बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

जानिए कहां है सरकारी कर्मियों को जान का खतरा,हेलमेट पहनकर करते हैं काम

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पटना लाइव डेस्क|   सरकारी कर्मियों को ही है जान का खतरा. अगर सुरक्षा नहीं बरती तो जान भी जा सकती है. कई बार इस मामले में प्रशासन के सामने गुहार लगायी लेकिन प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया है. शायद इस इंतजार में है कि हादसा हो जाए तभी कार्रवाई करेंगे. इस ऑफिस की तस्वीरें हैरान करने वाली हैं. यहां जितने भी कर्मचारी काम करते हैं सब के सब सर पर हेलमेट लगाकर आते हैं और काम खत्म होने के वक्त हेलमेट लगाकर ही घर जाते हैं. जान जाने की डर से ये कर्मी दिन में इस ऑफिस में एकबार भी अपने सर पर से हेलमेट नहीं उतारते हैं. ये इन ऑफिस कर्मियों की दिनचर्या है. ऑफिस की छत ऐसी है कि कब टूटकर सर पर गिर जाए और जान चली जाए इसका भरोसा नहीं. डर के माहौल में हमेशा यहां काम करने वाले कर्मचारियों ने अब खुद को उपरवाले के ही भरोसे छोड़ दिया है. कारण है कि प्रशासन सुनता नहीं है, ऐसे में आखिर गुहार लगाए भी तो कहां लगाए. मामला पूर्वी चंपारण के अरेराज प्रखंड का है. जहां काम करने वाले कर्मचारी इन दिनों हेलमेट लगाकर कुर्सियों पर बैठते हैं कि कहीं कोई हादसा न हो जाए. कर्मचारियों की मानें तो इस ऑफिस में हमेशा जान जाने का भय उन्हें सताता रहता है.

जर्जर हुई छत

इस ऑफिस की छत की परतें टूट-टूटकर हमेशा नीचे गिरती रहती हैं,प्रखंड ऑफिस का ये भवन दरअसल इतना जर्जर हो चुका है कि कब गिर जाए ये किसी को पता नहीं. ऐसा नहीं है कि केवल ये कर्मचारी यहां हेलमेट लगाकर काम करते हैं. यहां आने वाले ग्रामीण भी इस भवन में अंदर जाने से डरते हैं और अंदर जाना मुनासिब नहीं समझते. छत के जर्जर होने से बारिश के दिनों में छत का पानी भी सीधे फाइलों पर गिरता है. जिससे महत्वपूर्ण कागजात भी बर्बाद हो रहे हैं. इससे पहले भी कई बार छत के टूटकर गिरने से कई लोग घायल हो चुके हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि भवन निर्माण विभाग साल भर पहले ही इस भवन को अमान्य घोषित कर चुका है,लेकिन अधिकारी इस बात को समझ नहीं रहे हैं और इस ऑफिस को दूसरी जगह शिफ्ट नहीं कर रहे हैं. शायद इन्हें इंतजार उस पल का है जब ये छत कहर बनकर यहां काम करने वाले कर्मचारियों के सर पर टूटकर गिरे और लोग गंभीर मुसीबत में फंस जाएं !

 

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