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Covid-19: आखिर पता चल ही गया कि पूरी दुनिया मे कहर बरपा करने वाला – कोरोना वायरस स्त्रीलिंग है या पुल्लिंग

Covid 19 के कहर के बीच इसके स्त्रीलिंग या पुल्लिंग होने के सवाल का मिला जवाब

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पटना Live डेस्क। कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में लाखों लोगों की मौत हो चुकी है। दुनिया मे मौत के खौफ का दूसरा नाम बन चुके Corona Virus के बाबत तमाम देशों में शोध किए जा रहे है। बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच भारत समेत विभिन्न देशों में इसकी वैक्सीन और दवा तैयार करने को लेकर शोध हो रहे हैं। Covid-19 के बाबत पूरी दुनिया के वैज्ञानिक व मेडिकल रिसर्चर्स छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी जानकारी हासिल कर रहे है ताकि इस वायरस से निजात पाया जा सके। लेकिन इसी बीच भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है। पूरे दुनिया में तीन लाख से अधिक लोगों की मौत हो गई है वहीं 45 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं।

यह मानव स्वभाव है कि वो हर समस्या या कारक के तहत तक जाकर उसका हर पहलू जानने को सदैव लालायित रहता है। तभी तो कोरोना वायरस के कहर के बीच ये चर्चा भी शुरू हो गई है कि कोरोना वायरस पुल्लिंग है या स्त्रीलिंग। अगर व्याकरण की बात करें तो फ्रेंच भाषा के भाषाविद इसे स्त्री लिंग मान रहे हैं। उन्होंने ऐसा ही मानते हुए इस वायरस के नाम के आगे ले (le) या ला (la) लगाना शुरू कर दिया है।

सीएनएन में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार अब फ्रांस के एक अकेदमिक ग्रुप द एकेडमी फ्रेंचाइजी ने तय किया है कि इसको वो इसे फेमिनिन यानि स्त्रीलिंग ही मानेंगे। और वह इसे ला कोविड मानेंगे। हालांकि दुनियाभर में इस वायरस के शक्तिशाली होने के कारण पुल्लिंग होने की बात लिखी जा रही है।

भाषाविदों ने उदाहरण के द्वारा भी समझाया जैसे कि सीआईए है – इसके संक्षिप्त नाम के अनुसार यह स्त्रीलिंग है। इसलिए यह ला सीआईए है। वहीं एफबीआई के संक्षिप्त नाम के अनुसार यह पुल्लिंग है इसलिए इसके पहले एफबीआई होना चाहिए।

Covid-19 कोरोनोवायरस महामारी के लिए प्रयोग किया गया है। फ्रेंच अकादमी के अनुसार फ्रेंच भाषा में Covid-19 का अर्थ है ‘maladie provoquée par le coronavirus’ अब फ्रेंच भाषा में आप देख सकते हैं कि शुरूआत में maladie लिखा है जिसमें la का प्रयोग किया गया है जोकि स्त्रीलिंग है इसलिए भाषाविद इसे la covid कहेंगे।

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