BIG NEWS (वीडियो) 11वें दिन इंडियन नेवी ने पिलर नंबर 38 के पास ढूढ निकाला मेटल, स्कोर्पियो के मिलने के आसार बढ़े 

बृजभूषण कुमार, ब्यूरो प्रमुख, पटना सिटी

पटना Live डेस्क। बीते 31 जुलाई की सुबह लगभग सवा पांच बजे हाजीपुर की तरफ से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो गांधी सेतु के पिलर संख्या 38 के पास कट प्वाइंट के समीप लोहे की रेलिंग को तोड़ती हुई गंगा में गिर गयी थी। वही, दूसरी तरफ राजधानी पटना के  कंकड़बाग थाना क्षेत्र की पीसी कॉलोनी में रहने वाले सजिर्कल आइटम के कारोबारी डॉ विपिन कुमार सिंह का पंद्रह वर्षीय पुत्र आदर्श घटना के दिन 31 जुलाई को ही सुबह साढ़े तीन बजे घर से स्कॉर्पियो लेकर निकला था। इसके बाद से वह लापता है।आदर्श की गुमशुदगी का मामला कंकड़बाग थाने में परिजनों की ओर से दर्ज कराया है। दोनों घटनाओ की आपस मे कड़िया जुड़ी तो परिजनों की आस गंगा नदी में गिरी स्कोर्पियो पर आकर टीक गई।
ग्यारहवे दिन विशाखापत्तनम से आयी 8 सदस्यीय नेवी की टीम ने सर्च आॅपरेशन शुरू किया तो उन्होंने गांधी सेतु के पिलर संख्या 38 के 500 मीटर पूरब तक कि अत्याधुनिक सोनार सिस्टम की इमेजिंग क्षमता वाली जेमिनी मशीन से सघन तलाशी ली तो पिलर से 180 मीटर दूर पूरब में एक मेटल के होने की पुष्टी हुई। तो फिर फ्लोटिंग क्रेन से उसे एंकर के ज़रिए बाहर लाने की कवायद की गई पर गंगा की तेज धार फिर एक बार बड़ी बाधा साबित हुई है। वहीं पानी में करेंट अधिक की होने की स्थिति में बोट वहां पर ठहर नहीं पा रही थी, तो बड़े बोट को चिन्हित जगह पर बुलाया गया है। बार बार पानी मे उतरे जा रहे एंकर मेटल से टकरा तो रहा है पर उसे खिंच नही पा रहा है।                       
साउंड नेविगेशन एंड रेजिंग सिस्टम के तहत टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए साउंड वेब सामने मौजूद ऑब्जेक्ट से टकरा कर वापस आ रही है। नेवी टीम के पास साउंड के साथ इमेज की भी सुविधा है। जो मेटल के होने की तरफ इशारा कर रहा है। लेकिन गंगा के निरंतर बढ़ते जल स्तर व धारा तेज होने की स्थिति में साउंड वेब से आकलन नहीं हो पा रहा है की मेटल का साइज क्या है ?                              वही, लापता आदर्श के परिवार ने गुरुवार को नेवी द्वारा चलाये गये सर्च आॅपरेशन को देखा तो पिता ने बताया कि नेवी की टीम आने से उम्मीद जगी है। वही आज जारी अभियान उनकी शंकाओं का समाधान करता प्रतीत हो रहा है।