Super Exclusive (वीडियो) – थानेदार साहब ने गाज़ा बेचने वाली ख़ातिर “सिपाही” को सरेआम भला बुरा कहना शुरू कर दिया और लगा दी क्लास

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मंगलेश तिवारी, वरीय संवाददाता, भोजपुर

पटना Live डेस्क। सूबे में नशे से मुक्ति का महाभियान चल रहा है। पूर्ण शराबबन्दी है। लेकिन हकीकत क्या है सभी वाकिफ है। आइये आपको एक हकीकत से रूबरू कराते है। ये तो महज एक मामूली घटना है तो ये हाल है बड़े माफिया क्या करते होंगे अंदाज़ा लगाना मुश्किल नही होगा। कैसे होता है नशे का कारोबार? कैसे खाकी वालो का खाकी वाले ही तोड़ते है विश्वास ? कैसे चंद पैसों बातौर नज़राना देकर “नशे” के कारोबारी पुलिस वाले को धमकाते हुए अकड़ दिखाते है? देखिये पटना Live के नज़र से ” नशे के कारोबार” का सच

                  करीब 10 वर्षों से आरा रेलवे स्टेशन पर एक महिला दतुअन बेचने के आड़ में गांजा बेचती है। यह सबकुछ रेल पुलिस की देखरेख में चल रहा है। इसके लिए जीआरपी को फिक्स अमाउंट हर महीने दी जाती है। तभी तो इस महिला की अकड़ ऐसी है कि वर्दीधारी पुलिस वाले की भी बोलती बंद कर दे। एक ऐसा ही वाकया बुधवार की रात स्टेशन पर हुआ। जब  एक नवपदस्थापित सिपाही ने परिसर में गश्ती के दौरान उक्त महिला को गांजा बेचते रंगेहाथों पकड़ लिया। उसके बाद जो कुछ भी हुआ उसे जानकर आप का भरोसा सिस्टम से उठ जाएगा।इस पूरी घटना को वहां मौजूद एक आम आदमी ने कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो में स्पष्ट है कि महिला ने खुल्लेआम पूरी धमक के साथ न सिर्फ स्वीकार किया कि उसी का गांजा है। बल्कि उससे जब सिपाही ने पूछा कि किसकी आदेश से बेच रही हो तो उस महिला ने सिपाही से कहा कि जाओ थाना में समझो।

                    जब सिपाही ने उसे थाना चलने को कहा तो कड़क के बोलती है कि नहीं जाऊंगी तुम जाओ। मैं सुबह में जाऊंगी। यह अबतक गांजा के गोरखधंधे का आधा सच सामने आया था। घटना के बाद हुए हो हल्ला से लोग एकत्रित हो गए। महिला ने थाना जाने से मना किया तोे किसी ने जीआरपी के थानेदार को इस पूरे वाकये की सूचना दी। सूचना पाते ही थानेदार भी दल बल के साथ फौरन हाजिर हो गया। लेकिन, ये क्या थानेदार ने आते ही महिला को पकड़ने उसे जेल भेजने के बजाय सिपाही को ही भला बुरा कहना शुरू कर दिया।

जी हां! अब स्टेशन पर उपस्थित सभी को यकीन हो गया कि गांजा बेचने का यह धंधा पुलिस के संरक्षण में चलता है। आपको बतादें कि उजले कमीज में जो व्यक्ति सिपाही को कह रहा है कि आप हमसे न पूछियेगा कि कहां क्या करना है..? वह आरा जीआरपी के इंचार्ज सूर्यदयाल सिंह हैं। जी हां.. सिपाही को नासिहत देते हुए उसे थाना लेकर चले गए। लेकिन गांजा बेचने वाली महिला को युहीं छोड़ दिया। वाह रे सिस्टम.. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रेल पुलिस के बड़े पदाधिकारी उस थानेदार पर कार्रवाई करते हैं या नीचे से ऊपर तक पूरा सिस्टम ही मैनेज संस्कृति का पोषक बना हुआ है।