बेमिसाल – वाह ! युवक ने पेश की मिसाल दहेज देने में असमर्थ लड़की वालों का दिया साथ मंदिर में लिए सात फेरे

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पटना Live डेस्क। तारीखे गवाह है अमूमन कहते है किसी भी सामाजिक बदलाव या कुरीति को मुंहतोड़ जबाब युवा वर्ग ही देता है। ठीक कुछ ऐसा ही काम बिहार की राजधानी पटना जिले के पालीगंज के जरखा निवासी अमरनाथ कुमार ने किया है। अमरनाथ न केवल एक सामाजिक बुराई को मुंहतोड़ जवाब दिया है बल्कि समाज के सामने एक बेहतरीन उदाहरण और मिसाल पेश किया है।
दरअसल, शादी करने वाली लड़की बिहटा निवासी स्व सूरज पाल की बाइस वर्षीय पुत्री रानी कुमारी है और पालीगंज के जरखा निवासी अर्जुन भगत के बेटे 25 साल के अमरनाथ कुमार है।मंदिर के पुजारी ने बताया कि लड़के के पिता की गैर मौजूदगी में यह विवाह संपन्न हुआ है।
शादी के बंधन बध चुके अमरनाथ और रानी ने कहा कि दहे प्रथा सामाजिक,आर्थिक,नैतिक और राष्ट्रीय दृष्टि से अत्यन्त हानिकारक और घोर निंदनीय है। इसके कारण गरीब घर की सुयोग्य कन्याएं, साधन सम्पन्न परिवारों के पास नहीं पहुँच पा रही है। जिस पिता के पास कई कन्याएं होती हैं,वह अत्याधिक चिंतित रहता है। गलत तरीके से बेटी को दहेज देने के लिए पैसे इक्‍ट्ठा करता है। इस पर भी यदि धन जुटाने में सफलता न मिली तो कई बार बड़ी हृदय विदारक दर्दनाक घटित हो जाती हैं।
दरअसल,लड़की वाले जब दहेज की रकम देने में असमर्थतता जताने लगे तो लड़के के लोभी पिता ने अपने बेटे की शादी करने से स्पष्ट तौर से इंकार कर दिया। इस बात की जानकारी जब युवा पुत्र को लगी तो वह गुस्से से बिफ़र उठा और आगे बढ़कर उसने स्वयं दुल्हन से शादी करने का प्रस्ताव रखा। लड़के के इस प्रस्ताव को लड़की के घरवालों से सहर्ष स्वीकार करते हुए दोनों की शादी हिन्दू रीति रिवाज से मंदिर में करा दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार,अमरनाथ और रानी दोनों आपस मे प्रेम करते थे। प्रेम परवान चढ़ा तो दोनों ने अपने परिजनों को शादी करने के लिए राजी  किया। लेकिन लड़के के पिता ने लड़की के परिजनों से शादी में अपने पास से कुछ भी रुपये खर्च करने से साफ तौर से इनकार कर दिया।साथ कहाअमरनाथ की शादी बड़े धूमधाम से होनी चाहिए आप शादी का सारा खर्च उठा ले।शादी की खर्च की लिस्ट देख लड़की के परीजन व्यवस्था में लग गए। लेकिन उनकी परेशानी को देख रानी से रहा नही गया और सारी समस्या से प्रेमी अमरनाथ को अवगत करा दिया। इसके बाद अमरनाथ खुद रानी के घर पंहुच गया और मंदिर में शादी रचा ली।                     इस शादी की को देखने के लिए काफी संख्‍या में लोग मंदिर परिसर में इक्‍ट्ठे हो गए थे। लोगों को जब हकीकत मालूम हुई तो कहा कि वाह! बेटा हो तो अमरनाथ के जैसा। यदि सभी लड़के इसी तरह से दहेज और फिजूलखर्ची का विरोध करने लगें तो समाज से कुरीतियां समाप्‍त हो जायेगी।

 

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