Big News-(ऑडियो) पटना में जक्कनपुर थानेदार द्वारा मीठापुर बस स्टैंड में चुंगी वसूली में कमीशन मांगने का वायरल हुआ ऑडियो

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पटना Live डेस्क। पटना पुलिस के अबतक के इतिहास में जक्कनपुर थाना पहला थाना है जो सूबे में लागू पूर्ण शराबबंदी के बाद वह पहला थाना है जिसके थानेदार को निलंबित करते हुए पूरा थाना ही लाइन हाजिर कर दिया गया। वही थानेदार रहे अमरेंद्र झा को शराब बिक्री के खिलाफ लापरवाही बरतने के आरोप में एसएसपी मनु महाराज ने कार्रवाई करते हुए सस्पेंड कर दिया था।फिर इस थाने की कमान इंस्पेक्टर अबरार अहमद खान को सौंपी गई साथ ही 5 दारोगा और 6 जमादार की तैनाती की गई। लेकिन इस थाने का अभिशाप खत्म होता नही दिख रहा है। अब वर्त्तमान थानेदार अबरार अहमद खान पर मीठापुर बस स्टैंड में चूंगी वसुली का टेंडर लेने वाली एजेंसी के निदेशक ने चुंगी वसूली में कमीशन मांगने का बेहद सनसनी खेज आरोप लगाया है। साथ ही अपने दावे के समर्थन में 2 ऑडियो क्लिप भी मीडिया से साझा किया गया है। इस ऑडियो के बाबत निदेशक अतिरेक सलिल का दावा है कि यह दोनों बात चीत एजेंसी के प्रतिनिधि और SHO जक्कनपुर के बीच की है।
दरअसल पटना नगर निगम ने मीठापुर इंटरस्टेट बस पड़ाव के रख-रखाव एवं टैक्स वसूली के लिए टेंडर प्रक्रिया के जरिए अनुदीश डेवलपमेंट कंपनी को 18 मई, 2018 को बस पड़ाव की चुंगी वसूली का जिम्मा मिला है। अनुदीश नामक इस एजेंसी ने इसके लिए पटना नगर निगम को 1 करोड़ 92 लाख का भुगतान किया है। इसके एवज में कंपनी को बस पड़ाव के रखरखाव और टैक्स वसूली का जिम्मा मिला है।लेकिन एजेंसी के निदेशक अतिरेक सलिल का आरोप है कि स्थानीय थाने की मदद से मीठापुर बस पड़ाव में लगभग 200 छोटे-बड़े दुकानदारों ने अवैध रूप कब्ज़ा किया हुआ है। इस जबरिया अतिक्रमण के खिलाफ एजेंसी की कार्रवाई पर जक्कनपुर थाना को आपत्ति तो है ही साथ ही साथ एजेंसी का दावा है कि थाना प्रभारी खुद उनसे बातचीत में हर महीने एक फिक्स रकम बतौर कमीशन की मांग कर चुके हैं।                                                पुलिस के रवैये से एजेंसी को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तो अवैध रूप से स्टैंड में अतिक्रमणकारियों से बस पड़ाव मुक्त नहीं हो पा रहा और दूसरा अवैध दुकानदारों की फैलाई गन्दगी के कारण नगर निगम का जुर्माना भी एजेंसी को ही भरना पड़ रहा है।