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Super Exclusive-देखिए CISF की गोपनीय रिपोर्ट ने खोला मुंगेर के महापाप का सच

पटना Live का Super Exclusive खुलासा - मुंगेर के महापाप को लेकर झूठा साबित हुआ IPS लिपि सिंह का आरोप, भीड़ ने नहीं पुलिस ने की थी फायरिंग, CISF की रिपोर्ट से खुलासा

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पटना Live डेस्क।बिहार के मुंगेर (Munger) में दशहरा पर मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई फायरिंग में मौत मामले में चुनाव आयोग ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है।मुंगेर में बवाल जारी है। मुंगेर की गंभीर स्थिति पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने कड़ा फैसला लिया है। निर्वाचन आयोग ने मुंगेर के डीएम राजेश मीणा और एसपी लिपि सिंह को चलता कर दिया है। साथ ही उनकी जगह आईपीएस मानवजीत सिंह ढिल्लों को मुंगेर का नया एसपी एवं रचना पाटिल को नया डीएम बनाते हुए उन्हें आज ही पदभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है।

दरअसल, देवी दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस फायरिंग और एक युवक की मौत हो जाने के बाद मुंगेर के लोगों में जबरदस्त असंतोष और आक्रोश व्याप्त है। जिसका फलसफा गुरुवार को उस वक्त देखने को मिला जब सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित लोगों की भीड़ ने मुंगेर शहर की सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए एसपी कार्यालय पहुंच। वहां भारी तोड़फोड़ की और पूरबसराय ओपी थाना पहुंचकर पुलिस के कई वाहन आग के हवाले कर दिए।

वही, घटना के बाद पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने कहा था, ‘कुछ असामाजिक तत्वों ने दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान पथराव किया, जिसमें 20 जवान घायल हो गए। भीड़ की तरफ से भी गोलीबारी की गई जिसमें दुर्भाग्य से एक व्यक्ति की मौत हो गई।’

घटना के एक कथित वीडियो में सुरक्षाकर्मियों को विसर्जन जुलूस में लोगों के एक समूह पर लाठी चार्ज करते दिखाया गया था। साथ ही सोशल मीडिया पर एक विचलित करने वाली तस्वीर वायरल हुई थी,जिसमें इस घटना में मारा गया युवक खोपडी के खुले हिस्से के साथ जमीन पर बेसुध पड़ा नजर आ रहा है।

वही, बकौल प्रत्यक्षदर्शियों के विसर्जन के लिए दुर्गा की मूर्ति ले जाने के दौरान एक बांस के वाहक के टूट जाने के बाद परेशानी शुरू हो गई थी और इसे ठीक करने में समय लग रहा था।

इसी बीच पटना Live ने जब मुंगेर के महापाप का सच जाने की कवायद शुरू की तो जो सच खुलकर मय सुबूत हाथ लगा वो Munger पुलिस कप्तान रही IPS लिपि सिंह के झूठ को न केवल बेनकाब करता है बल्कि उनके व DM राजेश मीणा के बयानो की धज़्ज़िया उड़ा  देता है की फायरिंग असामाजिक तत्वों द्वारा की गई।

हकीकत ये है कि इस जघन्यतम करतूत के वक्त मुंगेर में चुनाव कराने आये CISF दस्ते ने IPS लिपि सिंह और IAS राजेश मीणा के सफेद झूठ को बेनकाब कर दिया है। दरअसल, पटना Live को वो गोपनीय E-mail की कॉपी मिली है जो घटना के बाबत CiSF के अधिकारी ने पटना और दिल्ली  मुख्ययाल को भेजा है।

CISF की गोपनीय रिपोर्ट ने रात के अंधेरे में हुई खूंरेजी और दरिंदगी का सारा राज फास कर दिया है।CISF द्वारा अपने हेडक्वार्टर को भेजी गई रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि पहले स्थानीय पुलिस (Local Police) ने फायरिंग की…पब्लिक के द्वारा फायरिंग का कोई जिक्र नहीं है।

इस गोपनीय रिपोर्ट से IPS लिपि सिंह और IAS राजेश मीणा का झूठ पकड़ा गया है। अब देखना है कि क्या मासूम को इंसाफ मिलता है या नही?

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