फैसला टाल नहीं सकते नीतीश,क्या साफ होंगे राजनीतिक बादल?

पटना Live डेस्क. राज्य में बढ़ती सियासी खींचतान के बीच अब फैसला जेडीयू के लेना है. तेजस्वी यादव मंत्रिमंडल में बने रहेंगे या फिर मंत्रिमंडल से बाहर होंगे इसका फैसला नीतीश कुमार को करना है. आरजेडी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वो तेजस्वी के मामले पर झुकने को साफ तैयार नहीं है. ऐसे में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम उठाने के फैसले को नीतीश कुमार ज्यादा दिनों तक टाल नहीं सकते हैं. आज राजद और जेडीयू ने अपने-अपने विधायक दलों की बैठक बुलाई है. उधर विधानसभा के मॉनसून सत्र के शुरुआत होने से पहले ही मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने तेजस्वी यादव को लेकर अपने तेवर कड़े कर दिए हैं और इस मामले पर विधानसभा की कार्यवाही बाधित करने की चेतावनी दी है. ऐसे में तेजस्वी के कैबिनेट में बने रहने या फिर नहीं रहने की अपनी नीति को लेकर जेडीयू पर दबाव बढ़ गया है. इसलिए संभव है कि जेडीयू विधायक दल की बैठक के बाद विधानसभा के मॉनसून सत्र से पहले पार्टी कोई बड़े फैसले की घोषणा कर दे.

रोजाना बढ़ रहे इस सियासी खींचतान के बीच जेडीयू ने अभी तक तेजस्वी यादव पर कोई कार्रवाई नहीं की है. राजद के नेता तेजस्वी के मसले पर जेडीयू पर हमलावर है और वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने सीधे-सीधे नीतीश कुमार पर भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए हैं. इसमें राजद से सहानुभूति रखने वाले शिवानंद तिवारी भी रघुवंश सिंह का साथ देते दिखाई दे रहे हैं. शिवानंद तिवारी ने तो रघुवंश सिंह से एक कदम और आगे जाते हुए नीतीश कुमार पर भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. शिवानंद तिवारी ने कहा कि नीतीश कुमार दूध के धुले नहीं हैं,अगर बात खुलेगी तो गड़े मुर्दे उखड़ेंगे. ये बातें उन्होंने लालू प्रसाद से मुलाकात के बाद उऩके आवास से बाहर निकलकर कही. मैसेज साफ है कि राजद तेजस्वी के मामले पर कतई झुकने को तैयार नहीं है और वो इस बात का सीधा इशारा कर रहा है.

हालांकि, पिछले कुछ दिनों से जेडीयू इन बातों पर मौन है. वो फिलहाल इस मामले पर कुछ भी ज्यादा बोलने को तैयार नहीं है. कल तक राजद को निशाने पर लेने वाले पार्टी प्रवक्ता फिलहाल मामले से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं और केवल इतना कह रहे हैं कि इस मुद़दे पर पार्टी नेतृत्‍व फैसला करेगा।

जदयू नेता अब भले ही कुछ नहीं बोलें लेकिन जदयू महासचिव केसी त्यागी ने इस मुद्दे पर स्‍पष्‍ट संकेत दिए हैं। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि तेजस्वी या किसी भी बड़े राजद नेता ने अब तक तेजस्‍वी पर लगे आरोपों पर संतोषजनक सफाई नहीं दी है। उन्होंने कहा कि वे महागठबंधन को यूपीए-2 नहीं बनने दे सकते। उनका इशारा यूपीए 2 की सरकार में कई मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की ओर था। जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया था।

स्‍पष्‍ट है, महागठबंधन में जारी महाभारत के बीच मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार अब अपना फैसला और नहीं टाल सकते। पार्टी के राष्‍ट्रीय महासचिव केसी त्‍यागी ने भी स्‍पष्‍ट कहा है कि अपनी स्वच्छ छवि को बनाए रखने के लिए नीतीश पटना में सख्त कदम उठा सकते हैं।