पदभार ग्रहण करते ही सुशील मोदी ने कहा, भ्रष्टाचार के मामले में किसी को माफी नहीं,मंगाई मिट्टी घोटाले की फाइल

पटना Live डेस्क. राज्य में गठित एनडीए सरकार में डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने आज अपना पदभार ग्रहण किया. पदभार ग्रहण करते ही सुशील मोदी ने जो बयान दिया है उससे महागठबंधन सरकार में पर्यावरण मंत्री रहे और लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. सुशील मोदी ने अपने ऑफिस के पहले ही दिन मिट्टी घोटाले की फाइल मंगाई और कहा कि वन विभाग के इस मामले की अतिशीघ्र जांच कराई जाएगी. इसके साथ ही डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि विकास हमारी प्राथमिकता है और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमने जो लड़ाई शुरु की है वो जारी रहेगी और इसमें लिप्त किसी को भी माफी नहीं मिलेगी. उन्होंने कहा कि जेडीयू के साथ पिछले साढ़े सात साल में जो काम हुआ था उसे फिर से शुरु करना है. उन्होंने पटना जू में हुए कथित मिट्टी घोटाले के प्रश्न पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि लालू की तरह वह बदले की भावना से काम नहीं करते हैं, लेकिन अगर प्रमाण, तथ्य और सबूत मिलता है, तो वह किसी को छोड़ेंगे नहीं.

पुराना सचिवालय में अपने कक्ष में मीडियाकर्मियों से बातचीत में उन्होंने कहा कि लालू ने उन्हें बेवजह स्वास्थ्य विभाग की एक मशीन के मामले में पांच साल तक घसीटा था, लेकिन मैं उस तरह की राजनीति नहीं करता हूं.

उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री के नाते आज कार्यभार ग्रहण किया है. विभागों की समीक्षा बैठक रखी है. सभी विभागों की समीक्षा करेंगे कि कहां क्या स्थिति है? उन्होंने कहा कि हमारी मुख्य प्राथमिकता होगी, जीएसटी को क्रियान्वित करने में आ रही दिक्कतों को देखना.

उन्होंने कहा कि जीएसटी में आ रही कठिनाइयों पर ध्यान देना हमारी पहली प्राथमिकता होगी. छोटे व्यापारियों से भी इस मसले पर बातचीत करेंगे. सुशील कुमार मोदी ने कहा कि एक बेहतर शासन का पहला सूत्र है, लगातार समीक्षा करना और कठिनाइयों को दूर करना. साथ ही नयी नीतियों का निर्धारण करना, ताकि बेहतर परिणाम निकले.

सुशील मोदी ने कहा कि वन विभाग से जुड़ा, जो मिट्टी घोटाले का मामला है, उसे देखेंगे. बालू माफियाओं के खिलाफ रविवार को अभियान चला है, जिसमें बड़े पैमाने पर राजनीतिक फंडिंग की बात सामने आयी है. उसी कमियों और त्रुटियों को देखा जा रहा है, उसके बाद आगे बढ़ा जायेगा.