बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

Live कुबूलनामा-4 साथियों को भूनने वाले CRPF जवान के कबूलनामें में Facebook का जिक्र आपके होश उड़ा देगा,सुनिए

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के लिंगनपल्ली कैंप 4 जवानों धनजी, राजीब मंडल, राजमणी कुमार यादव और धर्मेंद्र कुमार की मौत हो गई और 3 अन्य जवान धनंजय कुमार सिंह, धरमात्मा कुमार और मलय रंजन महाराणा घायल हो गए,काण्ड को अंजाम देने वाले CRPF जवान रितेश का कबूलनामा आपके होश उड़ा देगा

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पटना Live डेस्क। आज सोशल मीडिया का युग है।अपने फ़ोन पर इन एप्लीकेशन के द्वारा आप आज पूरी दुनिया के संपर्क मे है। एक दूसरे से संपर्क करना कभी इतना आसान नहीं था। जैसे की हर टेक्नोलॉजी के कुछ फायदे और कुछ नुकसान होते है,उसी तरह सोशल मीडिया के भी कुछ नुकसान है।सोशल मीडिया की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित आज की युवा पीड़ी है।

मनोरंजन,खबरे,संपर्क और संचार की दॄष्टि से सोशल मीडिया युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।किन्तु इसी के साथ सोशल मीडिया ने युवा पीड़ी पर कुछ नकारत्मक प्रभाव भी डाले है। इनमे वर्त्तमान में सबसे ज्यादा ऑनलाइन ट्रोलिंग आजकल एक आम बात हो गयी है। ट्रोलिंग के चलते कितने युवा डिप्रेशन और तनाव का शिकार हो रहे है। यह इस कदर घातक और विनाशकारी हों सकता है इसकी बानगी दिखी है जब CRPF कैम्प में अचानक हुई गोलीबारी में आरोपी जवान अपने कबूलनामे फेसबूक पर अपनी पत्नी के बाबत जुलुल जुलुल लिखने का जिक्र किया।

दरअसल,विगत दिनों छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के लिंगनपल्ली कैंप में सीआरपीएफ के 50वीं बटालियन के जवान ने बड़ी बेरहमी से अपने साथी जवानों को मौत के घाट उतार दिया।आरोपी जवान ने सो रहे साथी जवानों पर AK-47 से अन्धाधुन्ध फायरिंग कर दी। इस हमले में गंभीर रूप से घायल 3 जवानों की मौत मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक जवान ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। कैंप में गोलीबारी की वारदात में तीन जवान घायल भी हुए हैं।इनमें से दो जवान को रायपुर लाया गया है,जबकि एक जवान को हैदराबाद रेफर किया गया।

वही,घायल जवान धनंजय कुमार सिंह ने बताया कि साथी जवान ने अचानक सुबह 4 बजे के आस पास कैंप में गोलीबारी कर दी। सभी जवान गहरी नींद में थे। करीब 30 राउंड फायरिंग की।वहीं मैगजीन के खाली होने के बाद जवानों ने आरोपी जवान को पकड़ा।

बता दें कि फायरिंग के समय बैरक में 9 जवान मौजूद थे। गोली लगने से चार जवान धनजी, राजीव मंडल, राजमणि कुमार यादव,धर्मेंद्र कुमार की मौत हो गई। मृतक जवानों में से 3 बिहार और एक पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। वही तीन जवान घायल हुए हैं। जबकि दो जवानों ने बेड के नीचे छिप कर जान बचाई है। इस वारदात के बाबत बस्तर के आईजी ने बताया कि घायल तीन जवानों की हालत अभी स्थिर है। दो जवानों को रायपुर और एक जवान को बेहतर ईलाज खातिर हैदराबाद भेजा गया है।

गोलीबारी करने वाला सैनिक था डिप्रेशन

वही घटना के बाबत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने कहा कि अपने चार सहकर्मियों की गोली मारकर हत्या करने और तीन अन्य को घायल करने वाला जवान डिप्रेशन में था। जिस वजह से अचानक उसने अपना मनोवैज्ञानिक असंतुलन खो दिया।वहीं, CRPF के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आरोपी जवान को सुबह चार बजे संतरी पोस्ट पर ड्यूटी पर जाना था, लेकिन तैयार होने के तुरंत बाद ही उसने अपने साथी कर्मियों पर गोलियां चला दी,जो सो रहे थे। यह जानकारी शिविर में मौजूद अन्य जवानों ने दी। घटना के बारे में अधिक जानकारी और पिछले कुछ दिनों की घटनाओं का पता सीआरपीएफ द्वारा शुरू की गई कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (सीओआई) के तहत लगाया जा रहा है।

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