बड़ी खबर -अब राजद के एक और विधायक ईडी के रडार पर,बनवा रहे थे बिहार का सबसे बड़े मॉल

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पटना Live डेस्क। लालू यादव परिवार पर ईडी के कसते शिकंजे के बीच राजद की मुश्किलें खत्म होने का के आसार नहीं दिख रहे है। विगत दिनों ईडी ने उनके परिवार की तीन एकड़ जमीन को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट के तहत अटैच करने का आदेश दिया। इसी बीच लालू परिवार के बाद अब सुरसंड से राष्ट्रीय जनता दल के विधायक सैयद अबू दोजाना भी केन्द्रीय जांच एजेंसी ईडी के रडार पर आ गए हैं।
उल्लेखनीय है कि विगत दिनों  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईआरसीटीसी होटल रख रखाव आवंटन मामले में लालू यादव और उनके परिवार की तीन एकड़ जमीन को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट के तहत अटैच कर लिया। यही वो ज़मीन है जिस पर बिहार के सबसे बड़े मॉल का निर्माण किया जा रहा था, काम फिलहाल रुक गया है क्योंकि ईडी ने उस जमीन को कुर्क कर लिया है।अब इस मामले में अबू दोजाना और उनकी कंपनी रडार पर आ गई है।
सैयद अबू दोजाना बिहार के सीतामढ़ी जिले के सुरसंड से राजद विधायक हैं। साथ ही साथ मेसर्स मैरिडियन कंस्ट्रक्शन (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिक भी हैं। मुख्यतः एक बड़े कारोबारी है। इनके खिलाफ पहले से निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बेली रोड स्थित निर्माणाधीन मॉल की मिट्टी को बिना टेंडर निकाले संजय गांधी जैविक उद्यान को करीब 90 लाख में बेचने के मामले में जांच कर रहा है। ईडी के सूत्रों की मानें तो सैयद अबु दोजाना का नाम ईडी के प्रोविजन अटैचमेंट ऑर्डर की फाइनल रिपोर्ट में शामिल है। इस मामले में एक हफ्ते पहले ईडी ने लालू यादव की पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से पूछताछ की थी।बताया जा रहा है कि पटना स्थित इस संपत्ति की कीमत करीब 45 करोड़ रुपये है।विगत वर्ष 2005 में यह जमीन डिलाइट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम थी। पिछले साल इस फर्म का नाम बदलकर लारा प्रोजेक्ट एलएलपी रख दिया गया। लालू यादव की पत्नी पूर्व मुख्यमंत्री और बेटे तेजस्वी यादव इसके शेयर होल्डर हैं।
फिलहाल ईडी ने जमीन को प्रिवेंशन ऑफ मनीलॉन्डरिंग एक्ट के तहत अटैच किया है। एजेंसी ने जुलाई में लालू,उनके परिवार और अन्य के खिलाफ इस कानून के तहत मामला दर्ज किया था। ईडी द्वारा दायर की गई एफआईआर के मुताबिक 2005 में रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने रांची एवम पुुुरी स्थित आईआरसीटीसी के होटलों के रखरखाव के लिए सुजाता होटल्स को कॉन्ट्रैक्ट दिलाने में मदद की थी। इसके बदले उन्हें पटना में यह जमीन दी गई थी। इससे पहले सीबीआई ने भी इसी मामले में एफआईआर दर्ज कर लालू और परिवार के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी।
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब ईडी के प्रोविजनल अटैचमैंट आर्डर की फाइनल कॉपी में अबू दोजाना का नाम शामिल किया गया है।इस दस्तावेज की एक्सक्लूसिव कॉपी पटना Live के पास है। सूत्रों के मुताबिक ईडी जल्द ही इस मामले में पूछताछ के लिए अबू दोजाना को भी नोटिस भेज सकती है। इसके साथ ही इनकम टैक्स के सूत्रों कि माने तो इनकम टैक्स की टीम कई अन्य मामलों की भी पड़ताल में जुट गई है।