बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

BiG News – बिहार में जनसरोकार की पत्रकारिता के देशव्यापी हस्ताक्षरों में शुमार लौहपुरूष “बाबा” की मनाई गयी द्वितीय पुण्यतिथि,स्याही से व्यवस्था के कालिख को करते थे उद्घृत

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पटना Live डेस्क।बिहार की बेहद उर्वरा धरती पर कलम से जनसरोकार की अलख जगाने वाले देश्वव्यापी हस्ताक्षरों में शुमार और पत्रकारिता जगत के लौह पुरूष कहे जाने वाले अमृतवर्षा हिन्दी दैनिक के संस्थापक संपादक स्वर्गीय पारसनाथ तिवारी ‘बाबा’ की दूसरी पुण्यतिथि पर पत्रकारिता जगत ने उनको याद किया। पटना के श्रमजीवी पत्रकार युनियन के कार्यालय परिसर में बिहार के जाने माने पत्रकारों ने उन्हें श्रद्धांजली प्रदान की तथा उन्हें याद किया।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानेश्वर, बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महासचिव प्रेम कुमार, संजय शुक्ला, कृष्ण कांत ओझा, संजीव कुमार, बन बिहारी तिवारी, संतोष कुमार, अभिषेक मिश्र, अमित कुमार, कनिष्क सिंह, रमेंद्र सिंह, चंद्रकांत मिश्रा, अभिषेक कुमार सिंह, मृत्युंजय समेत इलेक्ट्रॉनिक तथा प्रिंट मीडिया से जुड़े कई पत्रकार उपस्थित थे। बाबा की पुण्यतिथि पर उनको याद करते हुए बिहार के जाने माने पत्रकार और स्वत्व पत्रिका के संपादक कृष्णकांत ओझा ने कहा कि बाबा ने निडरता और निर्भिक्ता के साथ पत्रकारिता की।

अपने मार्गदर्शन में काम करने वाले पत्रकारों को को भी उन्होंने निडर और निर्भिक बनाया। कृष्णकांत ओझा ने कहा कि बाबा जीवनपर्यंत नैतिक मूल्यों के आधार पर निष्पक्ष एवं समतामूलक पत्रकारिता करते रहे। आज के परिप्रेक्ष्य में उसी प्रकार के पत्रकारिता की जरूरत है। बाबा को याद करते हुए अमृतवर्षा हिन्दी दैनिक के संपादक बन बिहारी तिवारी ने कहा कि बाबा ने संघर्ष करना सिखाया। बाबा खुद मुश्किल राह पर चलते रहे, संघर्ष करते रहे। सच के साथ समझौता न करने की जिद की वजह से उन्हें इसकी कीमत भी चुकानी पड़ी। बाबा की दूसरी पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजली सभा में बिहार के कई जाने माने पत्रकारों ने शिरकत की। पत्रकारों ने बाबा की पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजली दी।

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