर एक गाड़ी उस बिल्डिंग के नीचे आकार रुकती थी

#आखिर क्या और क्यो छुपा रही है सीवान पुलिस?

#जब वो जिंदा थी अक्सर फ़ोन पर बातें करती रहती थी, उसके पास 2 फ़ोन थे ? वो फ़ोन कहा है ?

तमाम सवालों के जवाब ढूढने की कवायद पटना Live ने शुरू कर दी है। उस चेहरे के अक्स आकार ले राह है … पर साफ नही है। पर ये यकीनन कहा जा सकता है वो भी एक खाकी वाला ही है जो …..

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