बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

Super Exclusive -(वीडियो) एक आम पटनाइट्स की गुहार – शाम के धुंधलक में घुप्प अंधेरे में कभी गांधी मैदान में भी टहल लिया करिये डीएम साहब

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पटना Live डेस्क। राजधानी पटना की शान और देश के कई बड़े आंदोलनों का गवाह ऐतिहासिक गांधी मैदान जहां से कुछ दूरी एसएसपी ऑफिस है तो कुछ दूरी पर जिले की कमान सभालने वाले डीएम साहब का दफ्तर और आवास भी है।लेकिन कहते है दीपक तले ही तो अंधेरा होता है। इस कहावत को चरितार्थ होता देखना हो तो कभी शाम के धुंधलके में गांधी मैदान का एक चक्कर लगा लीजिये।अंधेरे में जो बेशर्मी और बेहयाई आपको पेड़ो के झुरमुठ में,बेंचेओं की ओट में और उन तमाम जगहों पर जहां से जरा सा भी ओट मिल जाये में होने वाली करतूतें आपको शर्मशार करने को काफी है। हद तो ये की अंधेरा घिरते ही गांधी मैदान के घास पर बैठे प्रेमी जोड़े कहे या क्या कहे जो हरकते करते है वो सभ्य तो नही ही कहा जा सकता है।
हद तो ये की राष्ट्रपिता की मूर्ति भी लड़के लड़कियों के जोड़ो की बेहयाई और बेशर्मी का गवाह बन रही है। ओट में खोट लिए मानसिकता के साथ युवाओं का प्रहसन देखते क्या वो सोचते न होंगे कि ….

पत्थर की आंखों से नीड कहा बहता है..
खड़े है बुत बनकर दर्द बयां कैसे होता है…

खैर, तीसरी आंख की भी कुछ कमियां है। दिखाया नही जा सकता हर करतुत को कुछ सामाजिक मजबूरियां है। लेकिन एक प्रयास है यह वीडियो ताकि तस्वीरें उस सच को बयान कर दे और गांधी मैदान जिसने क्रांति का उद्भव देखा है सियासत का हर रूपरंग देखा है इंसानी इंकलाब के जनसैलाब को कई बार देखा है। यह ऐतिहासिक मैदान सिसकता हुआ अब व्याभिचार और गंदी हरकतों का मौन गवाह बनकर हदे पार करते लड़के लड़कियों के बेशर्म प्रदर्शन देखने और झेलने को मजबूर है।अगर गांधी मैदान कह पाता तो जरूर कहता – शाम के धुंधलक में घुप्प अंधेरे में कभी गांधी मैदान में भी टहल लिया करिये डीएम साहब…

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