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BiG News-झारखंड के परमवीर अल्बर्ट एक्का की पत्नी बलमदीना एक्का का निधन, 5 दशक की टूट गई उम्मीद नही बना गाँव मे शहीद स्मारक 

50 वर्षो तक अपने पति के शहीद स्मारक अपने गांव में बनवाने की उम्मीद लिए सदा के लिए मौन हो गई बलमदीना एक्का

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पटना Live (राँची) डेस्क| झारखंड की राजधानी रांची से 160 किलोमीटर दूर आदिवासी बहुल गुमला जिले में पहाड़ों-जंगलों से घिरा अल्बर्ट एक्का के गांव जारी से एक बेहद बड़ी खबर मिली रही हैं।अल्बर्ट एक्का के परिजनों ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि परमवीर अल्बर्ट एक्का की पत्नी बलमदीना एक्का का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है।पर उनकीं एक मंशा परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का की पांच दशक बाद भी अपने पैतृक गांव में शहीद स्मारक बनने का इंतजार इंतजार ही बन कर रह गया।

1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले परमवीर चक्र विजेता शहीद अल्बर्ट एक्का की जयंती पर देश उन्हें याद हर बार याद करता है।झारखंड में इस मौके पर खास आयोजन किए जाते हैं। हालांकि, परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का की पत्नी बलमदीना एक्का को पांच दशक बाद भी अपने पैतृक गांव में पति के शहीद स्मारक बनने का इंतजार करते हुए सदा के लिए मौन हो गई।

बलमदीना एक्का ने सरकार से अपने लिए कई एकड़ जमीन या पैसे की कोई मांग नहीं की। बेहद बूढ़ी और चलने -फिरने से मजबूर बलमदीना एक्का की अंतिम ख्वाहिश थी कि उनके पति का स्मारक पैतृक गांव में ही उनके जीवित रहते बन जाएं। जिससे वे उस स्मारक पर पुष्प अर्पित कर उनके बलिदान को नमन कर सकें। लेक़िन ये यह एक मात्र और अंतिम उम्मीद भी टूट गई और उनका निधन हो गया।

वर्ष 2015 में शहादत स्थल त्रिपुरा से उनकी मिट्टी जारी गांव लाकर स्मारक बनाने की बात राज्य सरकार की ओर से की गई, लेकिन अब तक यह काम भी अधूरा है। अल्बर्ट एक्का के बेटे विंसेट एकता का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि सराकर मेरी माँ की आखरी ख्वाहिश पूरी करेगी पर …अब सरकार उनके पिता का स्मारक  पैतृक गांव में बनाने का सपना कब पुुुरा करेगी देखना होगा।

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