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BiG Update-बेरोजगार पति को IPS बनाने वाली DySp रेशु कृष्णा को जाँच में DIG भागलपुर ने पाया दोषी

DIG भागलपुर विवेकानन्द ने अपनी जाँच रिपोर्ट में पूर्व कहलगाँव डीएसपी रेशु कृष्णा को पाया दोषी, विगत जून महीने में पुलिस मुख्यालय को साक्ष्यों और बयानात के साथ भेजी अपनी रिपोर्ट,लेकिन अबतक नही लिया गया एक्शन!

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पटना Live डेस्क।बिहार पुलिस सेवा की महिला अधिकारी डीएसपी रेशु कृष्णा की मुश्किल बढ़ गई है। भागलपुर जिले के कहलगाँव में डीएसपी रहने के दौरान अपने बेरोजगार पति सौरभ कुमार को IPS की वर्दी पहनाने और फिर खुद के साथ तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर साझा करने के बेहद गंभीर आरोप लगे।किसी ने इसकी शिकायत कर दी कि एसडीपीओ के पति पुलिस में नहीं हैं,बावजूद वर्दी में उनकी तस्वीर लगातार एसडीपीओ पोस्ट करती रही हैं,साथ में खुद भी हैं। मामला इतना हाइप्रोफाइल हो गया कि इसकी जांच ख़ातिर पुलिस मुख्यालय ने तात्कालीन भागलपुर एसएसपी नताशा गुड़िया को भी पत्र भेजा मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दे दिया। तब से जाँच प्रक्रिया व जाँच रिपोर्ट के बीच मामला फसा हुआ रहा। वक्त बीतने लगा और रेशु कृष्णा का तबादला रोहतास कर दिया गया और मामला धूल फाँकने लगा।

इसी बीच भागलपुर के DIG पद पर तेजतर्रार आईपीएस विवेकानन्द की तैनाती हुई और इनके द्वारा बेहद बारीकी से हर तथ्य और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के उपरांत इस मामले DySp रेशु कृष्णा को दोषी पाया गया।अपने जाँच प्रतिवेदन के साथ ही कई साक्ष्य और बयानात भी संलग्न करते हुए डीआईजी विवेकानन्द ने अपनी जाँच रिपोर्ट जून महिने में मुख्यालय को सुपुर्द कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार जाँच के दौरान निम्नांकित तथ्य और बयानात को उल्लेखित किया गया है।

प्रथम बिंदु – जाँच के दौरान डीएसपी के पति सौरभ कुमार ने ही दे दिए है बेहद अहम सुबूत

दरअसल, मामले की जाँच के दौरान जो सबसे पुख्ता सुबूत है वो रेशु कृष्णा के पति सौरभ के हस्ताक्षर और पदनाम मे IPS लिखा जाना बन गया है।कहलगाँव में तैनाती के दौरान रेशु कृष्णा का ईलाज एक डॉक्टर द्वारा किया जा रहा था उक्त डॉक्टर के यहाँ स्वयं सौरभ ने हस्ताक्षर किया और पदनाम आईपीएस लिखा जो अब एक बेहद पुख्ता सुबूत बन गया है। यह जाँच रिपोर्ट भी मुख्यालय को भेजी गई है।

द्वितीए बिंदु-महिला SI का बयान IPS वर्दी में देखा था

जाँच के दौरान यह भी खुलसा हुआ कि एक महिला सब इंस्पेक्टर ने रेशु कृष्णा के पति को आईपीएस की वर्दी में देखा था। उक्त महिला एसआई का बयान दर्ज कर जांच रिपोर्ट मे संलग्न कर मुख्यालय को भेजा जा चुका है। लेकिन डीएसपी ने इसके बबात अलग ही किस्म का तर्क दिया।

डीएसपी का झूठ बेनकाब

महिला एसआई के बयान के बबात रेशु कृष्णा ने अपने बचाव में कहा कि उक्त एसआई के खिलाफ चुकी मैंने कई दफा जाँच रिपोर्ट लिखी है इस वजह से वो ऐसा बयान दे रही है। लेकिन DIG द्वारा जब इसकी जाँच की गई तो ऐसी कोई भी जाँच रिपोर्ट महिला डीएसपी द्वारा भेजने के सुबूत या जाँच रिपोर्ट नही मिले। यानी डीएसपी का झूठ पूरी तरह बेनक़ाब हो गया।

आखिर क्यों ? रिपोर्ट दर रिपोर्ट पर..

सनद रहे कि गृह विभाग बिहार द्वारा लगातार IPS और अन्य वरीय अधिकारियों को एक्शन लिया जा रहा है किंतु अबतक 3 जाँच रिपोर्ट के सम्मिट किए जाने के बावजूद डीएसपी रेशु कृष्णा जो अभी वर्त्तमान में सशस्त्र महिला बटालियन सासाराम में तैनात है पर कार्रवाई करने में इतना विलंब समझ के परे है? हद तो देखिए तमाम जाँच रिपोर्ट के बावजूद डीएसपी के खिलाफ तो कोई एक्शन नही ही लिया गया उनके पति पर भी अबतक कहलगाँव में एक FIR तक दर्ज़ नही की जा सकी है? आखिर क्यों ?

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