वो पटना में रहकर पढ़ना चाहती थी लेकिन परिवार की आर्थिक हालात ठीक नही थी फिर उसने उठाया एक खौफनाक कदम

पटना Live डेस्क। वर्त्तमान दौर में बच्चों की जिद अब उनकी जान की दुश्मन साबित होती जा रही है। इसी कड़ी में बिहारशरीफ के महात्मा लॉज के पास अपने फूफा के घर रहकर पढाई कर रही इंटर की छात्रा 17 वर्षीया आरती कुमारी रात कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। नारदीगंज थाना अंतर्गत हड़िया गांव के निवासी सुरेन्द्र सिंह अपने बहनोई कुटरी निवासी बबलू सिंह के साथ खाड़ी देश में रहकर नौकरी करते हैं।

सुरेन्द्र सिंह की पत्नी नीतू देवी बच्चों की पढ़ाई के लिए अपने रिश्तेदार बबलू सिंह के वारिसलीगंज स्थित घर में लगभग तीन साल से रह रही थी। घटना के दिन छात्रा की मां मायके चली गई थी और तीनों बच्चे अकेले ही थे। सभी बच्चे रात में खाना खाकर अपने -अपने कमरे में सोने चले गये। तीसरी मंजिल पर बने कमरे में मृतका सोने चली गई। सुबह जब बड़ी बहन और मृतक छात्रा देर तक नहीं जागी तो दोनों छोटा भाई-बहन दरवाजा खोलवाने का प्रयास करने लगे। अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आने पर बच्चों ने शोर कर लोगों कर बुलाया। बाद में दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो सभी सन्न रह गये, छात्रा अपने दुपट्टे के सहारे पंखे से लटक रही थी। आनन-फानन में पुलिस और बाहर रह रहे अन्य परिजनों को सूचना दी गई।
पुलिस मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के नवादा भेज दिया। परिजन बताते हैं कि मृतक छात्रा पढ़ने में काफी तेज थी, और इस बार इंटर की परीक्षा में प्रथम श्रेणी में पास की थी। छात्रा आगे की पढ़ाई के लिए पटना जाना चाहती थी। परंतु परिवार अपनी आर्थिक हालत को देखते हुए पटना भेजने में असमर्थता व्यक्त कर रहे थे। परिजनों द्वारा अकेली लड़की को पढ़ाई के लिए पटना भेजने से इनकार करने के बाद छात्रा कुछ दिनों से उदास रहती थी।