BIG NEWS — फ्रॉड है सुपर थर्टी फेम आनंद कुमार पीआईएल में IIT-G का 4 छात्रों का आरोप, गुवहाटी हाईकोर्ट ने भेजा नोटिस, कसा कानूनी शिकंजा

पटना Live डेस्क।बिहार की राजधानी पटना के जाने-माने गणित गुरु और आईआईटी कोचिंग संस्थान सुपर -30 के संचालक आनंद कुमार विगत कुछ वर्षों से लगातार विवादों में हैं। विवाद का कारण उनके ही तथाकथित स्टूडेंट्स के दावे हैं। जिनमें कहा गया है कि आनंद कुमार ने नेम फेम पाने के लिए लोगों को गलत जानकारी देकर लगातार गुमराह करते है। वही, बात अगर साल 2018 की करे तो आनंद कुमार ने दावा किया था कि उनकी कोचिंग सुपर-30 के 26 बच्चों ने जेईई एडवांस में सफलता पाई है। जबकि उनके ही कोचिंग के विद्यार्थियों का दावा रहा है कि इस बार महज 3 बच्चे ही जेईई-एडवांस में क्वालीफाई कर पाए हैं। वही, दूसरी तरफ लगातार उठते सवालों के बावजूद भी आनंद कुमार ने अबतक जैसा कि उनका दावा है (2018 में सुपर थर्टी के 26 छात्रों ने सफलता पाई है) के नाम घोषित नही कर पाए है। इसको लेकर सुपर थर्टी के सफलताओं के आंकड़ों पर कई तरह के सवाल और प्रश्नचिन्ह लगने लगे है। इसी बीच गुवहाटी हाईकोर्ट ने आईआईटी के 4 छात्रों की जनहित याचिका पर जवाब देने के लिए शैक्षणिक कार्यक्रम ‘सुपर 30’ के संस्थापक आनंद कुमार को शुक्रवार को नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही साथ पूर्व पुलिस महानिदेशक अभयानंद को भी नोटिस जारी किया जिन्होंने 2002 में कुमार के साथ मिलकर ‘सुपर 30’ की स्थापना की थी।
गुवहाटी हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुप कुमार गोस्वामी और न्यायमूर्ति अजीत बोरठाकुर की खंडपीठ ने आनंद कुमार को नोटिस जारी किया और उन्हें जनहित याचिका में लगाए गए  आरोपों पर जवाब देने का निर्देश दिया।याचिकाकर्ताओं के वकील अशोक शराफ ने अदालत से कहा, आनंद कुमार द्वारा गलत तस्वीर पेश करने से हर साल पूर्वोत्तर और देश के अन्य हिस्सों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी इस पूर्ण विश्वास और उम्मीद से उनसे संपर्क करते हैं कि आईआईटी बाबा दिखने वाले आनंद कुमार आईआईटी की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कराने में उनकी मदद करेंगे। शराफ ने कहा लेकिन वहां पहुंचने के बाद आनंद कुमार ने उनसे रामानुज स्कूल ऑफ मैथेमेटिक्स नामक अपने कोचिंग संस्थान में दाखिल लेने को कहा और कोचिंग देने के नाम पर उनसे 33000 रुपये प्रति विद्यार्थी वसूले।वही, याचिकाकर्ताओं के अन्य वकील अमित गोयल ने कहा कि जनहित याचिका में कहा गया है कि ज्यादातर समय आनंद कुमार देश में विभिन्न स्थानों और विदेश में यात्रा करते हैं। वह उन आईआईटी प्रवेश परीक्षार्थियों पर पर्याप्त समय नहीं देते हैं जो रामानुजम स्कूल ऑफ मैथेमेटिक्स में दाखिला लेते हैं। गोयल ने कहा आईआईटी गुवाहाटी के इन 4 विद्यार्थियों से बातचीत और पूछताछ करने पर इस बात का खुलासा हुआ है कि 2008 के बाद आनंद कुमार ‘सुपर 30’ कक्षाएं नहीं ले रहे हैं। जब भी आईआईटी प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित होता है, तो आनंद कुमार रामानुजम स्कूल ऑफ मैथेमेटिक्स के कुछ विद्यार्थियों और कुछ अन्य विद्यार्थियों के साथ मीडिया के सामने पेश होते हैं और दावा करते हैं कि वे सुपर 30 के छात्र हैं और उन्होंने आईआईटी प्रवेश परीक्षा में सफलता मिली है।           वही, सराफ ने कहा कि आनंद कुमार के दुष्प्रचार से न केवल आईआईटी की तैयारी करने वाले विद्यार्थी बल्कि उनके अभिभावक भी ठगे जाते हैं। यह एक किस्म का फ्रॉड है।