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21वीं सदी का भारत है या मध्यकाल का बर्बर खुरासानी समाज? FB पर शहीद थानाध्यक्ष के परिजन ने पूछा सवाल?

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पटना Live डेस्क। बिहार के किशनगंज जिले की सीमा से सटे पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के ग्वालपोखर थानांतर्गत पंतापाड़ा गांव में शनिवार की अहले सुबह तकरीबन 3 बजे उन्मादी भीड़ ने बिहार पुलिस के अफसर की पीट-पीटकर जान ले ली। किशनगंज टाउन थानेदार अश्विनी कुमार की वीभत्स मॉब लिंचिंग के बाद उनके घर में फिर से मातम पसर गया है। बेटे की हत्या के सदमे में उनकी मां ने भी शरीर छोड़ दिए। बताया जा रहा है कि वो बेटे की हत्या का गम बर्दाश्त नहीं कर पाईं।

बेटे का शव  देखते ही मां ने त्याग दिए प्राण

पश्चिम बंगाल में मॉब लिन्चिंग का शिकार हुए किशनगंज टाउन थानेदार अश्विनी कुमार का पार्थिव शरीर जब उनके घर पहुंचा तो उनकी मां इस दुख को बर्दाश्त नहीं कर पाईं। बेटे का शव देखते ही मां ने भी अपने प्राण त्याग दिए। इसके बाद पूरे इलाके का माहौल गमगीन हो गया। एक साथ शहीद थानेदार अश्विनी कुमार के घर से दो अर्थियां उठीं।

बिहार के किशनगंज नगर के थानाध्यक्ष (SHO) अश्विनी कुमार बाइक चोर को पकड़ने गए थे। जैसे ही गांव में पुलिस की टीम पहुंची, गांववालों ने उन्हें घेर लिया। लोगों ने ईंटों-पत्थरों से पुलिस की टीम पर हमला किया। इससे थानेदार अश्विनी कुमार घायल होकर गिर पड़े। उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस मामले में मुख्य आरोपी सहित 2 लोगों को अरेस्ट किया गया है।

बता दें कि यह इलाका बंगाल के गोलपोखर विधानसभा इलाके में आता है। यहां 22 अप्रैल को वोटिंग है। इस घटना से आहत SHO के बहनोई ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर इसे साजिश बताया है।

अश्विनी कुमार के बहनाई दिलीप दर्श ने फेसबुक पर एक पोस्ट की है। दिलीप एक लेखक हैं। उन्होंने पोस्ट में लिखा- “बंगाल पुलिस की लापरवाही की वजह से मेरे बड़े साले साहब (SHO Police Inspector, KISHANGANJ) की जान गई। कोई राजनीतिक साजिश भी हो सकती है। भीड़ ने पीट पीट कर मार डाला। यह कैसा समाज है ….इक्कीसवीं सदी का भारत है या मध्यकाल का बर्बर खुरासानी समाज….?? टीवी पर न्यूज देखकर मेरा पूरा परिवार हतप्रभ और सदमें में है। बच्चे पूछ रहे हैं- मामा जी को क्या हुआ है?
अभी फरवरी में पूर्णिया से लौटते वक्त भाईजी से किशनगंज में मिले भी थे। उनमें आतिथ्य सत्कार भावना कूट कूट कर भरी थी। हमसे जितना स्नेह रखते थे उतना ही हम पर गर्व भी करते थे।हम उन्हें अपने अभिभावकों में एक मानते थे। इस अभिभावक का साया उठ गया। कैसे करेगा कोई पुलिस की नौकरी? …..भाई जी आप अभी जितना याद आ रहे हैं उससे कहीं ज्यादा बाद में याद आएंगे जब हम अपने सर पर किसी साये को टटोलेंगे …और हाथ कुछ नहीं आएगा।

किशनगंज के टाउन थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की हत्या से परिजनों में जबरदस्त आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि साजिश के तहत थानेदार की हत्या की गई है। उनका कहना है कि थानाध्यक्ष के साथ गए पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल अगर वहां मौजूद रहकर एक भी गोली चला देते तो शायद भीड़ के चंगुल से अश्विनी कुमार की जान बच जाती।SHO को छोड़कर फरार 7 पुलिसकर्मी सस्पेंड

 

मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में सर्किल इंस्पेक्टर मनीष कुमार सहित सात पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। आईजी के निर्देश पर एसपी ने कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि जब पश्चिम बंगाल के दिनाजपुर में भीड़ ने थानेदार अश्विनी कुमार को घेरा तो ये पुलिसकर्मी वहां से हट गए

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