Big News(वीडियो)नीतीश कुमार सुरक्षा के नाम पर ख़ाकी का क्रूर निर्दयी चेहरा, बीमार बूढ़े पिता को गोद मे उठाकर अस्पताल से बाहर लाया बेटा

0
100

बृज भूषण कुमार,ब्यूरो प्रमुख, पटनासिटी

पटना Live डेस्क। बिहार की राजधानी पटना में सीएम नीतीश कुमार के प्रोग्राम से पहले सुरक्षा के नाम पर पटना पुलिस का बेहद निर्दयी और क्रूर चेहरा दिखाई दिया है। खाकी वालो की क्रूरता का आलम यह रहा है, कि बाइक से एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल अपने बूढ़े बीमार पिता को इलाज के बाद टेस्ट कराने खातिर वह अस्पताल से बाहर ले जाने के खातिर आरजू मिन्नतें करता रहा पर पुलिस वाले टस से मस नही हुए। वही दूसरी तरफ युवक के बुजुर्ग पिता भी ऑपरेशन किये जाने और चलने में अपनी असमर्थता की दुहाई देते रहे पर पुलिस वालों की तो जैसे मानवता ही खत्म हो गई थी। खैर, मजबूर बेटा अपने पिता को गोद मे उठाकर कर पैदल अस्पताल से बाहर ले आया पर सुरक्षा के नाम पर खाकी वालो ने जरा सी भी मानवता नही दिखाई।
दरअसल सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री नितीश कुमार को एनएमसीएच में नवनिर्मित सेंटर ऑफ़ एक्सलेंस डायग्नोस्टिक भवन का उद्घाटन करना था। कार्यक्रम के कारण सुरक्षा को लेकर किसी भी वाहन को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था। इस वजह से यह सिलसिला सीएम के तय कार्यक्रम से लगभग घण्टो पहले से शुरू हुआ। इस कारण तमाम मरिजों को उनके परिजनों द्वारा गोद मे उठाकर अस्पताल में लाना और लेजाते देखा गया। अब सवाल उठता है यह कैसी  सुरक्षा व्यवस्था है जो लाचार और बीमार आम आदमी को भी सहूलियत नही देती? जबकि तमाम व्यवस्थाएं और निर्माण आम आदमी के नाम पर ही किये जाते है ?
राजधानी पटना में शनिवार को नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल का नव निर्मित बने सेंटर ऑफ़ एक्सलेंस डायग्नोस्टिक भवन का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री के हाथो होना था। इस उद्घाटन से पहले उस परिसर में एक ऐसा नजारा दिखा जिसे देखकर हम कह सकते है की वीआईपी के सामने आम जनता की।बिसात महज कीड़े मकोड़े जैसी भी नही है।
हुआ कुछ यू की जाँच केंद्र के नए भवन से मुख्य सड़क तक आने में करीब दो सौ मीटर मरीज को पैदल या वाहन से जाना पड़ता है। शनिवार की सुबह वैशाली के 65 वर्षीय मरीज राम दयाल महतो को एक्सरे के लिए रिक्शा से जाँच सेंटर तक ले जाया गया।लेकिन दोपहर को 4 बजे मुख्यमंत्री का कार्यक्रम होने के कारण पुलिस वाले और गार्ड किसी भी रिक्शा या वाहन को अंदर नहीं जाने दे रहे थे। परिजनों ने काफी गुहार लगाई की रिक्शा को अंदर जाने दे लेकिन वहाँ तैनात गार्ड रिक्शा वाले को भी उद्घाटन स्थल के भवन के पास नहीं जाने देने पर अडिग रहा। जिसके बाद रोगी का बेटा अपने बूढ़े पिता को किसी प्रकार से हाथो के सहारे गोद मे उठाकर बाहर तक लाया। इस दौरान कभी वो ठहराता तो कभी पिता को उठाकर चंद मीटर चलता। वही, ऑपरेशन के बाद बिल्कुल लाचार हो गए पिता और साथ चल रही उसकी बुजुर्ग माँ यह दृश्य जिसने भी देखा वीआईपी कल्चर को कोसता दिखा। वही बीमार लाचार राम दयाल महतो ने जो कहा वो आप खुद सुन लीजिए …