बड़ी खबर – तेजस्वी यादव ने स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मंगल पांडेय के घर चार डॉक्‍टरों की तैनाती पर उठाये सवाल,नीतीश पर भी किया वार

पटना Live डेस्क। बिहार के जदयू भजपा सरकार में स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मंगल पांडे के घर डॉक्‍टरों की तैनाती का मामला में एक बार फिर बिहार में सामने आ रहा है। इस बार ममला एनडीए सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री से जुड़ा है,जिस पर पूर्व उपमुख्‍यमंत्री व विपक्ष के नेता तेजस्‍वी यादव ने सवाल खड़े कर दिए है।
तेजस्‍वी ने ट्वीटर पर स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के आदेश को साझा करते हुए सवालिया लहजे में कहा है कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री ने स्थायी रूप से अपने घर चार डॉक्टर्स की तैनाती करवाई है।जबकि लालू जी के यहां अटेंडेट की दो दिन की नियुक्ति राष्ट्रीय बहस थी।तेजस्‍वी ने इस मुद्दे पर मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को भी घेरा है।


अपने अगले ट्वीट में तेजस्‍वी ने लिखा है ‘नीतीश जी का हजारों करोड़ का सृजन महिला घोटाला उजागर होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री की हालत इतनी बिगड़ गयी कि घर पर 4-4 डॉक्टर्स की तैनाती कर ली। बता दें कि बिहार सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की ओर से एक अगस्‍त 2018 को जारी आदेश में सोमवार से शनिवार तक डॉ कृष्‍ण मोहन पूर्वे और डॉ नं‍द किशोर मिश्रा को मंत्री के पटना आवासीय कार्यालय में क्रमश: सुबह नौ बजे से शाम साढ़े तीन बजे तक और शाम साढे तीन बजे से रात दस बजे तक तैनात किया गया है। जबकि रविवार को  सुबह नौ बजे से शाम साढ़े तीन बजे तक डॉ नरेंद्र भूषण और शाम साढे तीन बजे से रात दस बजे तक डॉ नागेश्‍वर प्रसाद को ये जिम्‍मेवारी दी गई है।

सनद रहे कि पूर्व महागठबन्धन दिनों पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के तीन सीनियर डॉक्टर्स की ड्यूटी सूबे के वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप के घर लगाए जाने का मामले पर विपक्ष ने खूब हंगामा किया था और इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कार्रवाई करने की मांग भी कर दी थी। तब विपक्ष में भाजपा थी,मगर अब सरकार बदलने के बाद भाजपा कोटे के ही मंत्री के लिए चार–चार डॉक्‍टरों की तैनाती की गई है।


तब भाजपा के वरिष्‍ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि  स्वास्थ्य मंत्री ने अपने पिता के इलाज के लिए सरकारी अस्पताल के डॉक्टर और नर्स की ड्यूटी अपने घर पर लगा दी।सरकारी खर्चे पर सरकारी डॉक्टरों से लालू यादव अपना इलाज करवा रहे हैं। ऐसे वक्त में जबकि इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में मरीजों का भारी दबाव है। स्वास्थ्य मंत्री अपने पिता के इलाज के लिए डॉक्टरों की पूरी टीम को लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें जनता की परवाह नहीं है।