बडी खबर -पत्रकार राजीव रंजन हत्याकाण्ड में शहाबुद्दीन समेत 7 पर आरोप पत्र गठन की तारीख मुकर्रर

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पटना Live डेस्क।बिहार के चर्चित पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में शहाबुद्दीन समेत सात अभियुक्तों के खिलाफ आरोप-पत्र गठन ख़ातिर तारीख मुक़र्रर कर दी गई है।पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में आरोपित अजहरुद्दीन बेग उर्फ लड्डन मियां  व सोनू कुमार गुप्ता की अर्जी को जिला जज हरेंद्र नाथ तिवारी ने खारिज कर दिया है । इस अर्जी में दोनों ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करने की प्रार्थना की थी । इसके साथ ही पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन सहित सात आरोपितों के खिलाफ आरोप तय होने का रास्ता साफ हो गया।।आरोप-पत्र के गठन होने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में इस मामले के ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी।कोर्ट में तिहाड़ जेल से मोहम्मद शाहबुद्दीन और सीवान जेल से लड्डन मियां की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जबकि दूसरे पांच अभियुक्तों की सशरीर कोर्ट में पेशी की गई।
विदित हों कि सीबीआई द्वारा 22 अगस्त 2017 को ही शाहबुद्दीन समेत सात अभियुक्ततो अजहरूद्दीन बेग उर्फ लड्डन मियां,विजय कुमार गुप्ता, रोहित कुमार सोनी,राजेश कुमार,रिशु कुमार जायसवाल व सोनू कुमार गुप्ता के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था। इसको संज्ञान में लेने के बाद विशेष सीबीआइ कोर्ट ने मामले को सत्र-विचारण के लिए जिला जज के कोर्ट में भेजा था। यहां सत्र- विचारण से पहले आरोप तय किए जाने को लेकर सुनवाई चल रही है।इस बीचआरोपित अजहरूद्दीन उर्फ लड्डन मियां व सोनू कुमार गुप्ता ने आरोप खारिज करने की अर्जी जिला जज के कोर्ट में दाखिल की थी।
अभियुक्तों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120-बी और 302 में आरोप-पत्र समर्पित किया जा चुका है। कोर्ट द्वारा अबतक एक आरोपी के खिलाफ आरोप-पत्र स्वीकार किया जा चुका है। सातों अभियुक्तों के खिलाफ कोर्ट में आरोप-पत्र गठन के बाद एक साथ सभी आठ लोगों के खिलाफ ट्रायल की प्रक्रिया चलेगी।

दिल्ली से बुलाए थे विशेष लोक अभियोजक

पिछली तारीख आठ मार्च को सीबीआइ ने दिल्ली से अपने विशेष लोक अभियोजक अतुल कुमार को बहस के लिए बुलाया था। उन्होंने कोर्ट में दोनों आरोपितों के खिलाफ साक्ष्य पेश किए थे। बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने इस मामले को आदेश पर रखा था।

कैसे हुआ था पत्रकार का मर्डरबिहार के सीवान में अपराधियों द्वारा 13 मई को पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए पत्रकार राजदेव रंजन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या तब की गई जब पत्रकार राजदेव रंजन अपने दफ्तर से निकल कर घर जा रहे थे। सीवान स्टेशन के समीप दो मोटर साइकल सवारों ने उन्हें रोका था। इन दोनों ने राजदेव रंजन से एक खबर की बाबत बात करनी चाही और उनका विसिटिंग कार्ड माँगा था।जैसे ही राजदेव अपनी बाइक को रोक कर पर्स से विसिटिंग कार्ड निकलकर दिया उसी दरमयान एक युवक ने अपनी पिस्टल निकाल ली और राजदेव के पेट में सटा दिया जबकि दुसरे युवक ने जैसे ही विजीटिंग कार्ड से कन्फर्म किया की यही राजदेव हैं पहले वाले ने गोली चला दी। गोली लगते ही राजदेव बाइक से नीचे गिर गए और फिर हमलावरों ने दूसरी गोली राजदेव के ठीक ललाट में मारी। दोनों ने हिला कर देखा भी की मौत हो गई है इसके बाद वे दोनों हवाई फायरिंग करते हुए निकल गए। जिसके बाद बिहार की राजनीति में एक भूचाल आ गया था।