आईपीएस कुमार आशीष की सामुदायिक पुलिसिंग का बिहार की सीमाओं के बाहर भी बजा डंका, पंजाब से मुक्त कराए गए नालन्दा के 29 मज़दूर सपरिवार

रजनीकांत, वरीय संवाददाता, बिहार शरीफ

पटना Live डेस्क। नालन्दा एसपी की अनोखी और बेहद कारगर पहल कम्युनिटी पुलिसिंग यानी सामुदायिक पुलिसिंग का असर कितना सार्थक और अनोखा है। इसकी बेहतरीन मिसाल तब दिखी जब अपने सूबे की सीमाओं को लांघते हुए आज नालंदा पुलिस ने पंजाब राज्य में बंधक बनाए गए मजदूरो को परिजनों और मासूम बच्चों के संग मुक्त करा लिया।

                       इस बाबत नालन्दा एसपी कुमार आशीष ने बताया कि अमूमन बरसात के बाद बिहार के मजदूर काम करने के लिए अन्य राज्यों में चले जाते हैं। कुछ मजदूर पूरे परिवार के साथ जाते हैं और जब बरसात का समय आता है तो काम करने के लिए वापस अपने घरों की ओर लौट आते हैं। इसी कड़ी में जिले के इस्लामपुर थाना अंतर्गत ग्राम गौरवनगर एवं सोहजना से विगत वर्ष अक्टूबर-नवंबर 2016 में 50-60 की संख्या में मजदूर परिवार सहित पंजाब के पटियाला जिले के सदर समाना थाना अंतर्गत नयागांव में ईंटभट्ठे पर मजदूरी करने के लिए गए थे। चूंकि बरसात का मौसम आ गया तो सभी परिजनों संग वापस अपने अपने घरों को लौटने लगे तो वहां पर करीब 29 की संख्या में मजदूरों को बंधक बनाकर रखने की बात पुलिस अधीक्षक नालंदा के संज्ञान में आयी। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पंजाब राज्य में बंधक बनाए मजदूरों को मुक्त करा कर वापस लाने हेतु एसपी द्वारा प्रवेंद्र भारती, डीएसपी हिलसा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया जिसमे दरोगा सुबोध कुमार ,थानाध्यक्ष इस्लामपुर ,दरोगा विशुनदेव कुमार, एएसआई अंजनी कुमार सिंह ,इस्लामपुर थाना को रखा गया। गठित टीम द्वारा स्थानीय स्तर पर मजदूर मुहैया कराने वाले लोकल ठेकेदार अरविंद यादव उर्फ नेता जी एवं संजय ठाकुर सोहजना थाना, इस्लामपुर जिला नालंदा से पूछताछ किया गया तो खुलासा हुआ हुआ कि उक्त दोनो व्यक्ति स्थानीय तौर पर मजदूरों को एकत्र कर मुख्य ठेकेदार गुड्डू महतो ,अजनौर (नूरसराय थाना )नालंदा को करीब 60 की संख्या में मर्द औरत मजदूर उपलब्ध कराए थे।


इसके लिए गुड्डू महतो ने उक्त दोनों ठेकेदार को 7 लाख रुपया दिए थे। गुड्डू महतो सभी मजदूरों को पंजाब के पटियाला जिला के सदर समाना थाना अंतर्गत नयागांव स्थित ईट भट्ठा मालिक जयपाल सरसेन के भट्ठे पर काम करने के लिए भेज दिया।बरसात का मौसम आ जाने के कारण वहां के मजदूर वापस अपने अपने घरों की ओर लौटने लगे तो ईंट भट्ठा  मालिक द्वारा हिसाब-किताब किया जाने लगा। ईंट भट्टा मालिक ने जितने रुपया ठेकेदार को दिए थे उस हिसाब से उनको लेबर मुहैया नहीं कराया गया था। हिसाब में भट्टा मालिक का ही रुपया निकल रहा था। स्थानीय लेबर ठेकेदार अरविंद यादव उर्फ नेता जी एवं संजय ठाकुर ने लिए रुपये के अनुरुप पर्याप्त संख्या में मजदूर उपलब्ध नहीं कराए और रुपया रख लिया गया गया।


इस बात को लेकर ईंटभट्ठा मालिक द्वारा करीब 29 मजदूरों को रोक लिया गया तथा उन्हें परिजनों संग बंधक बना लिया गया। गठित टीम द्वारा पूरे मामले का खुलासा करते हुए अविलंब पंजाब राज्य के पटियाला जिले के हरमनप्रीत सीमा पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष सदर समाना तहसीलदार सरदार रंजीत सिंह से संपर्क स्थापित कर वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए सहयोग करने का अनुरोध किया। उन लोगों के सहयोग से नालंदा पुलिस द्वारा बंधक बनाए गए सभी 29 मजदूरों को मुक्त करा लिया गया।
सभी मजदूर पंजाब से ट्रेन पकड़ कर वापस बिहार अपने अपने गांव लौट रहे हैं। स्थानीय लेबर ठेकेदार अरविंद यादव उर्फ नेता जी एवं संजय ठाकुर को डिटेन किया गया है ।नालंदा पुलिस की तत्परता एवं सक्रियता से पंजाब राज्य में ईंट भट्ठा पर बंधक बनाए गए सभी 29 मजदूरों को सकुशल मुक्त करा लिया गया है जो नालंदा पुलिस के सामुदायिक पुलिसिंग की कड़ी में एक और बड़ी उपलब्धि है।