ललित मोदी ने धोनी पर साधा निशाना 100 करोड़ सालाना कमानेवाला श्रीनिवासन का 43 हज़ार मंथ पर कर्मचारी क्यों ?

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पटना Live डेस्क। आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी जो मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में देश से फरार होकर इंग्लैंड में रह रहे है ने अब पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए हमला बोला है।चैंपियंस ट्रॉफी शुरू होने से ठीक पहले ललित मोदी ने इस विवाद को उछालकर सनसनी मचा दी है।उन्होंने अपनी ट्विटर और इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिये भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन पर हमला बोला है। मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट और इंस्टाग्राम पर एक लेटर पोस्ट किया है जिसमें धोनी की बेसिक सेलरी 43,000 बतायी गई है। इस मे इंडिया सीमेंट्स में उनकी नियुक्ति बतौर वाइस प्रेसीडेंट (मार्केटिंग) के रूप में दिखाने का दावा किया गया है।

मोदी ने अपने आरोपों को धारदार बनाते हुए लिखा हैं कि ऐसा केवल भारत में ही हो सकता है। BCCI के पुराने रक्षकों द्वारा लगातार नियमों की अवमाननाएं की जाती रही है। लेकिन जो मुझे सबसे ज्यादा अजीब लगा वह एमएस धोनी का अपॉइंटमेंट लेटर है। आखिर क्यों? धोनी 100 करोड़ रुपए सलाना कमाता है ऐसे में वह श्रीनिवासन का कर्मचारी बनने के लिए क्यों तैयार होगा? शर्त लगा लीजिए ऐसे कई अनुबंध हुए होंगे। इसके अलावा कई स्पेशल अलाउंसेज भी हैं। साथ ही ललित मोदी ने पूर्व बीसीसीआई अधिकारी एन. श्रीनिवासन, राजीव शुक्ला और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की तस्वीरें भी पोस्ट की हैं। मोदी ने इस पोस्ट के जरिए श्रीनिवासन पर आईपीएल के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है।
पत्र में लिखा गया है कि यह पद जुलाई 2012 से प्रभावी होगा। हालांकि मोदी अक्सर बीसीसीआई पर इस तरह के आरोप लगाते रहते हैं। लेकिन इस बार उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी को भी इस विवाद में घसीट लिया है।
मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर धोनी के बाबात एक लेटर हेड अपलोड किया है। बकौल ललित यह धोनी को इंडिया सीमेंट की ओर से मिला ऑफर लेटर बताया है। ऑफर लेटर में धोनी की नियुक्ति बतौर मार्केटिंग वाइस प्रेंसीडेंट दिखाई गई है। जिसमें धोनी की आय का भी ब्यौरा दिया गया है। इस लेटर के मुताबिक धोनी की बेसिक मासिक सैलरी महज 43,000 रुपये है। जबकि एमएस धोनी सालों से बीसीसीआई में ग्रेड ए श्रेणी के क्रिकेटर हैं।जिससे उन्हें साल में इस रकम से कई गुना ज्यादा सैलरी मिलती है।