‘केरल’ में वॉटर फॉल्स का नज़ारा : मॉनसून का असली मज़ा

पटना Live डेस्क। मॉनसून आपको बाहर घूमने जाने के लिए मानो मजबूर कर ही देता है। बारिश देख कर मन अंदर से प्रफुल्लित हो जाता है और इस मौसम में प्रकृति की खूबसूरती देख कर और प्रकृति की और भी नयी चीजों को एक्स्प्लोर करने के लिए दिल मचलने लगता है। इस मौसम में ऐसा लगता है जैसे सभी पेड़ पौधे नहाकर एकदम फ्रेश हो गये। भारत में पहाड़, नदियां, हरे-भरे खेत या फ़िर समंदर के किनारे और खूबसूरत डेस्टिनेशंस की कोई कमी नहीं है। लेकिन मानसून में जिसे देखने का सबसे ज्यादा मजा आता है, वो है ‘वाटरफाल्स’। केरल का वाटरफॉल शहर को बेहद खूबसूरत बनाता है जिन्हें देखने पर आँखों को ठंडक पहुँचती है साथ ही आपका मन भी खुश हो जाता है। साथ ही सभी जानतें हैं कि केरल राज्य अपने घने जंगल, नदी, पहाड़ और खूबसूरत झरनों के लिए प्रसिद्द है। तो क्यों न आप इस मॉनसून केरल हो कर आयें ?

केरल की कुछ ख़ास वॉटर फॉल्स :

1. मीनमुट्टी फॉल्स वायनाड जिले में कलपेता से 29 किमी दूर स्थित मीनमुट्टी फॉल्स300 मीटर की ऊंचाई से गिरने वाला खूबसूरत झरना है। इस झरने तक पहुँचने के लिए आपको घने जंगलो से होकर जाना होगा जो बेहद ही रोमांचक होता है।


2. अरुविखहुजी वाटरफॉल देखने के लिए मॉनसून बेस्ट सीजन है क्योंकि झरना सिर्फ मानसून के मौसम में ही देखा जाता है। बड़ी चट्टान से गिरता हुआ झरना बेहद ही खूबसूरत नजर आता है । पर्यटक इस झरने पर ट्रैकिंग का भी लुत्फ उठा सकते हैं। यह झरना केरल राज्य में कोट्टयम में पल्लीरिकथोड से 2 किमी की दूरी पर स्थित है,यह झरना करीबन 30 फुट ऊंचाई से गिरता है।

3. अथिराप्पिल्ली वॉटर फॉल्स को नियाग्रा फाल्स ऑफ़ इंडिया भी कहा जाता है जो 24 मीटर की ऊंचाई से गिरता है और नीचे नदी में शामिल हो जाता है। झरना विभिन्न स्थानों से देखा जा सकता है, सड़क जो जंगल के रस्ते से और झरने को ऊपर से भी झरने से पानी गिरने का बेहतरीन नज़ारा देखा जा सकता है। वहां पर छोटे रेस्तरां और पर्यटकों के आराम करने के लिए कॉफ़ी शॉप भी हैं।

4. चारपा प्रपात मानसून के मौसम में चारपा प्रपात को काफी खूबसूरत नजर आता है। यह वाटरफाल तमिलनाडु को केरल से जोड़ने वाले राजमार्ग पर स्थित है। त्रिशूर से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह झरना कोई चमत्कार नहीं है,मानसून में यहाँ मूसलाधार वर्षा होती है तो पानी की छोटी लहरें रास्ते पर आ जाती हैं। 25 मीटर की ऊँचाई से गिरते हुए इस प्रपात की ऊँचाई उतना प्रभावित नहीं करती परंतु बड़ी चट्टानों के ऊपर अशांत, प्रसन्न करने वाली चट्टानों के ऊपर अशांत, प्रसन्न करने वाली धारा में से उमड़ता हुआ पानी देखने लायक होता है।

5. वाजहाचल झरना वाजहाचल झरना, अथिराप्पिल्ली के वर्षावन में शोलायार पर्वतमाला में स्थित है । यह अथिराप्पिल्ली झरना से पांच किमी और चलाकुद्द्य जंगलों से 36 किमी की दूरी पर है। झरने के सुरम्य सौंदर्य उन लोगों के लिए है जो शहर की तनावपूर्ण जीवन को पीछे छोड़ना चाहते हैं। इसकी धारा अथिराप्पिल्ली झरने के विपरीत है, क्योंकि यह एक झरने की तरह कम बल्कि एक तेज़ बहती नदी की तरह लगता है।

6. सुचीपाड़ा प्रपात केरल के खूबसूरत और प्रसिद्ध झरनों में से एक सुचीपाड़ा प्रपात सेंटिनल रॉक झरने के रूप में भी जाना जाता है। यह झरना सदाबहार और मोंटेना के जंगलों से घिरा हुआ है।विशाल पहाड़ियों और घने जंगलों से घिरा, यह 100 फीट से 300 फीट की ऊंचाई से गिरता है। इस झरने के नीचे एक पूल है, जो राफ्टिंग और तैराकी के लिए उपयुक्त है। इस झरने के आसपास खूबसूरत चाय के बगान भी देखे जा सकते हैं।

7. थुशरिग्रि फॉल्स केरल राज्य के कोझीकोड जिले में स्थित है। यह झरना पश्चिमी घाट से बहने वाली दो नदियों से बनता है ,थुषागिरि शब्द का अर्थ बर्फ से ढकी हुई पर्वत है। यह झरना करीबन 75 मीटर (246 फीट) की ऊंचाई से गिरता है। पहाड़ों से गिरता ये झरना न सिर्फ़ देखने में मनमोहक है, बल्कि ये जगह रॉक क्लाइम्बिंग और ट्रैकिंग के लिए भी मशहूर है।

 

8. परुन्तेंरुवी झरना परुन्तेंरुवी झरना रानी तालुक के वेचुइचिरा पंचायत में स्थित एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। इस झरने का एक किनारा कुदामुरुट्टी है और वचूचीरा दूसरा किनारा है। यह झरना अपने आसपास के इलाकों में अपने शांत वातावरण के लिए काफ़ी मशहूर हैं।