BIG NEWS — राजद पर लटकी मान्यता गंवाने की तलवार, चुनाव आयोग ने जारी किया नोटिस

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पटना Live डेस्क। राजद सुप्रीमो के चारा घोटाले में सज़ावार होकर जेल में कैद होने और दूसरी तरफ राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के कानूनी पचड़ों में उलझे होने से हलकान लालू प्रसाद यादव की सियासी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल पर अब मान्यता गंवाने की तलवार लटक गई है।पार्टी द्वारा वित्तीय वर्ष 2014-15 का फाइनेशियल ऑडिट रिपोर्ट नही जमा किये जाने को लेकर चुनाव आयोग ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। जारी किए गए नोटिस में चुनाव आयोग ने पूछा है कि राजद द्वारा चुनाव आयोग के नियमों की अवहेलना करने पर पैरा 16A के तहत क्यों ना चुनाव चिन्ह वापस लेना चाहिए। चुनाव आयोग से मिली जानकारी की अनुसार 8 रिमाइंडर के बावजूद भी राजद के द्वारा वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट जमा नहीं करा गया है।
13 अप्रैल को चुनाव आयोग द्वारा राजद को जारी हुए सो कॉज नोटिस में कहा गया है कि कॉमन कॉज वर्सेस यूनियन ऑफ इंडिया एंड अदर्स (एआईआर- 1996 एससी 3081) केस में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आयोग सभी पार्टियों को समय-समय पर वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट जारी करने के निर्देश जारी करता है। यह रिपोर्ट प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर तक चुनाव आयोग में जमा करानी होती है। लेकिन राजद द्वारा भेजे गए रिमांडर के बावजूद ऑडिट रिपोर्ट नही सम्मिट किया गया है।

चुनाव आयोग द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि आपकी पार्टी ने 2014-15 की ऑडिट रिपोर्ट 31 अक्टूबर 2015 की अंतिम तिथि तक जमा नहीं कराई। इसे जमा कराने के लिए 13 मार्च 2018 तक चुनाव आयोग द्वारा लगातार रिमाइंडर भेजे जाते रहे। इसके बावजूद भी आपकी पार्टी ने यह ऑडिट रिपोर्ट नहीं जमा कराई है। ऐसे में क्यों न राजद का राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा वापस ले लिया जाए?

इस नोटिस में चुनाव आयोग ने कहा है कि राजद द्वारा ऑडिट रिपोर्ट जमा न कराए जाने के पीछे भी कोई वाजिब कारण नहीं बताया है। ऐसे में 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले राजद को बड़ा झटका लग सकता है। साथ ही साथ लालू यादव के कॉंग्रेस के संग मिलकर विपक्षी दलों के मजबूत गठबंधन बनाकरकेंद्र की वर्त्तमान भाजपा सरकार को पटखनी देने की कवायद पर भी अप्रत्यशित रूप से विराम लग सकता है। वही अब देखना ही कि राजद इस नोटिस का जवाब और इस नई आफत से कैसे निपटता है।