लालू प्रसाद की रंग में रंगा पटना..हरेक चौक-चौराहों पर 27 अगस्त की रैली को लेकर चिपके पोस्टर..समर्थकों के खाने और रहने का है पूरा इंतजाम

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पटना Live डेस्क.  27 अगस्त को लालू प्रसाद की पार्टी यानि राजद की रैली है..पूरा पटना लालू के रंग में रंगा है..हरे-हरे पोस्टर शहर के हरेक चौक-चौराहों पर आपको देखने को मिल जाएंगे. कहीं लालू और राबड़ी की तस्वीर तो कहीं लालू प्रसाद के दोनों उत्तराधिकारी तेजस्वी और तेजप्रताप की तस्वीर..गांधी मैदान में होने वाली इस रैली में समर्थकों को पहुंचना भी शुरु हो गया है. कोई गांधी मैदान में आराम कर रहा है तो कोई पार्टी के विधायकों के निवास पर..समर्थकों को कोई परेशानी न हो इसके लिए लालू प्रसाद ने खास इंतजाम किए हैं. विधायक आवास के अलावा कई और दूसरी जगहों पर भी उऩके खाने-पीने और आराम करने का व्यापक इंतजाम किया गया है. राजद समर्थकों में उत्साह चरम पर है..लालू प्रसाद ने इस रैली को अपनी इज्जत की रैली बना दिया है..जाहिर है जितनी भीड़ जुटेगी उसी आधार पर रैली के सफल और असफल होने का पैमाना तय किया जाएगा..गांधी मैदान के प्रवेश द्वार पर बड़े-बड़े तोरण द्वार बनाए गए हैं जहां लालू और राब़ड़ी देवी की बड़ी-बड़ी तस्वीर लगाई गई है. हालांकि लालू को जितनी अपेक्षा थी उस लिहाज से देखें तो उनके साथ कई नेताओं ने आने से कन्नी काट ली..कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आने से इनकार कर दिया..साथ ही प्रदेश कांग्रेस मे भी इस रैली में शामिल होने को लेकर उहापोह वाली स्थिति है. राज्यसभा से इस्तीफा देते ही जिस मायावती को लालू प्रसाद ने बिहार से राज्यसभा भेजने का ऑफर दिया था उन्होंने भी रैली में आने से इऩकार कर दिया है. ऐसे मे बड़ी पार्टियों की नेताओं की गैर मौजूदगी में इसका असर रैली में जुटने वाली भीड़ पर अवश्य पड़ेगा..

वहीं वर्तमान में राज्य बाढ़ की भीषण त्रासदी झेल रहा है..सूबे के 18 जिले बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित हैं जिसमें करीब डेढ़ करोड़ की आबदी पूरी तरह से प्रभावित है. करीब पांच सौ लोगो की मौत इस भीषण प्राकृतिक आपदा के चलते अभी तक हो चुकी है..राजद का गढ़ माने जाने वाले खगड़िया, सहरसा और मधेपुरा जिलों में बाढ़ के चलते लोग अपने घर-वार को छोड़ पलायन करने को मजबूर हैं..ऐसे में इन इलाकों से कितनी भीड़ लालू प्रसाद की रैली में जुटती है इसपर सबकी निगाहें होंगी.

उधर पटना पुलिस 27 अगस्त को शहर में आने वाली भीड़ से निपटने के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली है. पुलिस ने पूरी राजधानी की किलेबंदी कर दी है. पुलिस ने न सिर्फ प्लान तैयार किया है बल्कि उसे लागू करना भी शुरू कर दिया है. पटना की किलेबंदी इस कदर की गई है कि शहर में 4 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. CCTV कैमरे से पटना के भीड़ भाड़ वाले इलाके समेत पूरे गांधी मैदान की मॉनिटरिंग की जायेगी. रैली में सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. पटना पुलिस ने गांधी मैदान में स्थायी थाना खोला है. एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि राजधानी में 20 जगहों पर पार्किंग स्पॉट बनाया गया है. इस व्यवस्था के तहत वेटनरी कॉलेज परिसर, गर्दनीबाग रोड नं.-11, जीरो माइल से मीठापुर तक बड़े वाहन लगेंगे. इसके अलावा ट्रांसपोर्ट नगर के अंदर भी बड़े वाहन लगाये जायेंगे.
रैली में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पास सिस्टम लागू किया गया है. अति विशिष्ट व्यक्ति लाल पासधारक गेट नं-1 से गांधी मैदान में प्रवेश करेंगे. हरे पास धारक विधायक गेट नं-13 से मैदान में प्रवेश करेंगे. विधायकों की गाड़ी ए एन सिन्हा इंस्टीट्यूट में पार्क होगी जहां केवल लाल-हरे रंग के पास धारकों के वाहनों को प्रवेश मिलेगा.

पटना पुलिस का दावा है कि सुरक्षा में चूक की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है लेकिन गांधी मैदान में हुंकार रैली ब्लास्ट, विजयादश्मी भगदड़ और हाल में मुख्यमंत्री आवास के पास राजद कार्यकर्ताओं का हुड़दंग भी पटना पुलिस को याद रखना पड़ेगा.

 

 

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