BiG News – बेऊर जेल के बंदियों ने पेश की नई नज़ीर पूलवामा के शहीदों को दी जेल के अंदर से अश्रुपुरित भावभीनी श्रद्धांजलि बोले- हमें निकालें,पाकिस्तान को हम सिखाएंगे सबक

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पटना Live डेस्क। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में बीते गुरुवार को आत्मघाती आतंकी हमले में देश के 44 सपूतों की शहादत ने देश को झकझोक कर रख दिया है।आम हो या खास हर कोई इस आतंकी हमले से आहत है। शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को समूचा देश अलग-अलग स्थानों पर अपने अपने तरीक़े से श्रद्धांजलि दे रहा है। विशेषकर देश के युवावर्ग का आह मिश्रित आक्रोश उफान पर है। एक ओर जहां जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी तक और असम से गुजरात तक देश की आम जनता शहीद जवानों के बलिदान को सलाम करते हुए अलग-अलग तरीकों से उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दे रही है। वही दूसरी तरफ बिहार में राजधानीवासियों के साथ साथ 44 जवानों की शहादत का आक्रोश बेउर केंद्रीय कारा जिसे अमूमन लोग बेउर जेल कहते है में बंद बंदियों और कैदियों में भी मुल्क के सपूतों की शहादत को लेकर आक्रोश है।

मुल्क के कारागारों में बंद कैदी भले ही देश या अपने राज्य के अंदर किसी वारदात के आरोप में सलाखों के पीछे कैद हो पर है तो देश के नागरिक। उन्हें भी देश की आन बान शान खातिर शहीद होने वाले सपूतो की आतंकी हमले में वीरगति प्राप्त करने का दर्द होता है। तभी तो देशप्रेम के ज़ज़्बे ने जेल में बंद ऐसे बंदियों द्वारा दवाब देकर जेल अधिकारियों को पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए जेल अधिकारियों को बाध्य कर दिया। देशप्रेम की अनूठी नजीर पेश की है बिहार की राजधानी पटना स्थित बेऊर आदर्श केंद्रीय कारागार के बंदियों ने।                                
सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को बंदियों ने बेउर केंद्रीय कारागार के अधीक्षक रुपेश कुमार एवम जेलर अशोक कुमार सिंह से आग्रह कर जेल परिसर के अंदर एक श्रद्धांजलि समारोह कराने का आग्रह किया। हालांकि जेल प्रशासन पूर्व से ही इसके आयोजन की तैयारी में लगा था। इस आयोजन में सिर्फ जेलकर्मियों को सम्मिलित करने की योजना थी। पर बंदियों के बीच काफी लोकप्रिय इन दोनों अधिकारियों ने बंदियों की भावनाओं का ख्याल रख श्रद्धांजलि समारोह में शामिल होने की चाहत रखने वाले तमाम बंदियों को शुक्रवार और फिर शनिवार को शाम जेल अहाते में ही श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित होने की व्यवस्था कर अनुमति प्रदान कर दी।

दरअसल, जेल परिसर में भारत के मानचित्र को उकेरा गया जहां बंदियों ने कैंडिल जलाकर पुलवामा के शहीदो को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर बेऊर जेल अधीक्षक रुपक कुमार और जेलर अशोक कुमार सिंह सहित जेल के सभी कारापाल व सिपाही मौजूद थे।                         
अपने शहीद भारतीय सैनिकों की शहादत से आहत बेऊर जेल के बंदी पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी भी करना चाह रहे थे, पर जेल अधिकारियों ने उन्हे समझा बुझाक उनके ज़ज़्बात की कद्र करते हुए भावनाओ को नियंत्रण में रखने की नसीहत देते हुए उन सभी बंदियों को वापस उनके बैरक में भेज दिया।                                      
वही, विश्वस्त सूत्र बतातें है कि दर्जनों बंदियों ने बेउर जेल दो मुख्य अधिकारियों से आक्रोश व रोष में यहाँ तक कह डाला कि हमेंं बाहर निकलवाएं हम एक दर्जन बिहारी बंदी ही पाकिस्तान को सबक सिखाने और नेस्तनाबुद करने के लिए लिए काफी हैं।

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