‘अच्छा हुआ कि नीतीश कुमार चले गए,हमें उनकी मंशा का भी पता चल गया’-लालू प्रसाद

पटना Live डेस्क. भाजपा भगाओ रैली से उत्साहित राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने एक बार फिर मायावती के साथ आने का भरोसा जताया है. लालू प्रसाद ने कहा कि वो विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर बीएसपी नेता मायावती की चिंताओं को दूर करने की कोशिश करेंगे.उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि मायावती को राज्यसभा में वो मदद कर सकते हैं.

राजद की रैली में मायावती के नहीं शामिल करने के सवाल पर लालू प्रसाद ने कहा कि मैं उनकी चिंताओं को समझता हूं और इसे हल करने का प्रयास किया जाएगा. सीट शेयरिंग के मुद्दे से पहले हमलोगों की कोशिश विपक्षी दलों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की है. मायवाती हमलोगों के साथ हैं.

लालू प्रसाद ने कहा कि बिहार में महागठबंधन जारी है. राजद की रैली में शरद यादव ने असली जदयू का प्रतिनिधित्व किया है. अब हमलोगों का फोकस यूपी पर हैं. मायावती और अखिलेश एक साथ आ जाते हैं तो बीजेपी का सफाया हो जाएगा.

राजद सुप्रीमो ने कहा कि देश में विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए मायावती का साथ आना जरुरी है. बीएसपी की यूपी में हार जरुर हुई है लेकिन मायावती के मजबूत वोट बैंक से कोई इनकार नहीं कर सकता है.

उन्होंने कहा कि राजद का यूपी में जनाधार नहीं है लेकिन राजद बिहार की तरह यूपी में भी विपक्षी एकता को एक फ्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश करेगी. दुश्मन के खिलाफ लड़ाई के लिए विपक्षी पार्टियों को मतभेद भुलाकर साथ आने की जरुरत है. मैं अखिलेश यादव के संपर्क में हूं और डिफरेंसेज को दूर किया जाएगा.

महागठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बनाने पर सीएम नीतीश कुमार की निंदा करते हुए लालू प्रसाद ने कहा कि हाल के एपिसोड से हमलोगों ने बहुत कुछ सीखा है. इससे पहले विपक्षी ताकतों को एक मंच पर लाने में ज्यादा सफलता नहीं मिल पाई है. लेकिन इस बार हमलोग गंभीर प्रयास कर रहे हैं. महागठबंधन से नीतीश बाहर जाना सही रहा क्योंकि हमलोगों को उनकी मंशा का पता भी चल गया.

राजद सुप्रीमो ने कहा कि कॉमन मीनियम प्रोग्राम के लिए सभी विपक्षी पार्टियां  एक साथ बैठकर इसपर विचार विमर्श करेंगे.

उन्होंने खुलासा करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यूपी और बंगाल में भी पटना की तरह महारैली आयोजित करने की सलाह दी है और इस संबंध में जल्द ही डेट फाइनल किया जाएगा.

पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्ष के चेहरे के सवाल पर लालू प्रसाद ने कहा कि अभी काफी समय है. बिहार में हमलोग पहले भी फैसला ले चुके हैं. बड़ी पार्टी होने के बावजूद बिहार में नीतीश को मुख्यमंत्री के रुप में स्वीकार कर चुके हैं. अगर चेहरा घोषित करने की नौबत आएगी तो हमलोग खुले दिल से बातकर फैसला करेंगे.

राजद सुप्रीमो ने पहली बार ऐलान किया कि उनका छोटा बेटा और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पार्टी को आगे ले जाएंगे. तेजस्वी यादव अर्जुन की भूमिका में होंगे जबकि बड़े बेटे तेजप्रताप कृष्ण की तरह सारथी की भूमिका में रहेंगे.