खुलासा – आईएएस जितेंद्र कुमार झा को पटना से था बड़ा लगाव,गंगा घाट में बिताते थे घंटो,सुपौल से दिल्ली वाया पटना

पटना Live डेस्क। बिहार के सुपौल के मूल निवासी दिल्ली में 4 दिन से लापता आईएएस ऑफिसर जितेंद्र झा का शव दिल्ली कैंट रेलवे ट्रैक के पास बरामद हुआ है। पुलिस को शव के पास से सुसाइड नोट मिला है।पुलिस के मुताबिक जितेंद्र ने सुसाइड नोट में किसी को भी अपनी मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराया है। विदित हो कि बक्सर डीएम का शव भी कुछ महीने पहले गाज़ियाबाद में रेल ट्रैक पर मिली थी।
मामला सोमवार का है जब दिल्ली में कार्यरत बिहार के सुपौल जिले के आईएस अधिकारी जितेंद्र कुमार जा अपने द्वारका स्थित आवास से मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे उसके बाद से वो घर नहीं लौटे। जितेंद्र के काफी देर तक घर ना आने के बाद जितेंद्र की पत्नी ने अपने ससुराल फोन कर उऩके घर ना लौटने की जानकारी दी जितेंद्र के लापता होने की ख़बर के बाद बिहार के सुपौल स्थित उनके घर में कोहराम मच गया।पटना से की थी इंटर की पढाई

मकतूल आईएएस जितेंद्र ने पटना में तकरीबन 3 साल व्यतीत किये थे। टेंथ पास करने के बाद जितेंद्र ने पटना के पतन कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की थी। इस दौरान वो भिखना पहाड़ी के पास स्थित एक मकान में किरायेदार थे। बेहद संवेदनशील जितेंद्र अक्सर कॉलेज में क्लास अटेंड करने के बाद गंगा किनारे पहुच जाया करते थे। यह वो घंटो बैठकर अविरल गंगा को निहारा करते थे। फिर यहा से उन्होंने दिल्ली का रुख किया था। और फिर सेंट स्टीफेंस से मैथेमेटिक्स से ग्रेड्यूएश किया। लेकिन अक्सर अपने दोस्तों से अक्सर पटना से अपने लगाव के बाबत चर्चा करते थे और कहते थे कि गंगा किनारों पर बिताये अपने वक्त को याद किया करते थर।।                              सीसीटीवी ने खोले राज़आईएएस अधिकारी जितेंद्र के लापता होने की ख़बर पुलिस में देने के बाद प्रशासन ने तुंरत हरकत में आते हुए पूरे इलाके की सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरु कर दी थी।सीसीटीवी फुटेज से मिली जानकारी में जितेंद्र अपने द्वारका स्थित घर से निकलते हुए दिख रहे थे। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरु कर दी थी जानकारी के अनुसार आईएएस अधिकारी जितेंद्र कुमार झा दिल्ली के द्वारका में रहते थे और वह इंडियन सिविल अकाउंट सर्विसेज के अधिकारी हैं जितेंद्र झा इससे पहले सूचना प्रसारण मंत्रालय में कार्यरत थे और इस समय वह मानव संसाधन मंत्रालय में कार्यरत थे। इसके अलावा जितेंद्र झा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एद्मिस्ट्रेशन में ट्रेनिंग भी पूरी कर रहे थे।

बोली पत्नी – तबादलो से थे परेशानआईएएस अधिकारी जितेंद्र की पत्नी ने कहा, वो काफी दिनों से परेशान थे।उनका हर 5 या 6 महीने पर ट्रासंफर कर दिया जाता था। जितेंद्र की पत्नी के मुताबिक जितेंद्र की काफी लोगों से दुश्मनी भी हो चुकी थी। क्योंकि वो एक ईमानदारी से काम करने वाले आईएएस अधिकारी हैं। लेकिन उनकी पत्नी ने किसी भी व्यक्ति पर शक जाहिर नहीं किया है।जितेंद्र का शव मिलने की खबर से पूरे इलाके में मातम का महौल बन गया है। जितेंद्र का शव बरामद होने की खबर ने उनके मां-बाप को बुरी तरह तोड़ कर रख दिया है। माता पिता के मुताबिक जितेंद्र एक ईमानदार और मेधावी व्यक्ति हैं जिसके चलते उनके दुश्मनों की संख्या बढ़ गई थी। परिजनों के साथ साथ इलाके के लोग भी पूरी तरह गमगीन हो गए हैं।आसपास के लोग मां-बाप को ढांढस बंधाने में जुटे हैं। जितेंद्र बिहार से आने वाले तीसरे ऐसे अधिकारी हैं जिन्होने पिछले कुछ दिनों में सुसाइड की है।